सस्ती सवारी / 3 साइक्लिंग ट्रैक बनाने के लिए दो दिन में कॉल किए जाएंगे टेंडर

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  • शहर में लौटेगा पुराना दौर, सस्ते किराए पर मिलेंगी साइकिलें

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 07:11 AM IST

शिमला. (सोनिया शर्मा) शहर में अब लोग जल्दी ही आने जाने के लिए  साइकिल की सस्ती सवारी कर सकेंगे। नगर निगम शिमला शहर में चार जगह साइकिल के लिए स्मार्ट डक्ट बनाने जा रहा है जिसमें लोगों को आने जाने के लिए अलग से रास्ता मिलेगा। यानी शहर में एक बार फिर पुराना दौर लौटने वाला है। इसके लिए दो दिनों के भीतर टेंडर कॉल किए जा रहे है। स्मार्ट सिटी के तहत निजी कंपनी को हायर किया जाना है। यानी टेंडर में जो भी कंपनी सिलेक्ट होगी वही शिमला में साइकिल के लिए स्मार्ट डक्ट बनाएगी।

पिछले कई सालों से लोग शहर में साइकिल की पुरानी व्यवस्था को फिर से शुरू करने की डिमांड कर रहे थे। पुराने दौर में भी लोगो को पैदल चलने के लिए साइकिल का ही प्रयोग करते थे। इनका किराया भी कम होता था और आसानी से प्रयोग के लिए मिल भी जाया करती थी अब एक बार फिर स्मार्ट सिटी के तहत नगर निगम के लिए यह पहल शुरू करने जा रहा है। इसमें एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए लोग साइकिल का प्रयोग करेंगे।

कोरोनाकाल में मददगार बनेंगे यह साइकिल ट्रैक

इस समय समूचा विश्व कोविड-19 से जूझ रहा है ऐसे में यह साइकिल ट्रैक शिमला शहर में लोगों के लिए काफी मददगार साबित होंगे। शिमला शहर में इस समय पर व्यवस्था पूरी तरह से बंद है ऐसे में लोगों को आने-जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में शिमला शहर में यदि स्मार्ट सिटी के तहत साइकिल ट्रैक बनते हैं तो लोगों को काफी हद तक बड़ी सुविधा मिल पाएगी। ट्रैक बनने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि लोगों को सस्ती दर पर यह सुविधा मिल पाएगी और दूसरा पर्यावरण भी पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त रहेगा। इससे प्रदूषण फैलने का खतरा भी खत्म हो जाएगा।

3 जगह फाइनल, छोटा शिमला से सचिवालय इनमें से एक

स्मार्ट सिटी के तहत फिलहाल इसके लिए तीन जगह चिन्हित की गई है जहाँ पर ये साइकिलिंग ट्रैक बनाये जाने है। इसमें छोटा शिमला से सचिवालय, चौड़ा मैदान से सीटीओ और लक्कड़बाजार से संजौली तक ये ट्रैक बनाये जाने है। स्मार्ट सिटी के तहत इसका जिम्मा इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड को दिया गया है। विभाग की और से इसका प्लान निगम को सबमिट भी कर दिया गया है। हालांकि अभी तीन जगह तय की गई है लेकिन अगर शहर में और कहि भी जरूरी है तो ये साइकिलिंग ट्रैक अन्य जगह भी बनाए जाएंगे। 

पीपीपी मोड पर शुरू होगा यह काम

स्मार्ट सिटी के तहत  इसके लिए टेंडर होगा और यह कार्य पीपीपी मोड पर करवाया जाएगा। जिस भी कंपनी को स्मार्ट सिटी के तहत साइक्लिंग ट्रैक बनाने का जिम्मा दिया जाएगा अगले 5 साल तक वहीं कंपनी इन ट्रैक्स का रखरखाव और देखरेख करेगी। साइकिल को हायर करना और उसकी मेंटेनेंस करने का जिम्मा भी संबंधित कंपनी के पास ही होगा।

अगले पांच सालों तक कंपनी को ही यह जिम्मा दिया जाएगा। इसमें 1 घंटे का ₹10 किराया फिक्स किया गया है। हालांकि यह किराया फाइनल नहीं है लेकिन नगर निगम किराया तय करने का जिम्मा अपने पास ही रखेगा। इसमें टेंडर में यह भी शर्त रखी गयी है कि संबंधित कंपनी को कुछ हिस्सा निगम को भी देना होगा।

  • स्मार्ट सिटी के तहत साइक्लिंग ट्रैक बनेंगे, इसके लिए 2 दिन के भीतर टेंडर कर दिया जाएगा। पीपीपी मोड पर यह काम निजी कंपनी को दिया जाएगा। -नितिन गर्ग, जीएम, स्मार्ट सिटी

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