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हिमाचल में लॉजिस्टिक पॉलिसी लागू:उद्योगों में निर्मित सामान को बेहतर परिवहन की मिलेगी सुविधा; 5 करोड़ रुपए देगी प्रदेश सरकार देगी

शिमला7 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

हिमाचल के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में वेयर हाउसिंग हब बनेंगे। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत PPP मोड पर रोप-वे स्थापित होंगे। राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य भागों में विद्युत चालित वाहनों के चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना होगी। आधुनिक ट्रांसपोर्ट टर्मिनल स्थापित किए जाएंगे। प्रयोगशालाओं की स्थापना होगी और कोल्ड चेन विकसित की जाएगी। प्रदेश की लॉजिस्टिक पॉलिसी को सरकार ने लागू कर दिया है।

लॉजिस्टिक पॉलिसी का मकसद प्रदेश में स्थापित उद्योगों में निर्मित सामान को बेहतर परिवहन की सुविधा प्रदान करना तथा औद्योगिक विकास के मकसद से अधोसंरचना का विकास करना है। देश को 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने में अपना योगदान देने के मकसद से हिमाचल ने लॉजिस्टिक पॉलिसी को अधिसूचित किया है।

पॉलिसी को अमलीजामा पहनाने में PM गति शक्ति योजना, पर्वत माला, सागर माला व भारत माला जैसी योजनाओं के तहत घोषित प्रोत्साहन की मदद ली जाएगी। भारत माला प्रोजेक्ट के तहत सड़क अधोसरंचना का विकास होगा। परिवहन के मॉडल हब बनेंगे। औद्योगिक क्षेत्रों को इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा।

लॉजिस्टिक पॉलिसी में प्रदेश मे लगे उद्योगों के साथ-साथ एंकर उद्योगों को राज्य की ऊर्जा नीति व औद्योगिक नीति के तहत रियायतें देने का भी एलान किया गया है। पॉलिसी के तहत प्रदेश में कोल्ड चेन स्थापित करने पर अधिकतम 5 करोड़ रुपए का इन्सेंटिव प्रदेश सरकार देगी। इसके अलावा नवीकरण ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाने पर भी 5 करोड़ का ही इन्सेंटिव मिलेगा।

कोल्ड चेन स्थापित करने पर 7 साल के लिए प्रति वर्ष 25 लाख रुपए ब्याज पर उपदान दिया जाएगा। लॉजिस्टिक पॉलिसी के तहत स्थापित होने वाले उद्योगों को प्रदेशों में 20 प्रतिशत भूमि चिह्नित की जाएगी। मॉडल कार्गो ट्रांसपोर्ट सेंटर बनेंगे। लॉजिस्टिक पॉलिसी के तहत उद्योगों को मंजूरी देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिवों के समूह का गठन किया गया है। यह नीति 5 साल तक लागू रहेगी।