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जिला प्रशासन के सख्त निर्देश:प्राइवेट फर्मों के पास 250 ऑक्सीजन सिलेंडर जिसने नहीं दिया ब्यौरा उस पर होगी कार्रवाई

शिमला11 दिन पहले
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  • जिला प्रशासन ने फर्मों से मांगी थी जानकारी, रामपुर में सबसे ज्यादा 100 सिलेंडर
  • कई जगह बनाए जाने हैं कोविड सेंटर, वहां पड़ेगी जरूरत

जिला में काेराेना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। राेजाना 250 से ज्यादा मरीज जिला में पहुंच रहे हैं। इसमें शिमला शहर में ही 100 से ज्यादा मरीज हाेते हैं। तेजी से बढ़ रहे संक्रमण से आईजीएमसी, डीडीयू समेत अन्य सभी जगहाें पर बेड लगभग पूरी तरह से भर चुके हैं। अब छाेटा शिमला अस्पताल काे भी काेविड केयर सेंटर बनाया गया है, जबकि सेना अस्पताल और टूटीकंडी पार्किंग में भी बेड लगाने की तैयारी है।

जितने बेड बढ़ाए जाएंगे, वहां पर उतने ही ऑक्सीजन सिलेंडर भी चाहिए। ऐसे में उपायुक्त ने शनिवार काे जिला में सभी प्राइवेट अस्पताल, पावर प्राेजेक्ट, ट्रेडर्स, इंडस्ट्रियल यूनिट्स, कामर्शियल यूनिट्स समेत सभी लाेगाें काे आदेश जारी किए थे कि वह 24 घंटाें में ऑक्सीजन सिलेंडर की जानकारी दें।

आदेशाें में यह भी कहा गया था कि अगर काेई यह जानकारी छुपाता है ताे उस पर कार्रवाई हाेगी। ऐसे में अब दाे दिन में उपायुक्त के पास 250 से ज्यादा सिलेंडराें की जानकारी जिला के अलग-अलग एरिया से आ गई है। इसमें सबसे ज्यादा सिलेंडर रामपुर एरिया से बताए गए हैं, जहां पर 100 सिलेंडर निजी फर्माें के पास है।

प्रशासन ने अब सिलेंडराें काे अपने अधीन कर लिया है। जिस भी फर्म या व्यक्ति के पास सिलेंडर हैं, उन्हें प्रशासन ने खर्च करने काे मनाही दे दी है। प्रशासन अब अपने स्तर पर इन्हें रिफिल करवाएगा, ताकि इमरजेंसी में काम में लाया जा सके।

अब टीमें करेंगी छापेमारी

उपायुक्त ने ऑक्सीजन सिलेंडराें की जानकारी देने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। अब जिन फर्माें ऑक्सीजन सिलेंडराें की जानकारी नहीं दी है, उन पर नियमाें के तहत कार्रवाई हाेगी। इसके लिए उपायुक्त ने संबंधित एसडीएम काे छापेमारी के आदेश दे दिए हैं।

छापेमारी के लिए जांच दस्ते का गठन किया गया है, जिसमें स्थानीय तहसीलदार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक और स्थानीय थाना प्रभारी शामिल हाेंगे। यह टीमें अब अलग-अलग जगहाें पर छापेमारी कर सिलेंडराें की जांच करेगी। अगर कहीं पर अवैध रूप से सिलेंडर मिलता है ताे संबंधित फर्म पर कार्रवाई हाेगी।

आईजीएमसी और डीडीयू में ही प्लांट

जिला शिमला में अभी दाे जगहाें पर ऑक्सीजन तैयार की जा रही है। इसमें आईजीएमसी का प्लांट 2017 से चल रहा है, यहां पर राेजाना 3600 क्यूविक लीटर ऑक्सीजन तैयार की जा रही है। जबकि एक मई से डीडीयू में भी प्लांट शुरू कर दिया गया है।

यहां पर भी करीब 3000 क्यूविक लीटर ऑक्सीजन तैयार हाेगी। हालांकि यह ऑक्सीजन फिलहाल मरीजाें के हिसाब से काफी ज्यादा है, मगर जिस तरह की स्थिति काेविड काे लेकर बन रही है, आगामी दिनाें में ऑक्सीजन की खपत बढ़ जाएगी। मगर इसके लिए सिलेंडराें की जरूरत हाेगी।

एसडीएम ने भी जारी किए आदेश

एसडीएम शहरी शिमला मनजीत शर्मा ने भी शहर के सभी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, कैमिस्ट, निजी तौर पर व्यक्तियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ऑक्सीजन सिलेंडरों के भंडारण की सूचना 24 घंटाें में मांग ली है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक निगरानी व जांच दस्ते का गठन किया गया है।

जिसमें तहसीलदार शिमला शहरी सुमित शर्मा, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से श्रवण, उद्योग विभाग से मुनीश और सदर, छोटा शिमला व बालूगंज थानों के थाना अधिकारी शामिल है। उन्होंने कहा गठित उड़नदस्ता द्वारा शहरी क्षेत्रों के सभी गोदाम, स्टोरर्ज, औद्योगिक इकाईयों, पावर परियोजनाओं, निजी अस्पतालों, एचपीयू इत्यादि का निरीक्षण कर ऑक्सीजन सिलेंडरों का श्रेणियों वाईज सूची तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि आदेशाें की अवहेलना करने वालों पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिला में सभी प्राइवेट अस्पताल, पाॅवर प्राेजेक्ट, ट्रेडर्स, इंडस्ट्रीयल यूनिट्स, काॅमर्शियल यूनिट्स समेत निजी लाेगाें से ऑक्सीजन सिलेंडराें की जानकारी मांगी गई थी। इसमें अब तक 250 से ज्यादा सिलेंडराें की जानकारी मिली है। इन सिलेंडराें का उपयाेग कब और कहां करना है।

यह संबंधित एरिया के एसडीएम देखेंगे। वहीं अब प्रशासन की टीमें छापेमारी करेगी और यदि किसी फर्म के पास ऑक्सीजन सिलेंडर मिलते हैं और उन्हाेंने इसकी जानकारी छुपाई है ताे उन पर नियमाें के तहत कार्रवाई हाेगी। -आदित्य नेगी, डीसी शिमला

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