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मुसीबत में छात्र:एचपीयू में स्टूडेंट्स के न एडमिट कार्ड निकल रहे न ही हाे रही है एंट्री, यहां सिर्फ नाम का है ऑनलाइन सिस्टम

शिमला6 महीने पहले
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  • 8.19 कराेड़ रुपए खर्च कर शुरू किए गए ईअारपी सिस्टम में कई कमियां, नहीं कर रहा सही काम

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी काे पेपरलेस किया जाना था। छात्राें की एडमिशन, रिजल्ट और हर काम ऑनलाइन हाेना था। यहां से रिटायर हाेने वाले कर्मचारियाें काे भी अपने काम केे लिए कैंपस नहीं आने की जरूरत नहीं थी। यूजीसी की ओर से वर्ष 2016 से लेकर 2018 तक 8.19 कराेड़ रुपए की राशि भी जारी की गई, इस पर काम भी हुआ। जबकि एंटरप्राइज रिसाेर्स प्लानिंग (ईआरपी सिस्टम) यानि वेब एनेएबल्ड सिस्टम का अभी तक काेई फायदा नहीं हाे रहा है। छात्राें काे भी इसका काेई फायदा नहीं हाे रहा है।

इस प्रणाली के तहत विवि ने परीक्षा शाखा से लेकर कंप्यूटर विंग और यहां तक की विवि के सभी प्रशासनिक शाखाओं के साथ विवि के हाॅस्टल मैनेजमेंट को भी हाईटेक किया जाना था, लेकिन यह काम आधा अधूरा लटका हुआ है। वहीं, एचपीयू की एसएफआई और एबीवीपी इकाई ने विवि प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आराेप लगाया है। एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक डाॅ. जेएस नेगी का कहना है कि कुछ कमियां ईआरपी सिस्टम में रह गई है। जिसे दूर किया जा रहा है। इसके बाद छात्राें काे दिक्कत नहीं आएगी।

ऐसा हाेना था, लेकिन अभी तक हुआ नहीं

छात्रों के लिए एचपीयू में छात्राें से संबंधित हर तरह की जानकारी ऑनलाइन हाेनी थी, जिसे छात्र घर बैठे देख सकते थे

ये हुआ अभी सिर्फ छात्राें काे डेटशीट और एडमिट कार्ड की जानकारी ऑनलाइन मिल रही है, बाकी न ताे काेर्स की जानकारी मिल रही है और न ही अन्य तरह की जानकारियां मिलती है। कर्मचारियों के लिए: एचपीयू के कर्मचारियाें और रिटायर हाेने वाले कर्मचारियाें के सभी लाभ की जानकारी ऑनलाइन ही मिलनी थी।

हुआ: अभी यहां पर कर्मचारी सिर्फ सैलरी स्लिप निकाल सकते हैं। जबकि अन्य तरह के दस्तावेज काे बनाने के लिए विवि के चक्कर काटने पड़ते हैं। इस पर भी काेई काम नहीं हुआ है। डिग्री होनी थी ऑनलाइन: छात्र अपनी डिग्रियां ऑनलाइन निकाल सकते थे।

ये हुआ: इस पर काेई काम नहीं हुआ है। छात्राें काे अपनी प्रोविजनल डिग्री और मार्कशीट निकालने के लिए विवि जाना पड़ता है। फिर दाे या तीन दिन के बाद उन्हें डिग्री मिलती है। अाॅनलाइन डिग्री नहीं मिल रही हैं।

रिकार्ड: एचपीयू में पंजीकृत छात्राें का रिकाॅर्ड ऑनलाइन हाेना था।

हुआ: यूजी डिग्री कोर्स में 2013 से 2016 तक पंजीकृत कॉलेज छात्रों का रिकॉर्ड अपडेट करने में दिक्कत हो रही है। 2017 के बाद के छात्रों को नए ईआरपी के सर्वर पर ही पंजीकृत किया ताे गया है, लेकिन उनका डाटा नहीं मिल रहा है।

छात्र संगठनाें के निशाने पर विवि प्रशासन

छात्र संगठन एबीवीपी, एसएसएफआई और एनएसयूआई के निशाने पर इन दिनाें प्रशासन आ गया है। छात्र संगठनाें का आराेप है कि छात्रों के लिए लाइब्रेरी तुरंत खोलने, हाईकोर्ट के निर्देशों पर प्रवेश परीक्षा न करवाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों कार्रवाई करना, पंचायत सचिव पद की भर्ती के लिए तय फीस कम कर उसे वापस करना, बीबीए-बीसीए के प्रमोट छात्रों के रिजल्ट जल्द अपडेट करना, ऑनलाइन ईआरपी सिस्टम को बेहतर करने को इसे सरकारी संस्था को देना।

एमफिल एलएलएम की प्रवेश परीक्षा जल्द करवाना, सभी पीजी कक्षाओं के परिणाम जल्द घोषित करना और एमएससी ईवीएस प्रथम सत्र, बीएड के चौथे सत्र के परिणाम जल्द घोषित करने में प्रशासन नाकाम रहा है। ईआरपी सिस्टम एचपीयू का फेल हाे गया है।

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