किन्नौर हादसे और रेस्क्यू के 12 फोटो:मलबे में दबी बस के ड्राइवर का फोन चालू था, लोगों ने कॉल करके बचाने की गुहार लगाई; सेना और ITBP रेस्क्यू के लिए पहुंची

शिमला4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

बरसात में हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों में लैंडस्लाइडिंग की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। किन्नौर में बुधवार को पहाड़ों से गिरती चट्टानों ने नेशनल हाईवे-5 से गुजर रही हिमाचल रोडवेज की बस समेत एक ट्रक और दो कारों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई, वहीं करीब 60 लोगों के मलबे में फंसने की खबर है। अब तक 10 लोगों को रेस्क्यू किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, पहाड़ से गुजर रही जो बस मलबे में दब गई थी, उसके ड्राइवर का फोन चालू था। बस के कंडक्टर और मुसाफिरों ने उसी फोन से कॉल करके मदद मांगी। इसके बाद रेस्क्यू टीम लोगों को बचाने पहुंचीं। हादसे के बाद के हालात इन तस्वीरों में देखिए...

पहाड़ से मलबा हटाकर गाड़ियों को निकालते हुए आर्मी और स्टेट रेस्क्यू टीम के जवान।
पहाड़ से मलबा हटाकर गाड़ियों को निकालते हुए आर्मी और स्टेट रेस्क्यू टीम के जवान।
मलबे में दबी गाड़ी को बाहर निकालने की कोशिश करते हुए रेस्क्यू टीम के मेंबर।
मलबे में दबी गाड़ी को बाहर निकालने की कोशिश करते हुए रेस्क्यू टीम के मेंबर।
हादसे के बाद एक कार मलबे में ढंक गई थी, रेस्क्यू टीम ने इसके मुसाफिरों को निकाला।
हादसे के बाद एक कार मलबे में ढंक गई थी, रेस्क्यू टीम ने इसके मुसाफिरों को निकाला।
फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए पहाड़ का मलबा हटाते रेस्क्यू टीम के जवान।
फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए पहाड़ का मलबा हटाते रेस्क्यू टीम के जवान।
चट्टानें गिरने से एक ट्रक और कार पूरी तरह बर्बाद हो गई, ट्रक ड्राइवर को रेस्क्यू किया गया है।
चट्टानें गिरने से एक ट्रक और कार पूरी तरह बर्बाद हो गई, ट्रक ड्राइवर को रेस्क्यू किया गया है।
घटनास्थल पर राहत-बचाव के लिए पहुंची एंबुलेंस समेत दूसरी गाड़ियां।
घटनास्थल पर राहत-बचाव के लिए पहुंची एंबुलेंस समेत दूसरी गाड़ियां।
शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर बड़े पत्थर गिरने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर बड़े पत्थर गिरने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
आईटीबीपी के जवानों के मौके पर पहुंचने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आई।
आईटीबीपी के जवानों के मौके पर पहुंचने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आई।
लैंड स्लाइडिंग के बाद हाईवे बंद होने से बड़ी संख्या में लोग बीच रास्ते में फंस गए हैं।
लैंड स्लाइडिंग के बाद हाईवे बंद होने से बड़ी संख्या में लोग बीच रास्ते में फंस गए हैं।
सेना की टुकड़ी भी राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गई है।
सेना की टुकड़ी भी राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गई है।
नेशनल हाईवे-5 पर अभी भी पहाड़ों से लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है।
नेशनल हाईवे-5 पर अभी भी पहाड़ों से लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है।
पहाड़ों के मलबे से हाईवे पूरी तरह ब्लॉक हो गया, रेस्क्यू टीम को भी पहुंचने में मुश्किल हुई।
पहाड़ों के मलबे से हाईवे पूरी तरह ब्लॉक हो गया, रेस्क्यू टीम को भी पहुंचने में मुश्किल हुई।

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, मूरंग से हरिद्वार जा रही हिमाचल परिवहन पथ निगम (HRTC) की एक बस, एक ट्रक और 2 कारों समेत 4 दूसरी गाड़ियां मलबे में दबी हुई हैं। रेस्क्यू टीम इन्हें निकालने की कोशिश कर रही है।

चलती बस पर गिरा पहाड़:किन्नौर-हरिद्वार हाईवे पर एक बस और दो कारें चट्टानों की चपेट में आए, एक यात्री की मौत; 60 से ज्यादा मलबे में दबे

इससे पहले गत 25 जुलाई को भी किन्नौर में भूस्खलन के बाद एक पहाड़ी से चट्‌टानें नीचे आ गिरी थीं। हादसे में 9 टूरिस्ट्स की मौत हो गई थी। उस वक्त चट्टानें इतनी तेज रफ्तार से गिरी थीं कि उनकी चपेट में आने से बस्पा नदी का पुल तक टूट गया था। इस घटना में हिमाचल घूमने गए राजस्थान के 4, छत्तीसगढ़ के 2 और एक-एक महाराष्ट्र और वेस्ट दिल्ली के पर्यटकों की मौत हो गई थी।

खबरें और भी हैं...