सरकारी स्कूलों में मिलेगी JEE, NEET की फ्री कोचिंग:9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए हफ्ते में 2 दिन ट्रेनिंग में भाग लेना अनिवार्य, हिमाचल सरकार ने जारी किया 5 करोड़ का फंड

शिमला2 महीने पहले
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शिक्षक दिवस के मौके पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने प्रदेश में मुफ्त में जेईई और नीट की कोचिंग योजना का शुभारंभ किया। - Dainik Bhaskar
शिक्षक दिवस के मौके पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने प्रदेश में मुफ्त में जेईई और नीट की कोचिंग योजना का शुभारंभ किया।

हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अब मुफ्त में जेईई और नीट की कोचिंग दी जाएगी। 9वीं से 12वीं कक्षा तक के हर एक विद्यार्थी को यह कोचिंग मिलेगी। प्रदेश सरकार इस पर 5 करोड़ रुपए तक खर्च करेगी। रविवार को शिक्षक दिवस के मौके पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने इस योजना का शुभारंभ किया। इस योजना को स्वर्ण जयंती अनु शिक्षण योजना का नाम दिया गया है।

योजना 2 चरणों में चलेगी। शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई के लिए तैयार किए गए कार्यक्रम 'हर घर पाठशाला' के माध्यम से ही कोचिंग दी जाएगी। शनिवार और रविवार हफ्ते में 2 दिन इस ट्रेनिंग में भाग लेना हर छात्र के लिए अनिवार्य होगा। इसके लिए गैर सरकारी संस्था की भी मदद ली जाएगी। ऐसे में हिमाचल के बच्चे जो प्रदेश से बाहर जाकर जेईई और नीट की कोचिंग के लिए लाखों रुपए खर्च करते थे, अब हिमाचल में ही निशुल्क कोचिंग मिल जाएगी।

बच्चों को सिखाई जाएंगी बेसिक चीजें

शिक्षा विभाग के अनुसार 9वीं से 11वीं तक के हर छात्र के लिए कोचिंग अनिवार्य होगी। उन्हें बेसिक चीजों के बारे में जानकारी दी जाएगी। पहले चरण में विज्ञान और गणित की कोचिंग दी जाएगी। नीट में किस तरह के प्रश्न आते हैं। जेईई में किस तरह का पेपर होता है। कौन-कौन सी किताबें टेस्ट की तैयारी के लिए पढ़नी चाहिए इस तरह से जानकारी दी जाएगी। 11वीं पास कर जब बच्चे 12वीं में पहुंच जाएंगे तो उनका टेस्ट लिया जाएगा। टेस्ट उत्तीर्ण करने वाले छात्रों का चयन फाइनल कोचिंग के लिए किया जाएगा। इसमें छात्रों की रुचि भी देखी जाएगी कि12वीं पास करने के बाद छात्र मेडिकल या इंजीनियरिंग फील्ड में जाना चाहते हैं या नहीं। बच्चों के सवालों के जवाब टीचरों को ही देने होंगे। ऐसे में उनकी भूमिका इस कोचिंग में काफी हम बन जाएगी

5 करोड़ रुपए होंगे खर्च

प्रदेश सरकार इस पर 5 करोड़ खर्च करेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने बजट भाषण में इसकी घोषणा की थी। विभाग के पास पर्याप्त बजट है, ऐसे में आने वाले समय में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। प्रदेश में ऐसे मेधावी बच्चे जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रदेश से बाहर कोचिंग लेना चाहते हैं। उनके लिए 1 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। मेधावी छात्रों के लिए मेधा प्रोत्साहन योजना के तहत यह राशि दी जाती है।

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