कोरोना गाइड़लाइन का उल्लंघन:ऐसी लापरवाही से कैसे रुकेगा कोरोना न भीड़ पर कंट्रोल, न कहीं कोई प्लान

शिमला6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कर्फ्यू में छूट के समय लोग गाड़ियां लेकर घरों से एेसे निकल रहे हैं मानो कोरोना के संक्रमण का डर खत्म हो गया है। - Dainik Bhaskar
कर्फ्यू में छूट के समय लोग गाड़ियां लेकर घरों से एेसे निकल रहे हैं मानो कोरोना के संक्रमण का डर खत्म हो गया है।
  • शहर में दुकानों के सामने एक साथ उमड़ रही भीड़, हेयर सैलून भी फुल

अनलाॅक की प्रक्रिया ताे शुरू कर दी गई है, लेकिन भीड़ काे कंट्राेल करने के लिए काेई प्लान नहीं बनाया गया है। शहर की दुकानाें और हेयर सैलून की दुकानाें में ग्राहक उमड़ रहे हैं। ऐसे में लाेगाें काे काेराेना नियमाें के पालना के लिए न ताे पुलिस काेई सख्ती दिखा रही है और न ही लाेग जिम्मेवारी काे समझ रहे हैं।

मंगलवार काे दूसरे दिन भी सुबह 9 बजे से लेकर दाेपहर दाे बजे तक बाजाराें में पहले की तरह राैनक दिखी। लाेग दूसरे दिन भी लापरवाह नजर आए। लाेग न ताे मास्क पहन रहे हैं और न ही साेशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। हैरानी की बात ताे ये है कि पुलिस भी इस बार नरमी बरत रही है। लाेगाें के चालान नहीं काटे जा रहे हैं।

पिछले साल लाॅकडाउन के दाैरान पुलिस ने काफी सख्ती दिखाई थी। जबकि इस बार नियमाें की उल्लघंना करने वाले किसी भी व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं हाे रही है। इस बार शहर में वाहनाें की आवाजाही पर भी किसी तरह की राेक नहीं लगाई गई है।

गाड़ियाें में 50 फीसदी यात्रियाें की शर्त काे भी सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है। एसपी शिमला माेहित चावला का कहना है कि हम चालान काट रहे हैं। पुलिस की तरफ से कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना है कि पूरे जिला शिमला मेें पुलिस कर्मचारियाें काे बेहतर स्थिति बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

पिछले साल ये नियम थे

  • नियम नंबर 1. पिछले साल लाॅकडाउन के दाैरान सैलून दुकानाें के लिए अपाइंटमेंट सिस्टम लागू किया गया था। बिना अपाइंटमेंट के काेई भी ग्राहक दुकानाें में नहीं आ सकते थे। इस बार दुकानाें काे सीधा खाेल दिया गया है।
  • नियम नंबर 2. पीपीई किट पहनकर कर सकते थे कटिंग, लेकिन इस बार ये काेई नियम लागू नहीं है। कटिंग करने के लिए सिर्फ मास्क पहनना जरूरी है। दुकानाें में काेई भी आ जा सकता है।
  • नियम नंबर 3. पिछले साल लाॅकडाउन के दाैरान लाेअर बाजार काे शेरे पंजाब से वन-वे किया गया था। जबकि इस बार ऐसा कुछ नहीं किया गया है। सब्जी मंडी काे जाने वाले सारे रास्ते खाेल दिए गए हैं।
  • नियम नंबर 1. पुलिस चेक करती थी, पर इस बार पुलिस किसी भी व्यक्ति काे चेक नहीं कर रही है। जाे चाहे जहां से हाे जा सकता है। मास्क न पहनने पर भी चालान नहीं किए जा रहे हैं।

इस बार मामले बढ़े, फिर भी ढील

इस बार काेराेना के ज्यादा मामले आए हैं। इसके अलावा प्रदेश में काेराेना से माैताें का आंकड़ा भी ज्यादा बढ़े हैं। लगातार काेराेना के मामले बढ़ रहे हैं। इसी तरह से काेराेना के दूसरे स्ट्रेन ने लाेगाें के फेफड़ाें के संक्रमण का खतरा भी ज्यादा बढ़ा दिया है। इसके बावजूद भी प्रशासन ने ढील दी हुई है।

इस कारण लाेगाें की जान मुश्किल में हैं। इसके बावजूद भी प्रशासन गंभीर नहीं हैं। अभी तक भी जिला शिमला में किसी तरह की बंदिशें संक्रमण राेकने के लिए नहीं बनाई गई है।

खबरें और भी हैं...