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  • In Himachal Still 55% Of The People Got The Second Dose Of The Vaccine, The Responsibility Of Bringing The People To The Vaccination Center Entrusted To The Panchayat Heads

हिमाचल में धीमी हुई वैक्सीनेशन की रफ्तार:अभी 45% को लगनी है दूसरी डोज; पंचायत प्रधानों को सौंपा गया लोगों को सेंटर लाने का जिम्मा

शिमला8 महीने पहले
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हिमाचल प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। दूसरी डोज लगाने के लिए लोग आगे नहीं आ रहे। जिससे संक्रमण का खतरा फिर पैदा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार मैसेज भेजे जाने के बाद भी लोग इन्हें अनदेखा कर रहे हैं। ऐसे में अब वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने के लिए पंचायती राज विभाग का सहयोग लिया जा रहा। इसमें पंचायत प्रधानों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्हें उनकी पंचायत के तहत आने वाले लोगों के बारे में बताया जा रहा है, जिन्हें संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन की दूसरी रोज लगाई जानी है। साथ ही उन लोगों को वैक्सीनेशन सेंटर तक लाने को कहा गया है। सरकार ने 30 नवंबर तक दूसरी डोज लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंचायत प्रधानों को कहा गया है कि टीकाकरण के लिए अपने क्षेत्र के 18 से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों को वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज लगवाने के लिए नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर तक लेकर जाएं। वर्तमान में प्रदेश में 55 फीसदी से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लग चुकी है, जबकि किन्नौर जिला वैक्सीनेशन की दोनों दोनों डोज के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। अभी भी 45 प्रतिशत से ज्यादा ऐसे लोग हैं, जिन्हें वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जानी है। स्वास्थ्य विभाग भी लगातार कह रहा है कि जिन्हें वैक्सीन की एक डोज लग गई है, वह दूसरी डोज लगवाने के लिए जरूर आगे आएं, तभी कोरोना से बचाव के लिए शरीर में एंटीबॉडी विकसित हो पाएंगी। नहीं तो पहली डोज भी बेकार हो जाएगी।

वैक्सीन लगाने के लिए लाइनों में खड़े हुए लोग।
वैक्सीन लगाने के लिए लाइनों में खड़े हुए लोग।

कुल 55 लाख लोगों का होना है टीकाकारण

प्रदेश में लगभग 55 लाख 23 हजार पात्र लोग है, जिनका कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण किया जा रहा है। निर्धारित लक्ष्य के दृष्टिगत राज्य में अब तक 30,71,853 लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी हैं। दूसरी खुराक लगाने में किन्नौर 102.8 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करके जहां प्रदेश भर में अग्रणी बना हुआ है, वहीं जिला लाहौल-स्पीति 82.1 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर दूसरे और जिला सोलन 73.6 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करके तीसरे स्थान पर बना हुआ है।

संक्रमण जांच को सैंपल लेते स्वास्थ्य कर्मी।
संक्रमण जांच को सैंपल लेते स्वास्थ्य कर्मी।
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