पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Himachal
  • Shimla
  • Schools In Himachal Will Remain Closed Till September 21, Teachers Will Continue To Come To School As Before, Children Will Study Online

हिमाचल में अब 21 सितंबर तक बंद रहेंगे स्कूल:सरकार ने एक सप्ताह और बढ़ाई रोक; टीचिंग-नॉन टीचिंग स्टाफ पहले की तरह आएगा, ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी

शिमला9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

हिमाचल सरकार ने राज्य में स्कूलों को 21 सितंबर तक बंद रखने का फैसला लिया है। राज्य आपदा प्रबंधन सेल ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। कोरोना के मामलों और राज्य में बरसात को देखते हुए सरकार ने एक सप्ताह और स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। पहले सरकार ने 14 सिंतबर तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया था। हालांकि शिक्षक पहले की तरह स्कूलों में आकर ऑनलाइन पढ़ाई करवाएंगे। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने पिछले दिनों कहा था कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में बंद स्कूलों को खोलने के संबंध में जल्द फैसला लिया जाएगा। फिलहाल शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारी ही स्कूलों में जा रहे हैं। हालांकि, पिछले माह सरकार ने 10वीं से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं शुरू की, लेकिन कोविड के मामले सामने आने पर स्कूलों को बंद करना पड़ा। अभी भी करोना के केस सामने आ रहे हैं, लेकिन बच्चों की पढ़ाई प्राभावित हो रही है।

कोरोना के मद्देनजर शिमला का पोर्टमोर स्कूल बंद होने के कारण पड़ा सूना।
कोरोना के मद्देनजर शिमला का पोर्टमोर स्कूल बंद होने के कारण पड़ा सूना।

अभिभावक कर रहे स्कूलों को खोलने की मांग
ऑनलाइन कक्षाओं से छात्रों को कोई ज्यादा फायदा नहीं मिल रहा है। ऐसे में कई अभिभावकाें और निजी स्कूलों की ओर से भी स्कूल खोलने की मांग की जा रही है। वहीं, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि अगर कोरोना के केस कम होंगे तो सरकार स्कूलों को खोलने पर विचार करेगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर फैसला लिया जाएगा।

मानसून भी स्कूल बंद रखने का मुख्य कारण
प्रदेश में इन दिनों मानसून पूरी तरह से सक्रिय है। जगह-जगह बारिश से लैंडस्लाइड और हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में बच्चों के साथ किसी तरह की घटना न घट जाए इसलिए सरकार राज्य से मानसून की विदाई का इंतजार कर रही है।

15 सितंबर के बाद तीसरी लहर का खतरा
स्वास्थ्य विभाग ने तर्क दिया है कि डॉक्टर लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि 15 सितंबर के बाद तीसरी लहर आ सकती है। ऐसे में सरकार को इस समय किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए, क्योंकि अगर बच्चे संक्रमित हो गए तो परेशानियां खड़ी हो जाएंगी। क्योंकि अभी 18 साल से कम आयु वर्ग के युवाओं के लिए वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। वहीं संक्रमण के मामले भी अभी 1000 से नीचे नहीं आए हैं। रोजाना मौतें भी तीन से चार हो रही है। एक सप्ताह तक संक्रमण के मामलों में नजर रखने के बाद आगे कुछ और निर्णय लिया जा सकता है।

खबरें और भी हैं...