राज्य सरकार की पहल / आज से 50 कराेड़ रुपए तक का निवेश करने वाले उद्यमी एमएसएमई की श्रेणी में आएंगे

फाइल फोटो। फाइल फोटो।
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फाइल फोटो।फाइल फोटो।

  • उद्याेग लगाने के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन हाेगा मान्य नहीं लगाने पड़ेंगे कार्यालयाें के चक्कर

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 06:15 AM IST

शिमला. आज से प्रदेश में अगर काेई भी उद्यमी 50 कराेड़ रुपए तक का निवेश करता है ताे उसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) की श्रेणी में रखा जाएगा। उद्याेग लगाने के लिए उद्यमियाें काे कार्यालयाें के भी चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उद्याेग लगाने के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन मान्य हाेगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की सुविधा के लिए ऑनलाइन स्वयं प्रमाणन (सेल्फ सर्टिफिकेशन) सुविधा शुरू कर दी है। राज्य सरकार की इस पहल से उद्यमियाें काे काम करने में आसानी हाेगी। 
उद्यमियों को अपना उद्याेग लगाने के लिए पहले संबंधित विभागों से सभी आवश्यक मंजूरी लेनी पड़ती थी। ये एक थका देने वाली प्रक्रिया हाेती थी। इससे एक ओर जहां परियोजना लागत में अनावश्यक वृद्धि हाेती थी वहीं समय की बर्बादी भी हाे रही थी। ऑनलाइन प्रमाणन सुविधा न केवल उद्यमियों को कठिन प्रक्रियाओं से बचाएगी, बल्कि उद्यमों को शीघ्र स्थापित करने में मदद भी करेगी।

ऑनलाइन स्वयं प्रमाणन पोर्टल सेवा शुरू होने के बाद उद्यमी पोर्टल पर इलैक्ट्राॅनिक रूप से नोडल ऐजेंसी के सामने डैक्लेरेशन ऑफ इन्टेन्ट पेश करेंगे। मुख्यमंत्री ने नोडल ऐजेंसियाें काे सात दिनों के भीतर उद्यमियों को एकनाेलिजमेंट सर्टिफिकेट जारी करने काे कहा है।

निरीक्षण में तीन साल तक रहेगी छूट
इस सुविधा के शुरू होने के बाद, उद्यमियाें द्वारा काम शुरू होने तक (जो भी पहले हो) के तीन वर्ष की अवधि तक निरक्षीण कार्य में भी छूट रहेगी। इस दाैरान उद्यमियाें की हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम-1994, हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1994, हिमाचल प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम-1984, हिमाचल प्रदेश रोड साइड लैंड कंट्रोल ऐक्ट-1968, हिमाचल प्रदेश दुकानें एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम-1969, हिमाचल प्रदेश सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम-2006 और हिमाचल प्रदेश शहर और नगर नियोजन के तहत किसी भी प्रकार का निरीक्षण नहीं किया जाएगा, और न ही संबंधित विभाग से कोई मंजूरी मांगी जाएगी।

राज्य में लगभग 99.5 प्रतिशत उद्योग इस श्रेणी में आते हैं, इसलिए ऑनलाइन स्वयं प्रमाणन की सुविधा मिलने से उद्योगपतियों को सहायता मिलेगी। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने व्यापार में सुगमता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही याेजनाओं की जानकारी दी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राजस्थान के बाद हिमाचल दूसरा प्रदेश है जहां निवेशकों की सुविधा के लिए स्वयं प्रमाणन का अध्यादेश लाया गया है। निदेशक उद्योग हंस राज शर्मा ने ऑनलाइन पोर्टल के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला मुख्य सचिव अनिल खाची, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ आरएन बत्ता, विशेष सचिव उद्योग आबिद हुसैन सादिक इस अवसर पर उपस्थित थे।

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