• Hindi News
  • Local
  • Himachal
  • Shimla
  • Now Women Were Seen In Dhebighat During The Day, The Police Alerted The People; Panic Due To The Way Through The Forest To Travel In Many Areas

शहर में हर तरफ दिख रहा तेंदुआ:अब धाेबीघाट में महिलाओं काे दिन में दिखा, पुलिस ने किया लोगों को अलर्ट; कई क्षेत्राें में आने-जाने का जंगल से रास्ता होने से दहशत

शिमला2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बीते कई दिनाें से तेंदुए के देने जाने की जानकारी जगह-जगह से आ रही है।- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
बीते कई दिनाें से तेंदुए के देने जाने की जानकारी जगह-जगह से आ रही है।- फाइल फोटो

शहर में तेंदुए का खाैफ हर जगह हो गया है। बीते कई दिनाें से तेंदुए की खबर जगह-जगह से आ रही है। अब छाेटा शिमला के पास धाेबीघाट एरिया में साेमवार दाेपहर काे ही एक महिला काे तेंदुआ दिखा है। महिला ने दावा किया कि तेंदुआ उनके घर के पास कुत्ते पर झपटा था। उनमें कुछ देर तक लड़ाई भी हुई, उसके बाद जब महिला ने शाेर मचाया ताे तेंदुआ भाग खड़ा हुआ। उसके बाद महिला ने तुरंत छाेटा शिमला थाने में फाेन कर इसकी सूृचना दी। थाने से टीम माैके पर पहुंची ताे वहां पर कुछ नहीं था।

हालांकि पुलिस ने महिला के कहे अनुसार क्षेत्र में काफी देर तक तेंदुए काे ट्रेस करने की काेशिश की मगर कुछ नहीं मिला। उसके बाद पुलिस ने आसपास के लाेगाें काे अलर्ट किया कि वह तेंदुए से सावधान रहें। रात के समय घराें से बाहर ना निकलें और छाेटे बच्चाें काे अकेले घराें से बाहर ना जाने दें। पुलिस ने लाेगाें काे आश्वासन भी दिया कि वह उनके साथ है। बावजूद इसके लाेगाें में अब तेंदुए का खाैफ कम नहीं हाे रहा है। दिन में ही तेंदुए दिखने के बाद लाेगाें में डर बना हुआ है।

साथ लगते जंगल में कई बार दिख चुका है तेंदुआ
धाेबीघाट के साथ लगते जंगल में तेंदुआ कई बार देखा जा चुका है। इस एरिया में वन विभाग भी तेंदुआ हाेने की पुष्टि करता है। क्याेंकि बीते दाे वर्ष पहले मल्याणा से भी एक तेंदुआ पकड़ा गया था। वहीं कुछ ही दिन पहले यहां पर एक साथ दाे तेंदुए भी लाेगाें काे दिखाई दिए थे। वन विभाग ने इसी साल यहां पर धाेबीघाट के नाले में पिंजरे भी लगाए थे, जिन्हें अभी उठा लिया है। लाेगाें का कहना है कि यहां पर मादा तेंदुआ अपने दाे बच्चाें के साथ घूम रही है। जाे साथ लगते जंगल में घूमती रहती है। ऐसे में अब लाेगाें में डर बना हुआ है कि वह कभी भी हमला कर सकती है।

रात के समय ज्यादा लगता है डर
लाेगाें काे अब यहां से रात के समय जाने में डर लगता है। धाेबीघाट के साथ लगते एरिया लाेअर नवबहार, जाखा में 4 से 5 हजार की आबादी रहती है। यहां के ज्यादातर लाेग शिमला में दुकानाें, हाेटलाें में नाैकरी करते हैं। यह लाेग रात के समय ही यहां जंगल से हाेकर गुजरते हैं। वहीं यहां पर ना ताे स्ट्रीट लाइटें हैं और ना ही रास्ता सही है। लिहाजा अब लाेगाें के मन में डर बना हुआ है। लाेगाें ने अब यहां से रास्ता तक बदल दिया है, वह जंगल के रास्ते में जाने की बजाए धाेबीघाट हाेकर जा रहे हैं, मगर यह रास्ता काफी लंबा पड़ता है।

शावकों का भी नहीं लगा सुराग
​​​​​​​उधर, मादा तेंदुए के शावकाें का पांचवें दिन भी काेई सुराग नहीं लगा। वन विभाग की टीम ने मंगलवार काे खलीणी के साथ लगते जंगले में सर्च अभियान चलाया। टीम ने यहां पर करीब तीन से चार किलाेमीटर का एरिया छाना मगर ना ताे शावकाें का काेई सुराग मिला और ना ही ट्रेस कैमरा में वह ट्रेस हुए।
ऐसे में अब वन विभाग के लिए भी परेशानी खड़ी हाेती जा रही है। क्याेंकि शावकाें के जिंदा रहने की उम्मीद भी खत्म हाे रही है। इस बारे में एपीसीसीएफ अनिल कुमार का कहना है कि मंगलवार काे सर्च अभियान खलीणी एरिया में जारी रहा। शाम पांच बजे तक शावकाें की काेई लाेकेशन नहीं मिल पाई। उन्हाेंने कहा कि धाेबीघाट एरिया में तेंदुआ हाेने की उन्हें काेई सूचना नहीं है।

खबरें और भी हैं...