हिमाचल में इस साल दोगुना भू-स्खलन:2 साल में 47 बार लैंडस्लाइड, इस साल अभी तक 31 बार हो चुकीं हैं राज्य में ऐसी घटनाएं

शिमला10 महीने पहलेलेखक: पूनम भारद्वाज
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लैंडस्लाइड की घटनाएं लाेगाें पर पहाड़ बन कर टूट रही हैं। - Dainik Bhaskar
लैंडस्लाइड की घटनाएं लाेगाें पर पहाड़ बन कर टूट रही हैं।

किन्नाैर में 25 जुलाई काे पहाड़ टूटने की घटना से 9 पर्यटकों के मारे जाने का दुख अभी प्रदेश के लाेग भुला भी नहीं पाए थे कि बुधवार को फिर से किन्नाैर में पहाड़ के दरकने की घटना ने प्रदेश काे एक नया जख्म दे दिया है। हर साल बरसात के माैसम में लैंडस्लाइड की घटनाएं लाेगाें पर पहाड़ बन कर टूट रही हैं। पिछले दाे सालाें के भीतर प्रदेश में 47 लैंड स्लाइड की घटनाएं घट चुकी हैं। इसमें 2020 में 16 लैंड स्लाइड की घटनाएं घटी थीं। इस साल ये अभी तक बढ़ कर दोगुनी हाे गई हैं।

इस साल बुधवार तक प्रदेश में अलग अलग जगहाें पर 31 लैंड स्लाइड की घटनाएं घट चुकी हैं। 2017 में मंडी के काेटरुपी लैंडस्लाइड की घटना में में 45 लाेगाें की जान गई थीं। उससे पहले 1989 में मतियाना के पास भारी लैंडस्लाइड हुआ था जिसमें 30 लाेग मारे गए थे।

एक्सपर्ट व्यू... चट्‌टान की दरारों में पानी भरने से पत्थर की पकड़ ढीली हाेने से लैंड स्लाइडिंग
स्टेट ज्याेलाेजिस्ट पुनित गुलेरिया ने माना कि लैंड स्लाइड नेचुरल फिनाेमिना है। बरसात के दाैरान मिट्टी पर पत्थर की पकड़ ढीली हाे जाती है। चट्टानाें की दराराें में पानी भरने से वह लुबरीकेंट का काम करता है। दराराें में पानी भर जाने से पत्थर की पकड़ ढीली पड़ जाती है और वह गिर जाते हैं जिससे बरसात के दिनाें लैंड स्लाइड की घटनाएं घट रही है।

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