मिशन एडमिशन:आरकेएमवी में अभी तक आए हैं 2200 आवेदन साइंस की मिनिमम कटऑफ रही थी 60 फीसदी

शिमला5 महीने पहले
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कॉलेज में हैं कुल 1120 सीटें, 23 अगस्त तक अभी चलेगी एडमिशन। - Dainik Bhaskar
कॉलेज में हैं कुल 1120 सीटें, 23 अगस्त तक अभी चलेगी एडमिशन।
  • आर्ट्स स्ट्रीम हैं सबसे ज्यादा 600 सीटें, यूजी का हर मेजर सब्जेक्ट है यहां

प्रदेश का सबसे बड़ा गर्ल्स काॅलेज आरकेएमवी में इस बार एडमिशन के लिए हाेड़ लगी हुई हैं। यहां पर पिछले साल साइंस की मिनिमम कटऑफ 60 फीसदी रही थी। जबकि आर्ट्स में 35 फीसदी वालाें काे भी एडमिशन मिल गई थी। अभी तक आरकेएमवी में लगभग 2200 आवेदन आए हैं। सरकारी क्षेत्र का प्रदेश में एकमात्र गर्ल्स कॉलेज आरकेएमवी है।

यहां एडमिशन लेना अधिकतर छात्राओं का सपना होता है। 3500 से अधिक छात्राओं को शिक्षा प्रदान करने वाले इस कॉलेज में न केवल शिमला जिला से बल्कि जनजातीय जिला किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा जैसे दुर्गम क्षेत्र की छात्राएं कॉलेज की पढ़ाई करती हैं।

कॉलेज में यूजी कोर्स में हर मेजर विषय पढ़ाया जाता है। तीनों संकाय के यूजी डिग्री कोर्स में 120 सीट प्रति मेजर विषय उपलब्ध है। इनमें कामर्स यूजी कोर्स के लिए कॉलेज की मेरिट हाई जाती है। कॉलेज में छात्राओं के लिए लैंग्वेज लैब सहित शिक्षण कार्य में नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

कॉलेज में लगभग 1120 सीटें अलग अलग विषयों की भरी जानी है। इसमें आर्ट्स में 600, कॉमर्स में 80, मेडिकल में 140, नाॅन मेडिकल में 140, बीसीए में 40, वोकेशनल कोर्स में 90 (रिटेल मेनेजमेंट में 45 और हॉस्पिटेलिटी और टूरिज्म में 45) सीटें इस सेशन में उपलब्ध है। 1945 से आरपीसीएसडीबी कॉलेज के नाम से चल रहे कॉलेज को 1979 में गर्ल्ज कॉलेज आरकेएमवी बनाया गया और सरकार ने इसका अधिग्रहण किया। 1979 में कॉलेज में छात्राओं की जो संख्या 919 थी, वह अब बढ़कर 3500 तक पहुंच गई है।

मेरिट पर होगी एडमिशन

मेरिट के आधार पर एडमिशन मिलेगा। इसकी पहली लिस्ट 24 अगस्त काे आ सकती है। इसके बाद छात्राओं को एडमिशन फीस चुकानी होगी। अगर कोई छात्र समय पर फीस नही चुकाता है तो उसकी जगह वेटिंग लिस्ट वाली छात्रा को एडमिशन मिलेगी।

वहीं, किसी विषय में सीटें खाली रह जाती है तो दोबारा से काउंसिलिंग प्रकिया शुरू हो सकती है। गर्ल्स कॉलेज होने के चलते छात्राओं का फाेकस इस कॉलेज पर रहता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राएं आरकेएमवी में प्रवेश के लिए अप्लाई करती हैं। इसके अलावा संजौली कॉलेज में भी कुछ छात्राओं को प्रवेश मिल जाता है।

ये न साेचे अगले साल एडमिशन लूंगा, अभी जहां मिले वहीं लें तो ही फायदा

एडमिशन के वक्त बच्चाें के दिमाग में कई तरह के सवाल उमड़ते हैं। वे साेचते हैं, इस साल कुछ और कर लेता हूं, अगले साल एडमिशन लेता हूं। ये गलत भी नहीं है, लेकिन अगले साल की परिस्थितियां कुछ और हाे सकती हैं। ऐसे में अगर आप काॅलेज में पढ़ना चाहते हैं, ताे जहां एडमिशन मिल रही है, वहां ले लें। क्याेंकि, कंपीटिशन दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। जाे आप इस साल सीख लेंगे, क्या पता अगले साल वाे सीख न पाओ। इसलिए हमेशा खुद पर विश्वास रखाे, जाे आप करना चाहते हैं, वे अगर सही है ताे वही करें।

प्रो. पीपी चौहान प्रिंसिपल, सरस्वती नगर काॅलेज

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