हिमाचल के 10 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट:चंबा, हमीरपुर-कांगड़ा में भारी बारिश की चेतावनी; बांधों का जलस्तर बढ़ा, आपदा प्रबंधन विभाग बोला- हम तैयार हैं

शिमला4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कोल डैम, बिलासपुर में सतलुज नदी पर बना है। - Dainik Bhaskar
कोल डैम, बिलासपुर में सतलुज नदी पर बना है।

हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक के लिए 10 जिलों में अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में रेड अलर्ट तो कुछ में ऑरेंज और येलो अलर्ट है। चंबा, हमीरपुर और कांगड़ा में आज और कल भारी बारिश होगी। शिमला, सिरमौर, सोलन में येलो अलर्ट जारी हुआ है।

प्रदेश के प्रमुख बांधों का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जबकि हिमाचल की प्रमुख नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। राज्य आपदा प्रबंधन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।अधिकारियों का कहना है कि हम लगातार निरीक्षण कर रहे हैं और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

मौसम विभाग की ओर से कांगड़ा जिले के धर्मशाला, नगरोटा, शाहपुर, बैजनाथ और पालमपुर सब डिवीजन में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है। चंबा जिला के भरमौर, डलहौजी, पांगी, तीसा में भी ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी हुआ है। कुल्लू के प्रमुख पर्यटन स्थल मनाली में भी मौसम विभाग की ओर से रेड अलर्ट जारी किया गया है। हमीरपुर जिले में पड़ने वाले सब डिवीजन हमीरपुर, बड़सर, भोरंज सुजानपुर, नादौन में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

ब्यास नदी पर कांगड़ा में पौंग डैम बना है।
ब्यास नदी पर कांगड़ा में पौंग डैम बना है।

मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल का कहना है कि इस बार बर्फ ज्यादा नहीं पिघली है। जिस वजह से नदियों में जलस्तर ज्यादा नहीं बढ़ पाया है। यही वजह है कि हिमाचल के बांधों में पानी पिछले साल की तुलना में अभी कम है। हालांकि मानसून जाने में समय है। ऐसे में आने वाले समय में डेमो का जलस्तर सुधरने की उम्मीद है।

हिमाचल के प्रमुख बांधों का जलस्तर
पंडोह डैम का जलस्तर 892 फीट है, शुक्रवार को यह 892.46 था। आज सुबह यहां से 46.58 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। भाखड़ा बांध का जलस्तर 493 फीट चल रहा है। शुक्रवार को यह 493.11 था। कोलडैम का जलस्तर अभी 637 फीट है। चमेरा 1 का जलस्तर 454 फीट चल रहा है। चमेरा टू का जलस्तर 1154.73 फीट चल रहा है। चमेरा 3 का जलस्तर 1390. 80 फीट चल रहा है। पहाड़ों पर हो रही बारिश से नाथपा झाकड़ी प्रोजेक्ट में लगे बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में यहां का जलस्तर 1494 फीट है, जबकि अधिकतम क्षमता इसकी 1495 फीट है। आज सुबह यहां से 210 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। इसी तरह हिमाचल के अन्य बांधों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। राज्य आपदा प्रबंधन लगातार बांधों के पानी पर नजर रखे हुए हैं।

भाखड़ा बांध, नंगल में है और सतलुज नदी पर बना है।
भाखड़ा बांध, नंगल में है और सतलुज नदी पर बना है।

सतलुज और व्यास नदी को छोड़कर बाकी का पानी हुआ कम
हिमाचल से होकर बहने वाली सतलुज, ब्यास और स्वा नदियों में पानी बराबर बना हुआ है। जबकि भागा, चिनाब, चन्द्रा नदियों में पानी कम हुआ है। सतलुज नदी में इस समय 2977 फीट पानी चल रहा है। पिछले साल भी इसमें इतना ही पानी रिकॉर्ड किया गया था। 19 अगस्त को रामपुर और पंडोआ में सतलुज नदी खतरे के निशान से ऊपर निकल गई थी। इसके अलावा ब्यास नदी में भी 363.33 फीट पानी रिकॉर्ड किया गया है। स्वा नदी में भी पानी ठीक बह रहा है। नदी का वाटर लेवल 1820.43 फीट है। चिनाब नदी का पानी बारिश होने के बाद बढ़ना शुरू हुआ है। शनिवार सुबह चिनाब नदी का लेवल 2605.94 फीट दर्ज हुआ है। जबकि नदी का मैक्सिमम वाटर लेवल 2606.04 फीट है। इसी तरह चन्द्रा नदी भी आपने मैक्सिमम वाटर लेवल के करीब है। चंद्रा नदी का आज का वाटर लेवल 2853.63 फीट मापा गया है, जो अधिकतम है।

खबरें और भी हैं...