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  • The Highest Infection Of Karena In The Age Group Of 31 45 In The District So Far, The Number Of People In The 46 To 60 Category Is Second.

आंकड़ाें में आया सामने:जिले में 31-45 आयुवर्ग में काेराेना का अब तक सबसे ज्यादा संक्रमण, दूसरे नंबर पर 46 से 60 वर्ग के लाेग

शिमला2 महीने पहले
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  • सबसे कम 15 साल से कम आयु के लाेग हुए हैं संक्रमित

काेराेना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में काेई भी वर्ग इस रफ्तार से अछूता नहीं रहा है, मगर अब तक सबसे ज्यादा संक्रमण 31 से 45 आयुवर्ग में फैला है। बीते एक साल में इस वर्ग के लाेग सबसे ज्यादा संक्रमित हुए हैं। जबकि दूसरे नंबर पर 46 से 60 आयुवर्ग के लाेग शामिल हैं। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की रिपाेर्ट में आया है।

विभाग काेराेना संक्रमित लाेगाें के आंकड़ाें काे इकट्ठा कर रहा है। जिसमें हर वर्ग का अलग-अलग डाटा एकत्रित किया गया है। 24 अप्रैल के डाटा के अनुसार यह भी पाया गया है कि सबसे कम संक्रमण अब तक 0 से 15 साल के बीच फैला है, जाे काफी हद तक राहत की बात भी है।

युवा भी इस मामले में तीसरे नंबर पर है। जबकि 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग चाैथे नंबर पर है। इसमें भी कई लाेग संक्रमित हुए हैं। हालांकि अब काेराेना बेकाबू हाेता जा रहा है, राेजाना सैकड़ाें मरीज अस्पतलाें में पहुंच रहे हैं। आधा दर्जन से ज्यादा लाेगाें की माैत राेजाना जिला में काेराेना से हाे रही है।

किस वर्ग में कितना काेराेना

आंकड़ाें के अनुसार 31 से 45 आयुवर्ग में अब तक सबसे ज्यादा 3927 लाेग जिला में काेराेना से संक्रमित हुए हैं, इसी तरह दूसरे स्थान पर 46 से 60 साल का आयुवर्ग है। इसमें 3696 लाेग अब तक संक्रमित पाए गए हैं। तीसरे स्थान 16 से 30 वर्ष के युवा शामिल हैं।

वहीं 60 वर्ष से आयु वर्ग में भी काेराेना के अब तक 2049 लाेग आए हैं। वहीं 0 से 15 साल के आयुवर्ग के अब तक 413 संक्रमित मरीज आए हैं। हालांकि इस वर्ग में छात्र शामिल हैं और एक साल से स्कूल बंद चल रहे हैं ऐसे में इस वर्ग में कम संक्रमण फैला है।

इसलिए 31-45 आयुवर्ग ज्यादा संक्रमित

31 से 45 आयुवर्ग के संक्रमित हाेने का सबसे बड़ा कारण यह भी है कि इस वर्ग के सबसे ज्यादा नाैकरीपेशा और काराेबार करने वाले लाेग हैं। राेजाना इन्हें घर से बाहर निकलना ही पड़ता है। ऐसे में भीड़भाड़ में जाने से इस वर्ग में संक्रमण भी ज्यादा फैला है।

इसी तरह 46 से 60 साल के लाेग दूसरे नंबर पर हैं जबकि यह वर्ग भी ज्यादातर घराें से बाहर रहता है। दाेनाें वर्ग में अब तक 7623 लाेग संक्रमित हाे चुके हैं जाे कि अब तक आए कुल केस के 60 फीसदी हैं। जबकि बुजुर्ग और बच्चे घर से बाहर कम निकलते हैं इसलिए इनमें संक्रमण कम फैला है।

टेस्ट करवाने में भी कर रहे लापरवाही

काेराेना की रफ्तार काफी तेज हैं, संक्रमण की दर जिला में 15 फीसदी से ज्यादा पहुंच गई है, मगर लाेग अभी भी टेस्ट करवाने और अस्पताल पहुंचने में देरी कर रहे हैं। ज्यादातर यह देखा गया है कि अगर किसी एरिया में काेई शादी समाराेह या अन्य कार्यक्रम है वहां पर कई लाेग संक्रमित आ रहे हैं।

मगर दूसरी और उस एरिया से सभी लाेग टेस्टिंग के लिए आगे नहीं आ रहे। स्वास्थ्य विभाग बार-बार लाेगाें से अपील कर रहा है कि वह टेस्ट करवाने के लिए आगे आएं मगर लाेग बाजार ताे आ जाते हैं, मगर अस्पतालाें में टेस्ट करवाने नहीं आते।

बीते एक साल में सबसे ज्यादा 31 से 45 आयुवर्ग में सबसे ज्यादा संक्रमण फैला है। इस वर्ग में ज्यादात्तर लाेग नाैकरीपेशा लाेग हैं। इन्हें कमाने के लिए घर से बाहर निकलना पड़ता है, ऐसे में यह वर्ग ज्यादा संक्रमित हुआ। हालांकि अब काेराेना हर वर्ग तक पहुंच रहा है, इसमें केवल सावधानी ही हमे बचा सकती है।

लाेगाें से अपील है कि वह काेराेना कर्फ्यू का पालन करें और घराें से बाहर बिना काम के ना निकलें। मास्क और साेशल डिस्टेंसिंग का प्रॉपर पालन करें ताकि संक्रमण की चेन काे ताेड़ा जा सके। -डाॅ. राकेश भारद्वाज, जिला सर्विलेंस ऑफिसर

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