पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Himachal
  • Shimla
  • New CT Scan Machine Will Be Installed In Ripon, Will Not Have To Depend On IGMC, Waiting For Long Date For Investigation Will Also End

मिलेगी सुविधा:रिपन में लगेगी नई सीटी स्कैन मशीन, आईजीएमसी पर नहीं रहना होगा निर्भर, जांच के लिए लंबी तारीख का इंतजार भी होगा खत्म

शिमला15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
16 स्लाइड की एडवांस मशीन लगेगी, वर्तमान में रिपन में 2 स्लाइड की मशीन है जो नाकाफी है। - Dainik Bhaskar
16 स्लाइड की एडवांस मशीन लगेगी, वर्तमान में रिपन में 2 स्लाइड की मशीन है जो नाकाफी है।

आमताैर पर जिलाभर से मरीजाें काे यदि डाॅक्टर सीटी स्कैन के लिए लिखते थे ताे उन्हें आईजीएमसी में ही सीटी स्कैन करवाने के लिए आना पड़ता है। यहां पर पहले ताे उन्हें लंबी डेट दी जाती है, उसके बाद दाेबारा से सीटी स्कैन के लिए आना पड़ता है। इससे जहां मरीज के दाे चक्कर लग जाते हैं, वहीं जब तक सीटी स्कैन नहीं हाेता, तब तक मरीज का इलाज भी शुरू नहीं हाे पाता। ऐसा इसलिए हाे रहा है कि जिला के अस्पतालाें में सीटी स्कैन की मशीन ही नहीं है। रिपन अस्पताल में एक मशीन है भी वह केवल दाे स्लाइड की है और उसमें सीटी स्कैन की रिपाेर्ट उतनी बेहतर नहीं आती।

मगर अब इसी परेशानी काे दूर करने के लिए रिपन अस्पताल प्रशासन नई सीटी स्कैन मशीन लगवा रहा है। इसके लिए तैयारियां की जा रही है। नई बिल्डिंग में इसके लिए अलग से कमरा तैयार किया जा रहा है। अक्तूबर में यह मशीन शुरू कर दी जाएगी। पीपीपी माेड पर यह मशीन लगाई जाएगी। अच्छी बात यह है कि यह मशीन पहले वाली मशीन से काफी एडवांस हाेगी। 16 स्लाइल की यह मशीन मरीजाें के बेहतर एक्सरे कर सकेगी। जिससे मरीजाें काे दिक्कतेंे नहीं आएगी।

​​​​अभी यह है परेशानी

रिपन अस्पताल में अभी 2 स्लाइड की सीटी स्कैन मशीन लगाई गई है। यह मशीन काफी पुरानी है। इसमें बेहतर सीटी स्कैन की रिपाेर्ट नहीं आती। इसके अलावा कई बार एडवांस सीटी स्कैन के लिए डाॅक्टराें काे मरीज यहां से आईजीएमसी भेजने पड़ते हैं। जिससे मरीजाें काे सीटी स्कैन करवाने में ही एक माह तक का इंतजार करना पड़ता है। जबकि डाॅक्टराें काे इलाज शुरू करने के लिए तुरंत सीटी स्कैन की रिपाेर्ट चाहिए हाेती है। मगर अब नई मशीन लगने से आईजीएमसी मरीजाें काे भेजने की जरूरत नहीं रहेगी। यहीं पर उनका सीटी स्कैन हाे जाएगा।

काेविड में सबसे ज्यादा जरूरत

कोविड काल में सबसे ज्यादा इफेक्ट काेराेना मरीजाें के फेफड़े पर हुआ। इसमें मरीजाें काे बार-बार एक्सरे के लिए लिखा जाता था। जिन मरीजाें की एक्सरे की रिपाेर्ट सही नहीं आती थी उन्हें सीटी स्कैन की सबसे ज्यादा जरूरत हाेती थी। एेसे में यहां से काेराेना मरीजाें काे आईजीएमसी भेजना मुश्किल रहता था। क्याेंकि मरीज काे काेविड प्राेटाेकाॅल के तहत बाहर नहीं भेजा जा सकता था। लिहाजार प्रशासन यहीं पर मजबूरन पुरानी मशीन से उनके सीटी स्कैन करता था। मगर अब यहां पर एडवांस मशीन लगने से काेविड के साथ--साथ सामान्य मरीजाें काे भी सुविधा मिलेगी।

प्राइवेट सेंटर में देने होते हैं 3000 रुपए तक

सीटी स्कैन के लिए ज्यादातर मरीज लंबी डेट मिलने के कारण प्राइवेट सेंटराें में ही सीटी स्कैन करवा लेते हैं। इसके लिए उन्हें वहां पर 2500 से 3500 रुपए तक खर्च करना होते हैं। जबकि सरकारी अस्पतालाें में बीमारी के हिसाब से 1000 रुपए तक सीटी स्कैन हाे जाता है। वहीं स्वास्थ्य बीमा कार्ड धारकाें, बीपीएल, आईआरटीपी, टीबी पेशेंट समेत कई कैटेगरी के सरकारी अस्पतालाें में निशुल्क सीटी स्कैन हाेता है। ऐसे में मरीजाें के पैसे भी बच जाएंगे। वहीं उन्हें प्राइवेट में भी जाने की जरूरत नहीं रहेगी।

रिपन अस्पताल में एडवांस 16 स्लाइड की सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएगी। इसके लिए पूरी तैयारी की जा रही है। नई बिल्डिंग में अलग से कमरा तैयार किया जा रहा है। काेशिश की जा रही है कि अक्तूबर में इसे शुरू कर दिया जाए। इससे अब यहां पर आने वाले मरीजाें के एडवांस सीटी स्कैन हाे सकेंगे। अभी तक यहां पर 2 स्लाइड की सीटी स्कैन मशीन ही लगाई गई थी।
डाॅ. रविंद्र माेक्टा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी रिपन अस्पताल शिमला

खबरें और भी हैं...