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धोखाधड़ी:नाॅल्सवुड की महिला ने खाेला अंजान के माेबाइल से भेजा गया सिंपल मैसेज का लिंक, खाेलते ही खाते से निकल गए 4 लाख

शिमला2 महीने पहले
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  • छाेटा शिमला के नाॅल्सवुड में रहती है महिला, अनजान व्यक्ति ने बैंक का केवाइसी अपडेट करने के नाम पर खुलवाया था लिंक

पुलिस बार बार कह रही है कि फ्राड काॅल करने वालाें के झांसें में न आएं। इसके बावजूद भी लाेग समझने काे तैयार नहीं हैं। ऐसा ही ऑनलाइन ठगी का मामला छाेटा शिमला थाने के तहत आने वाले नाॅल्सवुड में आया है। यहां पर एक महिला के खाते से शातिराें ने चार लाख रुपए निकाल लिए। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक छोटा शिमला थाना में रीना नंदा नाम की महिला ने शिकायत दर्ज करवाई है की उसे एक अनजान नंबर (93825 73469) से फोन आया।

जिसमें किसी अनजान व्यक्ति ने बताया कि वह बैंक का अधिकारी बात कर रहा है और खाते की केवाईसी के संबंध में फोन किया है। शातिर ने महिला को कहा कि आपके खाते में केवाईसी अपडेट करना है और आप दिए गए लिंक को डाउनलोड कर लो। शातिर ने तुरंत लिंक भेज दिया। महिला ने उसके कहे अनुसार लिंक पर क्लिक कर दिया। जैसे महिला ने लिंक डाउनलोड किया, उसके थोड़ी देर बाद महिला को पैसे विड्राे हाेने का मैसेज आया।

उनके खाते से शातिर ने चार लाख रुपए की रकम निकाल दी थी। शिकायतकर्ता महिला ने यह बात अपने घर में बताई, उसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। एसपी शिमला माेहित चावला का कहना है कि लाेगाें काे हमने पहले भी साइबर क्राइम के प्रति अवेयर किया हुआ है, इसके बावजूद भी लाेग ठगी का शिकार हाे रहे हैं।

पांच लाख की रकम काे वापस लेने में पुलिस काे मिल चुकी है सफलता
शहर के अन्य ठगी के मामले में पुलिस काे रकम वापस लेने में भी सफलता मिल चुकी है। शहर के एक रिटायर्ड कर्नल ओपी शर्मा की बेटी से ऑनलाइन ठगी हुई थी। बीते एक मई काे छाेटा शिमला थाने में मामला दर्ज हुआ था। लड़की के पिता ने साइबर थाना में मामले की शिकायत दी थी कि उनकी बेटी ने गूगल पर कुछ लाेगाें से नाैकरी के लिए चैट शुरू की। अज्ञात लोगों ने उन्हें एक लिंक भेजा और एक खाता नंबर भेजा। इसके बाद खाते से करीब 5 लाख 84 हजार रुपए की रकम निकाल ली थी। हालांकि, पुलिस की तत्परता से ये रकम अब शिकायतकर्ता काे वापस मिल गई है।

पुलिस के जागरूकता अभियान के बावजूद लाेग सतर्क नहीं हाे रहे
प्रदेश में साइबर ठगी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। एक के बाद एक लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। पुलिस की जागरूकता अभियान के बाद भी लोग लापरवाही बरतना नहीं छोड़ रहे हैं। जिसके कारण साइबर ठग फायदा उठाकर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। इस तरह के कई मामले पुलिस के पास आ चुके हैं।
पुलिस लोगों को कई बार विभिन्न संदेशों के माध्यम से जागरूक कर चुकी है कि अगर फोन पर बैंक संबंधी कोई भी जानकारी मांगें तो नहीं देनी चाहिए। क्योंकि, यह बैंक अधिकारी नहीं बल्कि साइबर ठग होते हैं। इसके बावजूद लोग पुलिस की इस संदेश को अनदेखा करते हैं और साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं।

जागरूक हाेना जरूरी

  • अधिकृत वेबसाइट पर जाकर ही ट्रांजेक्शन करें।
  • सार्वजनिक स्थान पर ओपन वाई-फाई यूज नहीं करें।
  • साइबर कैफे या अन्य अनजान जगह पर कोई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन न करें।
  • इंटरनेट पर किसी भी सर्च इंजन पर कस्टमर केयर या कंपनी की हेल्पडेस्क के नंबर सर्च तो भूलकर भी नहीं करें।
  • त्योहार व नववर्ष ऑफर के नाम पर आने वाले किसी भी मैसेज में मिले लिंक को ओपन नहीं करें।
  • अनजान को बैंक या कार्ड की कोई जानकारी कभी नहीं दें।
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