हिमाचल प्रवास के दूसरे दिन विधानसभा में राष्टपति का संबोधन:कोरोना वैक्सीनेशन के अव्वल कैंपेन के लिए सरकार और जनता की तारीफ की, लैंडस्लाइड की आपदा से निपटने को वैज्ञानिक खोज का दिया भरोसा

शिमलाएक महीने पहले
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हिमाचल प्रदेश के विधानसभा भवन में सदन में उपस्थित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत अन्य नेता। - Dainik Bhaskar
हिमाचल प्रदेश के विधानसभा भवन में सदन में उपस्थित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत अन्य नेता।

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में दूसरा दिन है। आज विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वह हिमाचल कि सुंदरता, यहां के लोगों के सरल आचरण और अतिथि सम्मान से काफी प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रपति ने कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए वैक्सीनेशन में देश में सर्वोच्च स्थान हासिल करने पर हिमाचलवासियों को बधाई दी, वहीं आपदाओं को लेकर उनकी चिंता के निराकरण पर भी बात की। राष्ट्रपति ने कहा, 'पिछले कुछ समय में हिमाचल में बादल फटने और लैंडस्लाइड जैसी घटनाओं के प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना करता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि केंद्र और राज्य सरकार ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का सहारा लेकर जरूर कोई रास्ता निकालेगी। मेरी कामना है कि हिमाचल प्रदेश विकास के मामले में देश का सिरमौर बनेगा'।

विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।
विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।

राष्ट्रपति के हिमाचल आने पर उनका आभार व्यक्त करने के बाद अपने संबोधन में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जब हिमाचल को पूर्ण राज्य का अस्तित्व हासिल हुआ, तब आय के साधन नहीं थे। भौगोलिक परिस्थितियां विकास में बाधा बन रही थी, लेकिन अब हिमाचल की गिनती प्रगतिशील प्रदेशों में की जाती है। बहुत से युवा सेना और राजनीति के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। पहले प्रति व्यक्ति आय जो 6 हजार थी, वह अब एक लाख से ज्यादा हो गई है। 1970 में हिमाचल के 2944 गांव में बिजली थी। अब यह सुविधा सभी गांवों में हैं। पहले हिमाचल में केवल 4945 शिक्षण संस्थान थे अब 15,000 से ज्यादा है। साक्षरता दर 83% है, जो देशभर में दूसरे स्थान पर है। अस्पतालों की संख्या भी 587 से बढ़कर 4118 हो चुकी है। सरकार वर्तमान में भी राज्य के उत्थान के लिए कार्य कर रही है।

हिमाचल के नए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने अपने संबोधन में कहा कि हिमाचल अपनी शालीनता के लिए देशभर में मशहूर है। जब विधानसभा का पिछला सत्र हुआ, तब वह टीवी के माध्यम से पूरा सत्र देख रहे थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा के अध्यक्ष विपिन सिंह परमार बेहतर तरीके से सदन को चला रहे हैं।

विधानसभा सदस्यों के साथ राष्ट्रपति कोविंद।
विधानसभा सदस्यों के साथ राष्ट्रपति कोविंद।

नेता प्रतिपक्ष ने रखी हिमाचल के लिए अलग रेजिमेंट की मांग

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने राष्ट्रपति के समक्ष सेना में हिमालय रेजिमेंट का गठन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे पहले मुख्यमंत्री रहे प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल भी पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के समक्ष यह मामला उठा चुके हैं। ऐसे में इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके अलावा मुकेश ने हिमाचल में रेल और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार देने की बात भी राष्ट्रपति के सामने रखी।

कोरोना संक्रमण के कारण वन मंत्री नहीं हुए शामिल

वन मंत्री राकेश पठानिया के पीएसओ की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसलिए मंत्री पठानिया विशेष सत्र का हिस्सा नहीं बन सके। दरअसल राष्ट्रपति के कार्यक्रम में स्वास्थ्य संबंधी किसी तरह की कोई परेशानी न आए, इसलिए वन मंत्री ने कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है।

विधानसभा में सत्र की शुरुआत करते राष्ट्रपति कोविंद।
विधानसभा में सत्र की शुरुआत करते राष्ट्रपति कोविंद।

IGMC शिमला में 4 स्पेशल वार्ड तैयार

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह से अलर्ट है। आईजीएमसी शिमला ने भी प्रोटोकॉल के तहत चार स्पेशल वार्ड बुक रखे हैं। इसके अलावा तीन अलग-अलग जगहों पर फर्स्ट एड इमरजेंसी किट रखवाई गई है। ब्लड बैंक में भी ब्लड की व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम तैयार है। टीम में कार्डियोलॉजिस्ट, मेडिसिन, सर्जरी, एनेस्थीसिया, गायनी और कई विभागों के डॉक्टरों का एक रोस्टर तैयार किया गया है। यह टीम सिसिल होटल के पास रखी गई है। जहां पर भी राष्ट्रपति का काफिला जाएगा, यह टीम वहां पर मौजूद रहेगी।

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