हिमाचल में रोपवे पर फंसे टूरिस्टों की कहानी:बोले- मांगने पर भी नहीं मिला डॉक्टर; 3 घंटे बाद नसीब हुआ पानी

शिमला3 महीने पहले

हिमाचल प्रदेश के परवाणू टिंबर ट्रेल रोपवे से सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद लोगों ने अपनी आपबीती बताई। दिल्ली के एक पर्यटक ने बताया कि उन्हें मांगने पर भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं कराया गया। ट्रॉली के हवा में लटकने के बाद दो व्यक्तियों की तबीयत भी काफी बिगड़ गई थी।

इस दौरान जिन लोगों को रेस्क्यू किया गया उनमें प्रवीण गर्ग पुत्र सरजीवन लाल गर्ग निवासी मॉडल टाउन दिल्ली और उनकी पत्नी कनिका गर्ग, राजेश गर्ग पुत्र वकील चंद गर्ग निवासी आदर्श नगर दिल्ली​​​ और उनकी पत्नी​​​​ अंजू गर्ग, आनंद गोयल पुत्र मदन लाल गोयल निवासी विवेक विहार दिल्ली और उनकी पत्नी डिंपल गोयल, गोपाल गुप्ता पुत्र मनु लाल निवासी आनंद विहार दिल्ली और उनकी पत्नी शीतल गुप्ता, मनोज गोयल पुत्र निहाल चंद गोयल निवासी टैगोर रोड आदर्श नगर दिल्ली उनकी पत्नी रीता गोयल और जींद हरियाणा निवासी चिराग गोयल शामिल हैं।

केबल कार से रेस्क्यू किए गए पर्यटक।
केबल कार से रेस्क्यू किए गए पर्यटक।

पर्यटकों ने फंसने के बाद खाना और पानी की मांग की तो उन्हें तीन घंटे बाद पानी मिला। उन्होंने जिला इंतजाम को नाकाफी बताते हुए कहा कि यदि प्रशासन के पास स्ट्रैचर होते तो उन्हें एक से डेढ़ घंटे के भीतर रेस्क्यू किया जा सकता था। पर्यटकों ने बताया कि हवा में केबल कार के अटकने के बाद शुरू के आधे घंटे तक वह होटल टिंबर ट्रेल मैनेजमेंट से बात करते रहे। होटल प्रबंधन से जब कुछ नहीं बना तब उन्होंने पुलिस और मीडिया से बात की है।

केबल कार से पर्यटक को रेस्क्यू करते हुए और मौके पर इकट्‌ठे हुए लोग।
केबल कार से पर्यटक को रेस्क्यू करते हुए और मौके पर इकट्‌ठे हुए लोग।

5 घंटे तक अटकी रहीं सांसें

ज्यादातर पर्यटक रेस्क्यू होने के बाद घबराहट के कारण काफी देर तक बातचीत करने की स्थिति में नहीं थे। पांच घंटे से भी अधिक समय तक उनकी जान हलक में अटकी रही। टिंबर ट्रेल की ट्रॉली जमीन से 300 फुट से भी अधिक ऊंचाई पर 5 घंटे से भी ज्यादा समय तक अटकी रही। वहीं दिल्ली की ही एक महिला ने रेस्क्यू होने के बाद प्रशासन का आभार भी जताया है। उसका एक वीडियो भी सामने आया।

रेस्क्यू किए गए पर्यटक को प्राथमिक सहायता देते स्वंयसेवी।
रेस्क्यू किए गए पर्यटक को प्राथमिक सहायता देते स्वंयसेवी।

ट्राली में फंसे होने के दौरान की आपबीती

दिल्ली के पर्यटकों ने 12 बजे के बाद टिंबर ट्रेल ट्रॉली में खुद ही अपने फंसे होने की जानकारी वीडियो बनाकर दी। इसमें पर्यटक अपने आपको रेस्क्यू करने की अपील करते रहे। वीडियो में लोगों ने कहा कि घबराहट के कारण उनकी हालात खराब हो रही है। कई लोग बुजुर्ग होने की वजह से रस्सी से नहीं उतर पाएंगे क्योंकि जिला प्रशासन इन्हें रस्सी के जरिए रेस्क्यू करने की कोशिश करता रहा।

ट्रॉली में फंसे कई लोग अपने आपको को शुगर, बीपी का मरीज बताते रहे। एक महिला ने बताया कि उनके घुटनों में दर्द है और एक अन्य महिला हार्ट-पेशेंट होने की वजह से रस्सी से उतरने को इंकार किया। इसलिए वह रस्सी से नहीं उतर पाएंगे।

रेस्क्यू किए जाने के बाद मामले की जानकारी देते दिल्ली के पर्यटक।
रेस्क्यू किए जाने के बाद मामले की जानकारी देते दिल्ली के पर्यटक।