एशिया की सबसे बड़ी माइंस:16 साल बाद नंदिनी माइंस से लाइमस्टोन की माइनिंग शुरू, 50 साल तक बीएसपी की डिमांड पूरी करने सक्षम

शिमला3 महीने पहले
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नंदिनी माइंस, जहां लाइम स्टोन का खनन शुरू। - Dainik Bhaskar
नंदिनी माइंस, जहां लाइम स्टोन का खनन शुरू।
  • अगस्त से शुरू होगी बीएसपी को लाइम स्टोन की सप्लाई

एशिया की सबसे बड़ी नंदिनी की लाइमस्टोन माइंस में करीब 16 साल बाद एक बार फिर पूरी क्षमता के साथ माइनिंग शुरू हो गई है। जिसके बाद लाइमस्टोन को लेकर बीएसपी की विदेशों व देश के ही अन्य राज्यों पर से निर्भरता अब कम हो जाएगी। वहीं नए हिस्से में माइनिंग शुरू होने के बाद नंदिनी अगले 50 वर्षों तक बेस्ट क्वॉलिटी का लाइमस्टोन सप्लाई करने के लिए सक्षम हो गया है।

वर्ष 2005 के पूर्व बीएसपी में लाइमस्टोन की जरूरत नंदिनी माइंस से पूरी की जा रही थी। उस समय माइंस से प्रतिवर्ष करीब 6 लाख टन तक लाइमस्टोन की सप्लाई की गई। 2005 के बाद नंदिनी माइंस के लाइमस्टोन की खराब होती क्वॉलिटी का हवाला देकर उत्पादन को घटाकर डेढ़ से पौने दो लाख टन कर दिया गया।

साथ ही बीएसपी की डिमांड को पूरा करने के लिए दुबई सहित देश में राजस्थान के जैसलमेर और मध्य प्रदेश के कुटेश्वर से लाइमस्टोन खरीदा जाने लगा। लेकिन ट्रांसपोर्टिंग लागत के कारण प्रबंधन को बाहर से खरीदा जाने वाला लाइमस्टोन महंगा पड़ रहा था।

मसलन नंदिनी से जिस लागत में उसे लाइमस्टोन उपलब्ध हो जाता है, कुटेश्वर से मंगवाने पर प्रति टन 600 रुपए और राजस्थान से मंगवाने पर प्रति टन करीब डेढ़ हजार रुपए अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए बीएसपी प्रबंधन ने नंदिनी माइंस में उन हिस्सों में माइनिंग शुरू करने की योजना बनाई जिसका लीज स्वीकृत होने के बाद भी अब तक उस एरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया।

काला पत्थर एरिया में शुरू किया गया खनन

इस तरह नंदिनी माइंस में लाइमस्टोन का उत्पादन बढ़ाने के लिए बैंच नंबर 4 जिसे काला पत्थर एरिया के नाम से जाना जाता है, वहां माइनिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया। अभी तक बैंच नंबर 2 और 3 से माइनिंग की जा रही थी। काला पत्थर एरिया में माइनिंग शुरू करने के लिए वहां वर्षों से जमा पानी निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस काम में ही करीब 5 महीने लगे।

वर्ष 2005 से बंद है बीएसपी में सप्लाई

काला पत्थर एरिया में माइनिंग शुरू होने के बाद अब तक 12 हजार टन लाइमस्टोन का खनन किया जा चुका है। जिसे क्रशिंग और वाशिंग प्लांट में साफ-सफाई करने के बाद अगस्त से बीएसपी के लिए सप्लाई शुरू की जाएगी। जहां ब्लास्ट फर्नेस में इसका इस्तेमाल शुरू होगा। इस दौरान माइनिंग एरिया में पानी का भराव दोबारा न हो इसके लिए तीन हैवी मोटर पंप लगाए गए हैं।

लीज एरिया 526.24 हेक्टेयर, वर्ष 1959 में पहली बार खनन

नंदिनी में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी माइंस नंदिनी में माइनिंग लीज एरिया 526.24 हेक्टेयर है। यहां लाइमस्टोन का खनन प्लांट स्थापित करने के साथ ही वर्ष 1959 से शुरू हो गया था। माइंस प्रबंधन अकेले बीएसपी को 50 वर्षों तक लाइमस्टोन की जरूरत पूरा करने की क्षमता रखता है। पिछले दिनों पुन: यहां माइनिंग शुरू हुई।

स्टील के उत्पादन में लाइम स्टोन की भूमिका को भी जानिए

लाइमस्टोन का इस्तेमाल ब्लास्ट फर्नेस में किया जाता है। इसका काम है आयरन ओर की अशुद्धियों को दूर करना। लाइमस्टोन को केमिकल रिएक्शन कर फर्नेस में भेजा जाता है। जहां आयरन ओर की अशुद्धियों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। लाइमस्टोन में सिलिका की मात्रा साढ़े तीन से साढ़े 4 प्रतिशत तक है।

3.60 लाख टन का टार्गेट

  • काला पत्थर एरिया के साथ नंदिनी माइंस में दोबारा लाइमस्टोन की माइनिंग शुरू किया गया है। बीएसपी को 3.60 लाख टन लाइमस्टोन सप्लाई का टार्गेट दिया गया है। जिसमें साढ़े 4 प्रतिशत से कम सिलिका की 1.50 लाख टन लाइमस्टोन की सप्लाई भी शामिल है। -वीबी सिंह, सीजीएम, नंदिनी माइंस, बीएसपी
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