हिमाचल प्रदेश में टूरिज्म सेक्टर ठप:1 लाख करोड़ से ज्यादा की मार्केट है; अब 5 से 10% रह गई पर्यटकों आवक, कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने कराया नुकसान

शिमला5 महीने पहले
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टूरिस्टों से गुलजार रहता था शिमला का माल रोड। - Dainik Bhaskar
टूरिस्टों से गुलजार रहता था शिमला का माल रोड।

कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण हिमाचल प्रदेश का टूरिज्म सेक्टर ठप हो गया है, जबकि यहां एक लाख करोड़ से ज्यादा की टूरिज्म मार्केट है। लेकिन कोरोना के कारण सीजन के समय में होटलों की ऑक्यूपेंसी 50 से 60 फीसदी रहती थी। वह अब 5 से 10 फीसदी तक सिमट कर रह गई है। हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों शिमला और मनाली में नाममात्र टूरिस्ट पहुंच रहे हैं।

राजधानी शिमला में 276 विभिन्न तरह के होटल हैं। इसके अलावा यहां पर होम स्टे अलग है, लेकिन ऑक्यूपेंसी 10 फ़ीसदी चल रही है। अमूमन युवाओं और परिवानों से खचाखच भरे रहने वाला शिमला का माल रोड इन दिनों सुनसान पड़ा है। टूरिस्ट हिमाचल की ओर रुख नहीं कर रहे हैं। सबसे बड़ी वजह हैं बंदिशें, जो कोरोना के कारण सरकार द्वारा लगाई गई हैं। इसलिए टूरिस्ट यहां आने से गुरेज कर रहे हैं।

शिमला के माल रोड पर दोस्तों और परिवार के साथ घूमने आते थे लोग।
शिमला के माल रोड पर दोस्तों और परिवार के साथ घूमने आते थे लोग।

मनाली में भी टूरिस्ट गायब

शिमला जैसा हाल प्रमुख पर्यटन स्थल मनाली का भी है। यहां पर भी टूरिस्ट गायब हैं। होटल कारोबारियों से बात की गई तो उनका कहना है कि प्रदेश सरकार ने जो बंदिशें लगाई हैं, उस वजह से टूरिस्ट कम हुआ है। इसके अलावा हिमाचल में बारिश होने के कारण जगह-जगह लैंड स्लाइड हो रहे हैं। इससे भी टूरिस्ट डरे हुए हैं, इसलिए वे हिमाचल का रुख नहीं कर रहे हैं। मनाली में इस समय ऑक्यूपेंसी 50 से 60 फीसदी रहती थी, लेकिन यहां पर भी यह मात्रा 5 से 10 फ़ीसदी तक सिमट कर रह गई है। मनाली के ज्यादातर होटल खाली पड़े हुए हैं। होटल कारोबारियों के पास अन्य कोई काम नहीं है। कर्मचारियों की तनख्वाह देने के पैसे भी नहीं हैं। मनाली में 3 हजार के करीब होटल व होम स्टे हैं।

बिना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, निगेटिव रिपोर्ट के नहीं हिमाचल में एंट्री

प्रदेश में जैसे ही कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ना शुरू हुए, सरकार ने बंदिशें लगानी शुरू कर दीं। अब हिमाचल में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों और टूरिस्टों को एंट्री तभी दी जा रही है, जब उनके पास दोनों वैक्सीनेशन डोज का सर्टिफिकेट हो या 72 घंटे पहले की RT-PCR निगेटिव रिपोर्ट हो या फिर 24 घंटे पहले की निगेटिव रिपोर्ट हो। बिना इसके हिमाचल में किसी को भी एंट्री नहीं दी जा रही है।

यहां पर पड़ रहा टूरिस्टों के न आने का सीधा असर

कोरोना बंदिशों का हिमाचल के प्रमुख टूरिस्ट स्थलों शिमला, मनाली और धर्मशाला पर सीधा असर पड़ रहा है। इसका प्रभाव होटल, टैक्सी चालकों, ट्रैकिंग साइट्स, टूर एंड ट्रैवल एजेंसी, वोल्वो बसों, टूरिस्ट गाइड समेत रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों और कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। टूरिस्ट सीजन के प्रभावित होने से लोगों की आमदनी पर भी असर पड़ा है।

शिमला के माल रोड पर रोजाना हजारों लोग घूमने आते थे।
शिमला के माल रोड पर रोजाना हजारों लोग घूमने आते थे।

होटल कारोबारी कर रहे छूट देने की डिमांड

शिमला और कुल्लू मनाली के होटल कारोबारी सरकार से मांग कर रहे हैं कि नियमों में कुछ छूट दी जाए। उन्होंने डिमांड की है कि जो टूरिस्ट कोरोना से बचाव की एक डोज लगा चुका है, उसे एंट्री दे देनी चाहिए। उसका सारा डाटा होटल कारोबारियों को अपने पास रखने के निर्देश दें, ताकि वह समय पड़ने पर टूरिस्ट को ट्रैक कर सकें। क्योंकि अगर इसी तरह बंदिशें जारी रहीं तो हिमाचल की होटल इंडस्ट्री पूरी तरह से ठप पड़ जाएगी। मजबूरन लोगों को कुछ और काम देखना पड़ेगा।

कोरोना काल में 55000 करोड़ रुपए का हो चुका है नुकसान

हिमाचल की होटल इंडस्ट्री करोड़ों रुपए की है। कोविड के चलते पिछले साल हिमाचल में गतिविधियां बंद होने की वजह से 55000 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ था। प्रदेश के 6000 होटल, होम स्टे और रेस्टोरेंट 5 महीने तक बंद रहे थे। ऐसे में अब दोबारा अर्थव्यवस्था पटरी पर आने लगी थी, लेकिन बंदिशों के कारण दोबारा से स्थिति वैसे ही बन गई है।

2019 में 1.72 करोड़ सैलानी हिमाचल में पहुंचे

साल 2019 में मार्च से मई तक करीब 50 लाख सैलानी हिमाचल आए। साल भर में सैलानियों की संख्या हिमाचल में 1.72 करोड़ रही। 2018 के मुकाबले 4.63 फ़ीसदी अधिक सैलानी 2019 में पहुंचे। लेकिन पिछले 2 साल से कोरोना ने हिमाचल की होटल इंडस्ट्री को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

शिमला के माल रोड पर युवाओं की आवक सबसे ज्यादा रहती थी।
शिमला के माल रोड पर युवाओं की आवक सबसे ज्यादा रहती थी।

20 मार्च के बाद शुरू हो जाती है हिमाचल में सैलानियों की आमद

20 मार्च के बाद हिमाचल में सैलानियों की आमद शुरू हो जाती है। अप्रैल और मई में सीजन चरम पर होता है। शिमला, मनाली, डलहौजी, खजियार, धर्मशाला, कसौली समेत अन्य पर्यटन स्थल मार्च से मई तक सैलानियों से गुलजार रहते हैं, लेकिन कोरोना के चलते सारे पर्यटन स्थल इस बार पहले की तरह नहीं दिखे और सरकार की लगाई गई बंदिशें भी सैलानियों को हिमाचल में आने से रोक रही हैं।

इतने होटल और होम स्टे हिमाचल में पंजीकृत

पंजीकृत निजी होटल: 3679

पंजीकृत होम स्टे: 2189

पंजीकृत ट्रैवल एजेंसी: 2912

फोटोग्राफर: 899

स्टेट टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ का कहना है कि हिमाचल में कोरोना बंदिशों के बाद टूरिज्म सेक्टर ठप पड़ गया है। होटलों की ऑक्यूपेंसी 5 से 10 फीसदी रह गई है, जिससे इस साल भी आर्थिक नुकसान होने की संभावना है।

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