हिमाचल पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला:सवाल- छपाई के लिए बिहार की प्रिंटिंग प्रेस क्यों चुनी, 42 दिन बाद भी CBI जांच क्यों नहीं

शिमला3 महीने पहले
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष नरेश चौहान।

हिमाचल सरकार पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में घिरती जा रही है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष नरेश चौहान ने शिमला में प्रेस वार्ता करके कहा कि एक महीना 12 दिन बीत गए। अब तक CBI ने मामले की जांच अपने क्यों नहीं ली? यदि मोदी हिमाचल में अपनी ही सरकार के खिलाफ CBI नहीं भेजना चाहते हैं तो इस मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अगुवाई में कमेटी गठित की जाए।

नरेश चौहान ने DGP संजय कुंडू से सवाल किया कि पेपर छापने के लिए बिहार की प्रिंटिंग प्रेस क्यों सिलेक्ट की गई? हिमाचल की सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में पेपर को क्यों नहीं छापा गया। कौन-कौन अधिकारी पेपर छापने के लिए गए थे। उनसे अब तक पूछताछ क्यों नहीं की गई है। ऐसा इसलिए कहा गया है, क्योंकि SIT दावा कर रही है कि प्रिंटिंग प्रेस से ही पेपर लीक हुआ है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की SIT केवल पेपर के लिए पैसे देने वाले बच्चों और छोटे स्तर के दलालों को गिरफ्तार कर रही। पेपर लीक में शामिल असल गुनहगार और बड़ी मछलियों से अब तक पूछताछ भी नहीं की गई। यराम सरकार पेपर लीक मामले को दबाना चाहती है, लेकिन कांग्रेस इसे चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाएगी, क्योंकि पेपर लीक ने राज्य के डेढ़ लाख से अधिक युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है।

DGP कुंडू के दावों पर उठाए सवाल

नरेश चौहान ने कहा कि कि पेपर लीक पुलिस अधिकारियों की लापरवाही से हुआ है, लेकिन अभी तक एक भी पुलिस अधिकारी से पूछताछ नहीं की गई है। उन्होंने DGP संजय कुंडू के दावों पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा हो रही थी तो उस दौरान कुछ ऑफिसर ने पेपर लीक की शंका जाहिर कर दी थी, लेकिन DGP उस दौरान भी रिजल्ट घोषित करने का बात करते रहे।

CM सुनिश्चित करें जवाबदेही: चौहान

चौहान ने कहा कि प्रिंटिंग प्रेस का छोटा-सा कर्मचारी इतने सुनियोजित ढंग से पेपर लीक नहीं कर सकता, क्योंकि जिस तरह से बच्चों को पेपर रटाया गया है, वह SIT की जांच पर सवालियां निशान उठाने के लिए काफी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है, क्योंकि पुलिस पेपर लीक ने हिमाचल का नाम देशभर में बदनाम किया है।

अग्निपथ भर्ती योजना को वापस ले सरकार: चौहान

नरेश चौहान ने अग्निपथ भर्ती योजना को युवाओं से धोखा बताते हुए इसे जल्द वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब बिना चर्चा के यह स्कीम लाई गई तो इसे वापस लेने को प्रतिष्ठा से नहीं जोड़ना चाहिए। देश का युवा जब सड़कों पर इसका विरोध कर रहा है तो सरकार को यह स्कीम वापस लेनी चाहिए।