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हिमाचल में बंदिशों का असर नहीं:कोरोना के मामलों में नहीं आ रही कमी, कारण पता लगाने को स्वास्थ्य विभाग ने सभी डीसी से मांगी रिपोर्ट

शिमला8 दिन पहलेलेखक: दिनेश भट्‌ट/पूनम भारद्वाज
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हिमाचल प्रदेश में बंदिशों का कोई असर नहीं हो रहा। कोरोना के मामलों में कोई कमी नजर नहीं आ रही। बस जिस दिन टेस्ट कम हो रहे हैं मामले भी कम सामने आ रहे हैं। हिमाचल में अगस्त माह में कोरोना के सबसे अधिक मामले 10 तारीख को सामने आए थे। इस दिन 419 लोग पॉजिटिव पाए गए थे। इसी दिन अगस्त में सबसे अधिक 19,182 टेस्ट हुए थे।

इसके बाद 18 अगस्त को हिमाचल आने के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया। इसके साथ शर्त यह भी लगा दी गई कि आने वाले व्यक्ति के दो डोज लगी हाेनी चाहिए या 72 घंटे पहले का आरटीपीसीआर टेस्ट होना चािहए। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ है। उलटा होटल और पर्यटन व्यवसाय को ही नुकसान पहुंचा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने मामलों में कमी न आने की वजह पता लगाने के लिए सभी डीसी से कारणाें की रिपाेर्ट मांग ली है।

बैरियर पर नहीं की जा रही चैकिंग
प्रदेश में परवाणु बैरियर और मेहतपुर बैरियर से प्रवेश कर रहे पर्यटकों की कोई चेकिंग नहीं की जा रही है। ऐसे में पर्यटक बेरोक-टोक हिमाचल आ रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जो खतरे की घंटी हैं।

जितने एक दिन में पर्यटक आते थे उतने 25 दिन में आए
राज्य सरकार ने 18 अगस्त से प्रदेश आने के लिए ई-काेवड पास की शर्त काे लागू किया है। तब से लेकर 10 सितंबर तक बिलासपुर जिले में 4,754, चंबा में 5,005, हमीरपुर में 4,304, कांगड़ा में 13,185, किन्नौर में 247, कुल्लू में 6,386, लाहौल-स्पीति में 957, मंडी में 2,758, शिमला में 7,351, सिरमौर में 1,169, सोलन में 8,607 और ऊना में 6,547 लोगों ने प्रवेश किया है। यानि प्रदेश में बाहरी राज्य से इस मौसम के दौरान जितने लोग 1 दिन के भीतर आते थे, उतने 25 दिन के अंदर भी नहीं आए हैं।

हाेटल ऑक्यूपेंसी घट कर 10% से भी रह गई कम
पर्यटकाें के न आने से हाेटलाें में ऑक्यूपेंसी भी घट कर 10 प्रतिशत से कम रह गई है। दाे साल पहले ऑफ सीजन में भी हाेटलाें में 40 प्रतिशत तक की ऑक्यूपेंसी रहती थी। 50 से 60 हजार टूरिस्ट हर दिन हिमाचल घूमने आता जाे अब अब 25 दिन में ही 60 हजार रिकाॅर्ड िकया गया है। हाेटल एसाेसिएशन के प्रधान महेंद्र सेठ ने कहा कि पर्यटकाें के न आने से काराेबार पूरी तरह से चाैपट हाे गया है। उन्हाेंने सरकार से मांग की है कि वह भी गुजरात सरकार की तर्ज पर टैक्स में छूट दे कर उन्हें राहत दें। उन्हाेंने कहा कि वह अपनी इस मांग काे लेकर जल्द मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे।

रजिस्ट्रेशन की पाबंदी के बाद अगस्त-सितंबर में आने वाले काेरोना के मामले और टेस्ट

यह विभाग के लिए भी चिंता का विषय बन गया है कि बंदिशाें के बाद भी काेराेना संक्रमण के मामले कम हाेने का नाम क्याें नहीं ले रहे हैं। विभाग इस बात का पता लगा रहा है। विभाग ने संबंधित सभी डीसी से काेराेना संक्रमण के मामले कम न हाेने के कारणाें की रिपाेर्ट मांग ली गई है ताकि इसके आधार पर पता लगा सके कि आखिर केसाें में कमी न आने का क्या मुख्य कारण है। विभाग जिलाें से आने वाली रिपाेर्ट के आधार पर अपनी अंतिम रिपाेर्ट तैयार करेगा जिसे बाद में सरकार काे देंगे।
हेमराज बेरवा, निदेशक, नेशनल हेल्थ मिशन

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