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सरबजीत बॉबी के समर्थन में आए विधायक विक्रमादित्य:रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठ जताया रोष, IGMC में 6 साल से लंगर लगा रही ऑलमाइटी संस्था; अब प्रशासन ने सामान उठाने को कहा

शिमला2 महीने पहले
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शिमला के रिज मैदान पर धरने पर बैठे विधायक बिक्रमादित्य सिंह। - Dainik Bhaskar
शिमला के रिज मैदान पर धरने पर बैठे विधायक बिक्रमादित्य सिंह।

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में सरबजीत सिंह बॉबी द्वारा संचालित ऑलमाइटी संस्था के लंगर वाले स्थान को अवैध बताकर हटवाने का कांग्रेस के शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने विरोध किया है। विक्रमादित्य रविवार को अपना विरोध जताने के लिए शिमला के रिज मैदान पर स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठ गए। उनके साथ स्थानीय लोग भी यहां पर बैठे रहे। शांतिपूर्वक तरीके से यहां पर लंगर हो हटाए जाने पर रोष व्यक्त किया गया।

गौरतलब है कि आईजीएमसी में 6 साल से लंगर लगा रही ऑलमाइटी संस्था से जुड़े लोग जिस स्थान पर खाना तैयार करते हैं, उस जगह को अस्पताल प्रशासन अवैध बता कर खाली करवा रहा है। यही नहीं प्रशासन ने जब जांच की तो सामने आया कि वहां लगे बिजली, पानी के कनेक्शन अवैध चल रहे हैं। इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और वहां मौजूद लोगों के बीच धक्का मुक्की भी हुई। सूचना मिलते ही क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) ने मोर्चा संभाला और माहौल को शांत कराया। अब संस्था को एक सप्ताह का समय दिया गया है ताकि वह सामान को यहां उठा सके।

संस्था के समर्थन में धरने पर बैठे लोग
संस्था के समर्थन में धरने पर बैठे लोग

वहीं, विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रशासन इस मामले को बैठकर कर बातचीत करनी चाहिए थी। अगर किसी और को यहां पर जगह देनी है, तब भी बातचीत होनी चाहिए थी। इस तरह असंवेदनशीलता का परिचय न देना समाज में गलत संदेश है। वहीं पुलिस को भी आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि शिमला पुलिस की भी नाकामी रही है। पुलिस को यह चीज देखनी चाहिए थी कि हम क्या कर रहे हैं और राज्य व देश में इसका क्या मैसेज जाएगा। जिस तरह से सर्वजीत बॉबी के साथ सरकार ने व्यवहार किया है, उससे देश व प्रदेश में गलत मैसेज गया है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो आगे आकर लोगों की मदद करना चाहते हैं, लेकिन इस तरह का व्यवहार उनके मनोबल टूट गया है। सरकार को इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है।

सरकार ने तोड़ी संवेदनशीलता की सारी हदें

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार ने संवेदनशीलता की सारी हदें तोड़ दी, क्योंकि ऑलमाइटी संस्था के अध्यक्ष सर्वजीत बॉबी चंडीगढ़ के निजी अस्पताल में उपचारधीन है। जहां पर उनका किडनी का उपचार चला हुआ है। ऐसे में उनके आने से पहले ही उनके सामान को बाहर निकाल दिया गया, क्या इस तरह की संवेदनशीलता सरकार में नहीं है कि उनके आने का इंतजार किया जाता।

बाहर निकाल कर रखा गया लंगर का सामान
बाहर निकाल कर रखा गया लंगर का सामान

31 मार्च थी लंगर हटाने की अंतिम तिथि
लंगर को लेकर विवाद पिछले कई महीनों से चल रहा था। उक्त संस्था के संस्थापक सरबजीत सिंह बॉबी ने 22 जनवरी, 2021 को कहा भी था कि 31 मार्च तक लंगर हटा लिया जाएगा। तब तक की अनुमति प्रदान की जाए। जिसके बाद भी लंगर नहीं हटाया गया। अंततः शनिवार शाम को आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनक राज के नेतृत्व में अस्पताल प्रशासन ने लंगर को अस्पताल परिसर से हटा दिया गया।

लंगर खाली करवाने के लिए जाती शिमला पुलिस की क्यूआरटी
लंगर खाली करवाने के लिए जाती शिमला पुलिस की क्यूआरटी

हटाने के दौरान प्रशासन से भिड़ गए लंगर कर्मी
लंगर हटाने से पूर्व वैध दस्तावेज भी मांगे गए। लंगर प्रबंधक कोई भी वैध कागज नहीं दिखा पाए। जिसके बाद प्रशासन के तरफ से कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान लंगर कर्मी और पुलिसकर्मियों के बीच नोक-झोंक भी हुई, लेकिन प्रशासन के आगे उन्हें झुकना पड़ा। गौरतलब है कि ऑलमाइटी ब्लेसिंग संस्था के द्वारा आईजीएमसी कैंसर अस्पताल के समीप पिछले छह साल से लंगर चलाया जा रहा था। इलाज कराने आए लोगों को मुफ्त भोजन कराया जाता था।

स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं संस्थापक सरबजीत सिंह बॉबी
वहीं, सरबजीत सिंह बॉबी का कहना है कि वह अभी अपने किडनी ट्रांसप्लांट के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। जिस कारण वह लंगर हटाए जाने को लेकर धरना-प्रदर्शन करने में असमर्थ हैं।

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