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हिमाचल में कोरोना:तीन गुणा हुई जिले में काेराेना की रफ्तार, मार्च में 2 ताे अप्रैल में 8 फीसदी से बढ़ रहा

शिमलाएक महीने पहले
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आप यहां स्वस्थ होने आएं हैं...बीमार होने नहीं...फिर बेफिक्री क्यों - Dainik Bhaskar
आप यहां स्वस्थ होने आएं हैं...बीमार होने नहीं...फिर बेफिक्री क्यों
  • बेकाबू होती महामारी से बचने के लिए मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखें

साेमदत्त शर्मा
आमताैर पर जनवरी और फरवरी माह में काेराेना मरीजाें का आकंडा जिला में ना के बराबर हाे गया था। कई बार काेराेना के जीराे मामले शहर में रिकार्ड हुए। एक समय ऐसा लग रहा था कि अब काेराेना बिल्कुल खत्म हाे जाएगा और हम शहर काे काेराेना फ्री घाेषित कर देंगे। मगर उसके बाद लापरवाहियाें के साथ काेराेना के मरीज भी बढ़ने लगे।

मार्च में इसकी रफ्तार में हल्की बढ़ाेतरी हुई और शहर में दाे फीसदी की दर से लाेग पाॅजिटिव हाेने लगे। अप्रैल के आते ही काेराेना के मरीजाें में मार्च के मुकाबले तीन गुना मरीज बढ़ गए। राेजाना आंकड़ा 50 काे छूंने लगा और अब मात्र 12 दिनाें में ही काेराेना मरीज आठ फीसदी की दर से आ रहे हैं।

जहां एक से 31 मार्च तक शिमला में 475 मरीज आए थे, अब मार्च अप्रैल माह के 12 दिनाें में 634 मरीज काेराेना के आ चुके हैं। इसी रफ्तार से अगर काेराेना मरीज बढ़ते गए ताे अप्रैल माह के अंत तक यह दर कई गुना बढ़ जाएगी।

जहां एक ओर लाेगाें के पाॅजिटिव हाेने की रफ्तार दाे से अाठ फीसदी हाे गई है, वहीं काेराेना पाॅजिटिव मरीजाें के मरने का आंकड़ा भी तीन गुना बढ़ गया है। पूरे मार्च माह में मात्र छह लाेगाें की जान काेराेना से गई थी, जबकि अप्रैल के 12 दिनाें में ही 20 लाेगाें की माैत काेराेना से हाे चुकी है। इसमें शहर के भी पांच लाेग हैं।

अब राेजाना दाे से तीन लाेगाें की माैत आईजीएमसी में काेराेना से हाे रही है। बीते वर्ष से अब तक जिला शिमला में काेराेना से 282 लाेग अपनी जान गवां चुके हैं। बावजूद इसके लापरवाही जारी है। काेराेना नियमाें का पालन करने की बजाए लाेग इसे हल्के में ले रहे हैं।

जिला शिमला में पहला केस बीते वर्ष मई माह में आया था। उस दाैरान शहर के लाेग ज्यादा सचेत थे, काेराेना नियमाें की काेई भी काेताही नहीं की जा रही थी। लाेग बिना काम के घराें से बाहर नहीं निकल रहे थे। यदि जरूरी हाे ताे बिना मास्क के नहीं रहते थे। साेशल डिस्टेंसिंग भी प्राेपर की जाती थी।

यहां तक की सैनेटाइजर का उपयाेग भी बार-बार किया जाता था। मगर अब हालात बिल्कुल उल्टे हैं। एक साल में अब तक जिला में 11682 मरीज आ चुके हैं। राेजाना 50 से ज्यादा मरीज जिले में आ रहे हैं, जिसमें शहर के आधे मरीज हाेते हैं। मगर ना ताे साेशल डिस्टेंसिंग का पालन हाे रहा है और ना ही मास्क लाेग प्राेपर पहन रहे हैं। यहां तक की सेनेटाइजर का उपयाेग ताे लगभग बंद कर दिया गया है। ऐसे में अब काेराेना की रफ्तार काे राेकना मुश्किल है।

आईजीएमसी में साेशल डिस्टेसिंग का नहीं हाे रहा पालन

काेराेना काे लेकर लगतार हिदायतें दी जा रही हैं कि मास्क और साेशल डिस्टेसिंग का प्रयाेग करें। एक दूसरे से दाे गज की दूरी बनाए रखें। मगर आईजीएमसी अस्पताल जहां राेजाना सैकड़ाें मरीज इलाज के लिए आते हैं, उनके साथ तीमारदार भी रहते हैं। कई लाेग अपने काेराेना टेस्ट के लिए भी पहुंचते हैं। यहीं पर काेराेना नियमाें की सबसे ज्यादा अनदेखी हाे रही है।

यहां पर लैब, कैश काउंटर और पर्ची काउंटर समेत ओपीडी में साेशल डिस्टेसिंग का बिल्कुल पालन नहीं हाे रहा। लाेग ऐसे दूसरे के साथ जुड़कर खड़े रहते हैं। यह तस्वीर साेमवार काे आईजीएमसी स्थित एसआरएल लैब की दाेपहर तीन बजे की है। जब यहां पर लाेग अपनी रिपाेर्ट लेने के लिए खड़े थे। एक दूसरे के साथ जुड़कर यह लाेग खड़े थे ताे ऐसे में काेराेना कम कैसे हाे पाएगा।

आईजीएमसी में कोरोना से एक की मौत, 55 नए मरीज

आईजीएमसी में कोरोना से राजगढ़ के 40 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। मरीज को 11 अप्रैल को आईजीएमसी में एडमिट करवाया गया। रविवार रात 12:30 बजे मरीज की मौत हो गई। जबकि जिला में कोरोना के 55 नए मरीज आए हैं।

नए मरीजों में आईजीएमसी और धामी से छह-छह, संजौली, लक्कड़ बाजार और भराड़ी से पांच-पांच, जाखू और जुब्बल कोटखाई से चार चार, हाईकोर्ट, मतियाना, ननखड़ी से तीन-तीन, रामपुर से दो, जबकि बीसीएस, मालरोड, ओक ओवर, हीरानगर, टूटीकंडी, मलियाना, कैथू, मिलिट्री अस्पताल, रोहड़ू और हमीरपुर से एक एक मरीज आया है। इसके 101 लोगों की रिपोर्ट पेंडिंग है। सोमवार को कुल 980 लोगों के सैंपल लिए गए जिसमें 55 पॉजिटिव आए हैं। सीएमओ शिमला डॉ सुरेखा चोपड़ा ने इसकी पुष्टि की है।

जिला में मार्च माह के मुकाबले काेराेना मरीजाें में तीन गुना बढ़ाेतरी हुई है। मार्च में दाे फीसदी की दर से काेराेना फैल रहा था, जाे अप्रैल के 11 दिनाें में आठ फीसदी हाे गया है। इसका एक ही कारण है कि लाेग काेराेना काे लेकर लापरवाही कर रहे हैं।

बिना मास्क और साेशल डिस्टेंसिंग के लाेग शहर में घूम रहे हैं। वहीं जाे लाेग संक्रमित के संपर्क में आए हैं ताे अपना टेस्ट जरूर करवाएं और तब तक सेल्फ क्वारेंटाइन रहें, जब तक रिपाेर्ट नहीं आ जाती। -डाॅ. राकेश, जिला सर्विलेंस अधिकारी शिमला

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