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  • There Will Be Trouble Due To The Closure Of The Ration Card QR Scanning System At The Depot, If The Thumb Does Not Feel, Then You Will Have To Come Again To Get The Ration.

मुश्किल:डिपो पर राशन कार्ड क्यूआर स्कैनिंग सिस्टम बंद होने से होगी परेशानी, अंगूठा नहीं लगता ताे राशन लेने दाेबारा आना हाेगा

शिमला2 महीने पहले
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  • क्यूआर सिस्टम बंद होने की वजह से कई लोगों को लगाने पड़ेंगे डिपो के चक्कर, समय भी होगा बर्बाद

प्रदेश के सस्ते राशन के डिपुओं में अब उपभाेक्ताओं काे क्यूआर सिस्टम से राशन नहीं मिलेगा। सरकार ने 25 सितंबर के बाद डिपुओं पर क्यूआर सिस्टम बंद कर दिया है। इससे अब उन उपभाेक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी हाे गई है, जिनका डिपुओं पर अंगूठा नहीं लगता और राशन लेने उन्हें ही डिपुओं पर आना पड़ता है। डिपो संचालकों का कहना है कि 25 सितंबर के बाद मशीनों से राशन देने के 3 ऑप्शनों में से क्यूआर कोड स्कैनिंग का ऑपशन गायब हो गया है।

ऐसे में सिर्फ अंगूठा व ओटीपी माध्यम से ही राशन दिया जा रहा है। यदि किसी उपभाेक्ता का अंगूठा नहीं लगता है ताे पहले क्यूआर काेड स्कैन करके राशन दिया जाता था, मगर अब क्यूआर कोड सिस्टम बंद होने से उपभाेक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी हाे गई है। वहीं विभाग का कहना है कि प्रदेश में 95 प्रतिशत से अधिकतर राशन अंगूठा और ओटीपी माध्यम से उपभोक्ता ले रहे हैं। ऐसे में ऑप्शन अब खत्म किया जा रहा है।

स्कैन के माध्यम से धांधली की शिकायतें भी आ रही थी, ऐसे में अब ऑप्शन खत्म किया गया है। इस बारे में विभाग के अधिकारियाें का कहना है कि 95 फीसदी राशन अंगूठा स्कैन करके दिया जा रहा है। पांच फीसदी लाेग ऐसे हैं जिनका अंगूठा नहीं लगता। वह ओटीपी पर राशन ले सकते हैं। यह सिस्टम इसलिए बंद कर दिया गया है क्याेंकि इससे धांधली हाेने के ज्यादा चांस हाेते थे। लिहाजा अब इसे बंद करना पड़ा।

पहले यह था सिस्टमः पहले डिपुओं पर सिस्टम था कि जिन उपभाेक्ताओं के अंगूठे स्कैन नहीं हाेते थे, उन्हें राशन कार्ड काे स्कैन करके राशन दे दिया जाता था। अकसर कई बार घर के बुजुर्ग जब राशन के लिए आते थे ताे उनके अंगूठे नहीं लगते थे ताे डिपाे हाेल्डर राशन कार्ड काे स्कैन करके राशन दे देते थे। इससे उन्हें दाेबारा डिपुओं का चक्कर काटने की जरूरत नहीं हाेती थी। उन्हें पूरा राशन मिल जाता था। मगर अब उन्हें दाेबारा से डिपुओं पर किसी और सदस्य काे राशन लेने के लिए भेजना पड़ेगा।

घरों से दूर रहने वालों और मजदूर वर्ग को होगी परेशानी
डिपो संचालकों का कहना है कार्ड स्कैनिंग सिस्टम बंद होने से उन उपभेाक्ताओं को परेशानी आएगी। जिनके घरों में बुजुर्ग और परिवार सदस्य घरों से बाहर रहते हैं। ऐसे में वह राशन कार्ड स्कैन करवा कर राशन नहीं मंगवा सकेंगे। वहीं कई उपभेाक्ताओं ने मोबाइल नंबर बदल लिए हैं और आधार से नंबर लिंक नहीं है। मजदूर वर्ग जिनके अंगूठे काम करते हुए घिस गए हैं उनके भी अंगूठे स्कैन नहीं होते हैं ऐसे में उन्हें भी परेशानी आएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों के लाेगाें काे आएगी ज्यादा दिक्कत
प्रदेश डिपो संचालक समीति के प्रदेशाध्यक्ष अशोक कवि ने बताया कि 25 सितंबर को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के शिमला आने और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के संवाद के बाद विभाग ने मशीनों से क्यूआर कोड स्कैनिंग से राशन देने की प्रकिया को खत्म कर दिया है। मशीनों में जब स्कैन का ऑप्शन देखा जा रहा है तो वह नहीं दिखाई दे रहा है।
​​​​​​​प्रदेश के सभी जिला डिपो संचालकों यह शिकायत समीति के पास आ रही है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में जिनके आधार नंबर अपडेट नहीं और अंगूठा स्कैन नहीं हो रहा है उन्हें राशन लेने में परेशानी होगी। राशन प्रकिया में क्यूआर कोड स्कैनिंग सिस्टम बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशानी आएगी।

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