पार्षद नाराज:नगर निगम हाउस से पहले हो गया उपचुनाव का ऐलान, पार्षद भी पहुंच चुके थे, हुआ रद्द

शिमला2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मंगलवार को प्रस्तावित निगम हाउस में पार्षद तो पहुंचे लेकिन हाउस से पहले ही आचार संहिता लग गई। - Dainik Bhaskar
मंगलवार को प्रस्तावित निगम हाउस में पार्षद तो पहुंचे लेकिन हाउस से पहले ही आचार संहिता लग गई।
  • आयोग से मांगें विशेष अनुमति, विकास कार्य होंगे बाधित

नगर निगम का मासिक हाउस उपचुनाव की घोषणा होने के बाद मंगलवार को स्थगित कर दिया गया। हाउस में भाग लेने के लिए पहुंचे कई पार्षद हाउस के स्थगित होने से नाराज दिखे। मंगलवार दोपहर 2:30 बजे सभी पार्षद बचत भवन पहुंचे थे, लेकिन इस दौरान बैठक का संचालन करते हुए आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि चुनाव आयोग ने उपचुनावों का ऐलान कर दिया है। ऐसे में आचार संहिता के लागू होने से निगम का प्रस्तावित हाउस स्थगित किया जाता है। जिसके बाद कई पार्षदों ने हाउस के स्थगित होने पर नाराजगी भी जताई।

बैठक में भाग लेने पहुंचे कई पार्षदों ने यह मांग उठाई कि चुनाव आयोग से इस संबंध में विशेष अनुमति मांगी जाए और एक विशेष सत्र आने वाले कुछ दिनों में फिर से बुलाया जाए। जबकि आयुक्त ने इस संबंध में जवाब देते हुए कहा कि चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अनुमति मांगी जाएगी। अगर अनुमति मिलती है, तो एक विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान कई पार्षदों ने यह भी सवाल उठाए को अगर चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया था, तो ऐलान के तुरंत बाद चुनाव आयोग से विशेष अनुमति मांग ली जानी चाहिए थी, ताकि इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाति।

पंथाघाटी के पार्षद और पूव महापौर राकेश शर्मा ने कहा कि आचार संहिता के चलते अब अगले ढेड महिने तक न तो कोई बैठक हो पाएगी और न ही शहर में हो रहे विकास कार्यों को गति मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि एफसीपीसी की बैठक में कई प्रस्ताव पास हुए थे, जिसमें शहर के अनेकों वार्डों के लिए विकास कार्यों को मंजूरी मिलनी थी, लेकिन अब यह अगले डेढ़ महीने तक लटक जाएंगे। उन्होंने मांग उठाई कि इस संबंध में चुनाव आयोग से विशेष अनुमति मांगी जाए। वहीं मेयर सत्या कौंडल ने बताया कि इस संबंध में चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अनुमति मांगी जाएगी।

कर्मचारियों को छह फीसद डीए का प्रस्ताव भी लटका
हाउस के स्थगित होने से नगर निगम के कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर छह फीसद डीए देने का प्रस्ताव भी लटक गया है। एफसीपीसी की बैठक से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इसे हाउस में भेजा गया था, क्योंकि नियमों के तहत डीए देने से पहले प्रस्ताव को निगम की वित्त कमेटी और हाउस से मंजूरी लेनी होती है।
​​​​​​ लेकिन अब हाउस के स्थगित होने से यह मामला भी लटक गया है। इसके अलावा निगम के दैनिक कर्मचारियों से लेकर अनुबंध कर्मचारियों और निगम में 1989 से लेकर 1995 तक एडहॉक पर लगे कर्मचारियों को नियमित होने के लिए अब और इंतजार करना पड़ेगा।

हाउस स्थगित होने से अटके यह प्रस्ताव

  • मज्याठ वार्ड में रेल पटरी पर 1.47 करोड़ की लागत से बनने वाला पुल।
  • टुटू में 21 लाख की लागत से होना था नाले का निर्माण।
  • ढली में फोरलेन की जद में आए पार्क का स्थानांतरण।
  • सामुदायिक भवन ढली में चलेगी प्राथमिक पाठशाला।
  • इंद्र नगर ढली में बेक्टा निवास के पास 37 लाख से बनने वाली पार्किंग।
  • स्लॉटर हाउस चलाने वालों को पिछला किराया देने पर मिलनी थी छूट।
  • विकासनगर में 15 लाख रुपए की लागत से नाले का निर्माण।
  • खलीणी में 15 लाख की लागत से किया जाना था रास्ते का निर्माण।
  • इंद्र नगर ढली में 20 लाख की लागत से बनेगी स्टील चैनल पार्किंग।
  • संजौली के इंजनघर में 25 लाख की लागत से पार्किंग बनाने का प्रस्ताव।
  • संजौली के समिट्री में 17 लाख की लागत का पार्क।
खबरें और भी हैं...