निर्माण में परेशानी:बालूगंज जंक्शन का नक्शा तैयार, ठेकेदार का काम से इनकार, 20 दिन बाद बरसात

शिमला6 महीने पहले
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जल्द ही डंगे को पक्का नहीं किया गया तो बरसात में गिर जाएगा। - Dainik Bhaskar
जल्द ही डंगे को पक्का नहीं किया गया तो बरसात में गिर जाएगा।
  • लाेक निर्माण विभाग धामी काे दिया है काम का जिम्मा, कभी भी धंस जाएगी सड़क

पिछले कई महीने से लंबित पड़ा बालूगंज जंक्शन के डंगे का काम अभी तक भी शुरू नहीं हाे पाया है। वहीं, इस काम काे करने वाले ठेकेदार ने भी अब काम करने से इनकार कर दिया है। ऐसे में डंगें काे लगाने का काम लटक सकता है। मानसून आने में अब महज 20 दिन शेष बचे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि इस डंगें काे कब पूरा किया जाएगा।

हालांकि, इसका डिजाइन तैयार कर दिया गया है, लेकिन काम काैन करेगा इस पर अभी तक लाेक निर्माण विभाग ने काेई प्रयास नहीं किया है। क्याेंकि, ठेकेदार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल उनके पास लेबर नहीं हैं। विभाग की ओर से पेमेंट भी जारी नहीं की गई है।

पिछले काफी समय से इस काम काे शुरू क्याें नहीं किया गया, ये सबसे बड़ा सवाल है। लाेक निर्माण विभाग धामी की ओर से इस मामले में स्पष्टीकरण दिया गया है कि इसका डिजाइन तैयार नहीं था। अब डिजाइन काे तैयार किया गया है। ऐसे में काम शुरू कर दिया जाएगा। करीब एक कराेड़ की लागत से ये डंगा लगाया जाना है।

यहां पर रिटेनिंग वाॅल लगाने के लिए बीते वर्ष अगस्त में दुकानें ताेड़ दी गई थी और यहां पर खुदाई भी कर दी गई, मगर उसके बाद एफसीए के फेर में पांच माह तक काम लटका रहा। इसी बीच जब बीते दिनाें में बारिश हुई ताे यहां पर पानी भरने से कच्ची मिट्टी ढह गई और सड़क काे बंद करना पड़ा।

अब अगर जल्द ही यहां पर दाेबारा से पक्की रिटेनिंग वाॅल नहीं लगाई गई ताे टेंपरेरी डंगा भी खतरा बन सकता है। दाेबारा से यहां पर बरसात में सड़क बंद हाे सकती है। इसलिए बरसात से पहले डंगा लगाना बेहद जरूरी है।

ये है पूरा मामला, लापरवाही पर लापरवाही

बालूगंज जंक्शन को चौड़ा करने के लिए बीते साल अगस्त में काम शुरू किया गया था। शुरुआत में यहां पर दुकानों की डिस्मेंटलिंग का काम शुरू किया गया। इसके बाद यहां पर डंगा लगाने के लिए खुदाई की गई। लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि खुदाई करने के बाद इस काम को ऐसे ही छोड़ दिया गया। बीते कई माह से यह काम बंद है।

दोबारा बनाना पड़ा है डिजाइन

बालूगंज जंक्शन चौड़ा करने के लिए पहले यहां साथ में एक कॉम्प्लेक्स बनाया जाना है। इसका भी टेंडर कर लिया गया है। यहां तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स बनाया जाना है जिसमें चौक पर बनी दुकानों को शिफ्ट किया जाएगा। मगर अब जबकि कॉम्प्लेक्स के बेस का काम शुरू करने की बारी आई तो अब फिर से इसका डिजाइन तैयार करना पड़ा। बताया जा रहा कि पहले जो बेस डिजाइन में दर्शाया गया था, उसके बेस का स्ट्राटा कमजोर निकला है। इस तरह अब इस कॉम्प्लेक्स को रिडिजाइन किया गया है।

हमने इसके लिए डिजाइन तैयार कर दिया है। अब आने वाले एक सप्ताह में काम शुरू कर दिया जाएगा। काम इसलिए रुका हुआ था कि इसका डिजाइन दाेबारा से बनाना पड़ा है। अब काम शुरू करने में काेई दिक्कत नहीं आएगी।

विनय शर्मा, इंजीनियर व प्रभारी, लाेक निर्माण विभाग धामी

} इसलिए भी देरी, पेड़ काटने की मंजूरी नहीं लीः स्मार्ट सिटी के तहत किए जा रहे इस कार्य को करने के लिए नगर निगम और अन्य विभागों की लापरवाही इस कदर रही कि इसके लिए पहले एफसीए की मंजूरी नहीं ली गई। जिस जगह यह काम शुरू किया गया वहां पर पांच पेड़ थे, लेकिन इनको काटने के फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं ली गई। बिना क्लीयेरेंस के ही यहां काम शुरू कर दिया गया था।

मैं काफी समय से डंगें के काम काे शुरू करने के लिए इंतजार कर रहा था। अब लेबर भी नहीं हैं। डिजाइन बनाने में देरी कर दी। लाेक निर्माण विभाग ने मेरी पेमेंट भी जारी नहीं की। अागे बरसात अाने वाली है, कैसे काम हाेगा। बरसात में काम करना मुश्किल हाे जाता है। अनिल गुलेरिया, ठेकेदार, बालूगंज जंक्शन

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