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मरीजों को सुविधा देने की तैयारी:शिमला, रामपुर, कुल्लू; हमीरपुर में ऑक्सीजन बैंक खुलेंगे, 500-500 सिलेंडर की होगी क्षमता

शिमला2 महीने पहले
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  • ऑक्सीजन की खपत का निरीक्षण करने को ऑडिट समितियां होंगी गठित

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए प्रदेश सरकार 500-500 सिलेंडराें की स्टाेरेज क्षमता वालें चार ऑक्सीजन बैंक खाेलने की तैयारी में है। यह बैंक शिमला, रामपुर, कुल्लू और हमीरपुर में खाेले जाने है। प्रदेश में इस समय 43.65 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का स्टाॅक उपलब्ध है। शिमला में का ऑक्सीजन बैंक शिमला, साेलन, सिरमाैर की मांग पूरा करेगा।

हमीरपुर का ऑक्सीजन बैंक हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और कांगड़ा में इसकी स्पलाई की जाएगी। कुल्लू में ऑक्सीजन बैंक के खुलने से मंडी, कुल्लू, और लाहाैल स्पीति, चंबा के लिए सप्लाई हाेगी। रामपुर में ऑक्सीजन बैंक खाेलने से राेहडू, किन्नाैर एरिया काे कवर करने की याेजना है।

प्रदेश में ऑक्सीजन युक्त 3000 अतिरिक्त बैडाें की व्यवस्था कर दी गई है। इसमें से 50 प्रतिशत ऑक्सीजन बैड ऑक्यूपाई है। यानि 1500 मरीज ऑक्सीजन पर और 44 मरीज आईसीयू में हैं। स्वास्थ्य विभाग की माने ताे एक मरीज के लिए तीन ऑक्सीजन सीलेंडर रिजर्व रखे गए हैं।

प्रदेश में ऑक्सीजन काे लेकर हालात काफी बेहतर हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा ऑक्सीजन की निगरानी और भंडारण के लिए ऑक्सीजन नियंत्रण कक्ष भी खाेल दिए गए हैं। कोविड-19 मरीजों के शरीर में ऑक्सीजन स्तर 92-94 प्रतिशत बनाए रखने काे कहा गया है। अस्पतालों को सप्ताह में दो बार इन्वेंट्री प्लानिंग, ऑक्सीजन की खपत के तरीके का निरीक्षण करने के लिए आॅडिट समितियां गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

राज्य ने केंद्र से 30 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन का कोटा देेने का आग्रह

राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से प्रदेश के लिए निर्धारित 15 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन का काेटा बढ़ा कर 30 एमटी करने का आग्रह किया है। सरकार आईजीएमसी के ऑक्सीजन प्लांट की उत्पादन क्षमता को भी 20 मीट्रिक टन तक बढ़ाएगी। ताकि ऑक्सीजन के कारण किसी को परेशानी न झेलनी पड़े।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के ऑक्सीजन उत्पादकों को ऑक्सीजन की प्राेडक्शन बढ़ाने काे कहा है। उन्होंने ऑक्सीजन के रिसाव और अपव्यय को भी रोकने को भी कहा है। राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से मांग को पूरा करने के लिए डी-टाइप के 5000 और बी-टाइप के 3000 सिलेंडर उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ऑक्सीजन संयंत्रों को राज्य सरकार बिजली की पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगी ताकि ऑक्सीजन की कमी न हो और ऑक्सीजन का उत्पादन सुचारू रूप से चले।

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