HPU में नहीं होंगे SCA चुनाव:मेरिट के आधार पर ही होगी कार्यकारिणी गठित, एग्जीक्यूटिव काउंसिल नहीं दी मंजूरी

शिमला18 दिन पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में सक्रिय छात्र संगठनों के लिए बड़ा झटका लगा है। इस बार भी स्टूडेंट सेंट्रल एसोसिएशन (SCA) के चुनाव नहीं होंगे। इस बार भी मेरिट के आधार पर ही कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने प्रत्यक्ष SCA चुनाव को मंजूरी नहीं दी है।

प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद ने प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनावों पर 2014 में प्रतिबंध लगाया था। 2013 में अंतिम बार कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की SCA चुनी गई थी। परिसरों में हुई हिंसा पर प्राचार्यों की राय के बाद तत्कालीन वीसी प्रो. एडीएन वाजपेयी ने ईसी में प्रस्ताव ले जाकर चुनावों पर प्रतिबंध लगाया। इस दौरान अप्रत्यक्ष मेरिट आधार पर SCA मनोनयन का विकल्प दिया था।

मेरिट आधार पर बनती है SCA

2014 में अप्रत्यक्ष मेरिट पर SCA मनोनयन का फार्मूला लागू किया गया था। विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में पिछली कक्षा की मेरिट के आधार पर SCA के लिए पदाधिकारियों का मनोनयन हुआ। खेल सांस्कृतिक, रेंजर रोवर, एनसीसी, एनएसएस में बेहतरीन छात्रों के लिए एससीए में सीटें निर्धारित कर मनोनयन हुआ। फार्मूला छात्र संगठनों को इसलिए स्वीकार्य नहीं है, चूंकि इसमें छात्र राजनीति में रुचि रखने वाले छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने, राजनीतिक गतिविधियों का मौका नहीं मिलता है।

पहले भी 4 साल तक रहा था प्रतिबंध

छात्र गुटों, संगठनों में हिंसा की बड़ी घटनाओं को आधार बनाकर वर्ष 1996 से 2000 तक छात्र संघ चुनावों पर प्रतिबंध लगाया गया था। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में SCA का गठन ही नहीं किया गया था। छात्र संगठनों के आंदोलनों के कारण वर्ष 2000 में चुनावों को बहाल कर दिया गया था।

सरकार के इशारे पर होता है निर्णय

सरकार के इशारे या सहमति से ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव करवाने पर निर्णय लेता है। चुनावी वर्ष होने के कारण शायद ही सरकार भी छात्र संघ चुनाव बहाल करने का जोखिम लें। भाजपा ने विधानसभा चुनावी घोषणा पत्र में छात्र संघ चुनाव बहाली को जगह दी थी, मगर अभी तक सरकार यह नहीं कर पाई।