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  • The Impact Of Kareena, Seven To Eight Thousand Devotees Used To Come To Tara Devi Temple On The First Day Of Navratri, This Time Only 1400 Arrived.

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वर्शिप फ्रॉम होम:काेराेना का असर, नवरात्र के पहले दिन तारादेवी मंदिर आते थे सात से आठ हजार श्रद्धालु, इस बार सिर्फ 1400 ही पहुंचे

शिमलाएक महीने पहले
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तारादेवी मंदिर। - Dainik Bhaskar
तारादेवी मंदिर।
  • बाकी मंदिराें में भी कम पहुंचे लाेग, चढ़ावा न चढ़ने से अासपास दुकानें लगाने वाले प्रभावित

एक साल के बाद नवरात्र में मंदिर में श्रद्धालुओं काे दर्शन करने का माैका ताे मिला, लेकिन बंदिशें जारी हैं। इस साल के चैत्र नवरात्राें के पहले दिन मंदिराें में भीड़ कम रही। जहां शहर के शक्तिपीठ तारादेवी में पहले दिन सात से आठ हजार श्रद्धालु दर्शन करते थे, वहीं इस बार महज 1400 के करीब भक्ताें ने मंदिर में दर्शन किए।

ऐसे में काेराेना संक्रमण के खतरे काे देखते हुए लाेग काफी कम संख्या में मंदिर में पहुंच रहे हैं। इसी तरह के शहर के कालीबाड़ी मंदिर, जाखू मंदिर, राम मंदिर, संकटमाेचन में भी श्रद्धालु कम ही दर्शन करने के लिए आए। अगर किसी भक्त ने भेंट देनी है ताे इसे मंदिर में लगे दानपात्र में बिना छुए डाला जा सकता है। घंटियां बजाने पर प्रतिबंध हैं, सिर्फ रिकाॅर्ड किए गए भजन काे बजाया जा सकता है।

नवरात्राें के दाैरान जहां एक ओर प्रशासन ने मंदिर खाेलकर श्रद्धालुओं के लिए राहत दी है, वहीं चढ़ावे में राेक लगाकर मंदिराें के बाहर दुकानें लगाने वाले काराेबारियाें के लिए आफत खड़ी कर दी है। अब ना ताे लाेग उनसे प्रसाद ले रहे हैं और ना ही चुन्नी और नारियल।

ऐसे में जिन काराेबारियाें का पूरा काराेबार नवरात्राें में ही हाेता था, उनके लिए परेशानी खड़ी हाे गई है। नवरात्राें से पहले कई काराेबारी हजाराें रुपए का सामान लाए थे, मगर अब वह नहीं बिक रहा है। क्याेंकि, प्रशासन के आदेशाें के बाद काराेबारियाें से सामान काेई नहीं ले रहा है।

इस तरह किए मंदिराें में भक्ताें ने दर्शन तारादेवी

यहां पर मंदिर में कम ही श्रद्धालु पहुंचे। घंटियाें में चुनरी बांधी हुई थी। इसके अलावा जगह जगह सेनेटाइजर रखे गए थे। गर्भगृह से दूर से ही दर्शन करने का माैका दिया गया। मंदिर खुलने का समय सुबह साढ़े चार बजे से रात आठ बजे तक निर्धारित किया गया है। माता की मूर्ति और अन्य जगहाें काे छूना वर्जित किया गया है। दर्शन सिर्फ दूर से ही हाे सकते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग बनाना जरूरी है।

कालीबाड़ी​​​​​​​ मंदिर को खोलने के लिए कमेटी के लोग बीते साेमवार से ही तैयारियों में जुटे थे। घंटियों को चुन्नी से ढका जा रहा गया ताे कैंपस की सफाई और सेनेटाइजेशन का काम किया गया। मंगलवार सुबह यहां पर साेशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करते हुए श्रद्धालु नजर अाए। मंदिर परिसर में अाने अाैर जाने के लिए दाे अलग अलग रास्ते बनाए गए हैं।

जाखूः मंदिर परिसर में उचित दूरी बनाए रखने के लिए गोले बनाए गए हैं। गोले में खड़े रहने के बाद जब बारी आएगी, तभी दर्शन कर सकेंगे। मंदिर के खुलने का समस सुबह पांच से रात आठ बजे तक हैं। घंटियाें के बिना ही पूजा हाेगी। मंदिर में पहले आओ पहले दर्शन पाओ के आधार पर हाे रहे हैं। दूर से ही दर्शन किए जा सकेंगे।

दर्शन के लिए कम समय, प्रसाद नहीं

​​​​​​​शहर के शक्तिपीठ मंदिराें में दर्शन के लिए कम समय निर्धारित किया गया है। दर्शन के लिए ज्यादा समय नहीं लगा सकेंगे। यहां पर तैनात पुलिस के जवान व मंदिर परिसर के कर्मचारियाें की जिम्मेवारी रहेगी की वे भीड़ काे जमा न हाेने दें। मंदिर में प्रसाद नहीं दिया जा रहा हैं।

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