शोघी-मैहली सड़क की हालत खस्ता:जगह-जगह पड़े गड्ढे बने चालकों के लिए सिर दर्द, बारिश में बह गई टारिंग

शिमला12 दिन पहले
शिमला सोलन बाईपास शोघी मैहली सड़क की हालत खस्ता।

हिमाचल में शिमला के सोलन बाइपास पर शोघी मैहली सड़क की हालत खस्ता है। भट्ठाकुफर से लेकर मल्याणा-मैहली और शोघी तक सड़क की हालत ये है कि यहां पर गाड़ियां चलाना भी मुश्किल हो रहा है। गड्ढों के कारण ट्रक हिचकोले खाते हैं। इससे पेटियों में भरे सेब को नुकसान पहुंच रहा है। चुनावी साल में सड़कों के ऐसे हाल देखकर लोग परेशान हैं। शहर में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की सड़कों की हालत भी खस्ता है। भारी बारिश का दौर लगभग थम चुका है, लेकिन सरकारी महकमा बारिश का पूरी तरह से बंद होने का इंतजार कर रहा है।

शोघी-मैहली सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही काफी ज्यादा है। यह सड़क पहले आठ से दस टन भार के लिए बनाई गई थी। सेब सीजन के दौरान इस सड़क का सबसे अधिक इस्तेमाल होता है। सेब से लदे बड़े-बड़े ट्राले भट्टाकुफर बाइपास से मैहली और यहां से शोघी पहुंचते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने के कारण सड़क की हालत काफी खराब हो जाती है।

धूल उड़ने से फसल होती है खराब

मैहली से आगे ब्यूलिया, होरी, सयार, बड़ागांव, रगांव और आनंदपुर आदि गांव इस सड़क से सटे हैं। गड्ढे व धूल के कारण क्षेत्र के लोगों को खासी परेशानी होती है। वाहनों की आवाजाही से दौरान जो धूल उड़ती है, उसे फसलें तो खराब होती ही है। इसके साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।

बारिश में बह गई टारिंग

लोक निर्माण विभाग ने गर्मियों में कई सड़कों पर टारिंग की थी, लेकिन बरसात में यह सब बह गई। अब इन पर दोबारा गड्ढे पड़ गए हैं। शिमला-जुन्गा-साधूपुल सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। शहर में नगर निगम की न्यू शिमला, बड़श, जाखू, कनलोग, पटयोग वार्ड की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई है। निगम ने कई सड़कों की आधी अधूरी टारिंग कर काम बंद कर दिया था।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश ठाकुर ने बताया कि बारिश थमने पर तुरंत टारिंग शुरू करवाएंगे। गड्ढे भरने के लिए पैचवर्क करवाया जा रहा है। जिसके बाद वाहन चालकों को परेशानी नहीं होगी।