रिपन में फ्री हाेगा स्किन इंफेक्शन का इलाज:नई लगी इलेक्ट्राेकाॅट्री मशीन जाे चेहरे से लेकर स्किन की कई बीमारियाें का आधुनिक तकनीक से जल्द करेगी इलाज

शिमलाएक महीने पहले
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अभी इस तकनीक से निजी अस्पतालाें में था ये महंगा इलाज, अब लोगों का बचेगा पैसा, स्किन डाॅक्टर की तैनाती के बाद मरीजों का इलाज हुआ शुरू। - Dainik Bhaskar
अभी इस तकनीक से निजी अस्पतालाें में था ये महंगा इलाज, अब लोगों का बचेगा पैसा, स्किन डाॅक्टर की तैनाती के बाद मरीजों का इलाज हुआ शुरू।

चेहरे पर कील-मुहासे समेत एलर्जी से हाेने वाले छाेटे-छाेटे दाने काे साफ करने के लिए अब रिपन अस्पताल में मशीन शुरू कर दी गई है। इलेक्ट्राे काॅट्री मशीन से अब डाॅक्टर आसानी से चेहरे के इन छाेटे-छाेटे दानाें काे पूरी तरह से साफ कर देगी। स्किन डाॅक्टर की तैनाती के बाद अब यह मशीन यहां पर शुरू की गई है।

हालांकि यह मशीन यहां पर पहले भी लगाई गई थी, मगर डाॅक्टर न हाेने के कारण यह तीन साल से बंद पड़ी थी। ऐसे में इस मशीन का लाेगाें काे काेई फायदा नहीं मिल रहा था। मगर अब इस मशीन काे शुरू करने के बाद चेहरे पर एलर्जी वाले मरीजाें काे काफी फायदा मिलेगा। क्याेंकि आमताैर पर एलर्जी के मरीज चेहरे पर महंगी क्रीम और प्राेडक्ट यूज ताे करते हैं, मगर उन्हें इसका काेई फायदा नहीं हाेता।

उल्टा उनका चेहरा खराब हाेने का डर लगा रहता है, मगर इस मशीन से न ताे चेहरा खराब हाेगा और न ही इसे साफ करवाने के लिए काेई ज्यादा लंबा प्राेसेस हाेगा। अस्पताल के स्किन विशेषज्ञ डाॅक्टर याेगराज वर्मा के अनुसार मरीजाें काे किसी तरह की परेशानी नहीं उठाने दी जाएगी। उन्हें हर तरह की सुविधा पहुंचाने की काेशिश की जा रही है।

रिपन अस्पताल में इलेक्ट्राे काॅट्री मशीन शुरू हाेने का सबसे बड़ा फायदा यह हाेगा कि यहां पर इस मशीन से इलाज करवाने पर ना ताे लाेगाें काेई पैसा चुकाना हाेगा और ना ही उन्हें काेई परेशानी आएगी। जबकि यदि निजी अस्पतालाें या क्लीनिकाें में काेई इस मशीन से चेहरे काे साफ करवाता है ताे उसे 5 से 50 हजार रुपए तक का भुगतान करना पड़ता है। निजी अस्पतालाें में स्किन का इलाज सबसे महंगा हाेगा है। जबकि रिपन अस्पताल में स्किन डाॅक्टर के आने के बाद मरीजाें काे काफी फायदा मिला है।

नए ब्लाॅक में स्किन ओपीडी शिफ्ट करने की तैयारी

माैजूदा समय में स्किन ओपीडी पुराने ईएनटी रूम में चल रही है, मगर अब इसे नए ब्लाॅक में शिफ्ट करने की भी तैयारी चल रही है। स्किन में मरीजाें काे कई तरह का इलाज दिया जाता है। ऐसे में यहां पर कई मशीनें भी आती है, जिनके लिए माइनर ओटी की तरह कमरे की जरूरत रहती है। ऐसे में अब स्किन ओपीडी काे नए ब्लाॅक में शिफ्टिंग की तैयारी की जा रही है। इसके लिए एमएस से रूम मांगा गया है। रूम अलाॅट हाेते ही इसे शिफ्ट किया जाएगा। नए ब्लाॅक में मरीजाें काे काफी सुविधाएं मिलेंगी।

नए ब्लाॅक में स्किन ओपीडी शिफ्ट करने की तैयारी

माैजूदा समय में स्किन ओपीडी पुराने ईएनटी रूम में चल रही है, मगर अब इसे नए ब्लाॅक में शिफ्ट करने की भी तैयारी चल रही है। स्किन में मरीजाें काे कई तरह का इलाज दिया जाता है। ऐसे में यहां पर कई मशीनें भी आती है, जिनके लिए माइनर ओटी की तरह कमरे की जरूरत रहती है। ऐसे में अब स्किन ओपीडी काे नए ब्लाॅक में शिफ्टिंग की तैयारी की जा रही है। इसके लिए एमएस से रूम मांगा गया है। रूम अलाॅट हाेते ही इसे शिफ्ट किया जाएगा। नए ब्लाॅक में मरीजाें काे काफी सुविधाएं मिलेंगी।

माैसम बदलाव के साथ हाेती है स्किन की कई बीमारियां

माैसम बदलाव के साथ ही स्किन से संबंधित कई तरह की बीमारियां आती है। इसमें सबसे ज्यादा स्किन एलर्जी की समस्या रहती है। रिपन अस्पताल में तीन साल से डाॅक्टर का पद रिक्त हाेने से स्किन के मरीजाें काे काफी दिक्कतें रहती थी, मगर अब यहां पर डाॅक्टर के आने के बाद राेजाना मरीजाें की भीड़ बढ़ना शुरू हाे गई है।

राेजाना 60 से 70 लाेग इलाज के लिए ओपीडी में पहुंच रहे हैं और उन्हें यहां पर आसानी से इलाज भी मिल रहा है। आईजीएमसी में स्किन ओपीडी में इलाज करवाने में काफी परेशानी आती है। वहां पर इलाज के लिए मरीजाें काे लंबी कताराें में लगना पड़ता है।

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