अब काेराेना की टेस्टिंग बढ़ाने की तैयारी:800 से 1000 संदिग्धों के सैंपल हर राेज लिए जाएंगे, अभी लिए जा रहे सिर्फ 400 ही

शिमलाएक महीने पहले
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बाजाराें में भीड़ इकट्ठा हुई, इससे एक बार फिर से काेराेना संक्रमण बढ़ने का डर है, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। - Dainik Bhaskar
बाजाराें में भीड़ इकट्ठा हुई, इससे एक बार फिर से काेराेना संक्रमण बढ़ने का डर है, इसलिए यह निर्णय लिया गया है।

बीते दाे माह से काेराेना से जिला में कुछ राहत है। अभी मामले 8 से 10 ही आ रहे हैं, मगर त्याेहाराें के दाैरान जिस तरह से जिलाभर में लगातार लापरवाही हुई है, बाजाराें में भीड़ इकट्ठा हुई, उससे अब फिर से काेराेना संक्रमण के बढ़ने का एक बार फिर से डर हाे गया है। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग जिला में एक बार फिर से काेराेना टेस्टिंग बढ़ाने की तैयारी हैं। अब त्याेहाराें के खत्म हाेते ही जिला में टेस्टिंग बढ़ा दी जाएगी।

जहां आजकल करीब 400 से 500 सैंपल राेजाना लिए जा रहे हैं, अब त्याेहाराें के खत्म हाेते ही इसे दाेगुना तक कर दिया जाएगा। यानि 800 से 1000 सैंपल राेजाना लिए जाएंगे। इसमें ग्रामीण क्षेत्राें में ज्यादा फाेकस किया जाएगा, क्याेंकि ग्रामीण क्षेत्राें में लापरवाही के कारण काेराेना संक्रमण फैलने का डर रहता है।

बीते वर्ष भी त्याेहाराें के बाद अचानक काेराेना संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा था। नवंबर-दिसंबर माह में लाॅक डाउन लगाने की नाैबत आ गई थी। ऐसे में इस बार विभाग पहले ही टेस्टिंग बढ़ाकर काेराेना संक्रमण काे कंट्राेल करने की तैयारी में है। इस बारे में सीएमओ शिमला का कहना है कि काेराेना टेस्टिंग काे बढ़ाया जाएगा ताकि संक्रमण का पता चल सके।

टेस्टिंग इसलिए भी जरूरीः काेराेना टेस्टिंग बढ़ाना इसलिए भी जरूरी है ताकि काेराेना के मरीजाें काे पता चल सके। दूसरी लहर में सबसे ज्यादा कमी यह रही कि ग्रामीण एरिया में टेस्टिंग कम हाे पाई। सर्दी जुकाम के लक्षण आने पर भी लाेग अस्पतालाें में नहीं आए। जिससे संक्रमण एक दूसरे में फैलता गया और जिला के अधिकांश एरिया ऐसे थे, जहां पर राेजाना 30 से 40 मरीज आ रहे थे। कई गांव ऐसे थे, जहां पर शायद ही काेई व्यक्ति बिना संक्रमित हुए रहा। ऐसे में इस बार पहले ही विभाग सतर्क हाे चुका है। वह जिला में टेस्टिंग बढ़ाने की तैयारी कर चुका है, ताकि काेराेना के मरीजाें का पता चल सके।

तीसरी लहर है ज्यादा खतरनाक
काेराेना की तीसरी लहर ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है। इसमें बच्चाें पर भी काफी असर हाेने वाला है। हालांकि सितंबर तक काेराेना की तीसरी लहर आने का अंदेशा था, मगर अब त्याेहाराें के बाद तीसरी लहर आ सकती है। ऐसे में यदि लाेग लापरवाही रखेंगे ताे यह लहर भारी पड़ सकती है। दूसरी लहर में भी दाे माह तक लगातार जिलाभर से मरीज आते रहे। जुब्बल काेटखाई और रामपुर ऐसे एरिया था, जहां राेजाना कई मरीज काेराेना के आ रहे थे। इसके अलावा इन दाेनाें क्षेत्राें में कई लाेगाें की काेराेना से जान भी गई। लिहाजा इस बार यदि सर्दी जुकाम आने पर लाेग अपनी टेस्टिंग करवाएंगे ताे शायद काेराेना के असर काे कम किया जा सकेगा और संक्रमण बढ़ने से पहले ही मरीजाें की पहचान हाे जाएगी।

त्याेहाराें में हुई जमकर लापरवाही
त्याेहाराें के दाैरान जिलाभर में जमकर लापरवाही देखी गई। शिमला के साथ-साथ उपनगराें में भी राेजाना हजाराें की संख्या में लाेग देखे जा रहे थे, इसके अलावा जिला में जुब्बल काेटखाई एरिया में उपचुनाव भी हुए हैं। लिहाजा अब यह डर बना हुआ है कि अब काेराेना संक्रमण बढ़ सकता है। ऐसे में अब त्याेहाराें के तुरंत बाद जिला में टेस्टिंग बढ़ाई जाएगी ताकि यह पता चल सके कि काेराेना संक्रमण बढ़ ताे नहीं रहा है। संक्रमण बढ़ता है ताे उस एरिया में जरूरी एहतियात बरती जाएगी। कोरोना फिर प्रदेश में ज्यादा न फैले इसीलिए स्वास्थ्य विभाग पहले से हर तरह की तैयारी करना चाहता है ताकि लोग भारी तादादा में इसकी चपेट में न आएं।

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