पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

हिमाचल में 15 दिन पहले शुरू होगा फायर सीजन:बारिश-बर्फबारी कम होने से इस बार 15 नहीं बल्कि एक अप्रैल से लग सकती है जंगलों में आग, फायर वाचर की छुट्टी हो सकती है रद्द

शिमला3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
हिमाचल में फायर सीजन 15 जून तक चलेगा। इसके बाद जब बारिश शुरू हो जाएगी तो ये खत्म हो जाएगा। - Dainik Bhaskar
हिमाचल में फायर सीजन 15 जून तक चलेगा। इसके बाद जब बारिश शुरू हो जाएगी तो ये खत्म हो जाएगा।

कम बारिश और बर्फबारी के कारण इस बार फायर सीजन 15 अप्रैल से नहीं एक अप्रैल से शुरू हो रहा है, वन विभाग ने अपने कर्मचारियों को अलर्ट पर रख दिया है और उनकी छुट्टियां भी रद्द हो जाएंगी। आपातकाल में ही उन्हें छुट्टियां मिलेगी। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस बार बारिश कम होने से जंगलों में आग लग रही है।

इसी को देखते हुए 1 अप्रैल से फायर सीजन शुरू हो जाएगा। हिमाचल में फायर सीजन 15 जून चलेगा। इसके बाद जब बारिश शुरू हो जाएगी तो फायर सीजन हिमाचल में समाप्त हो जाएगा। वनों को आग से बचाने के लिए वन विभाग ने फायर वाचर भी तैनात किए हैं। ये फायर वाचर अपनी-अपनी बीट पर तैनात रहकर ये सुनिश्चित करेंगे कि जंगलों में आग तो नहीं लगी है।

कई बार कुछ शरारती तत्वों द्वारा भी जंगलों मे आग लगा दी जाती है। ऐसे में ये फायर वाचर जंगल की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे और अगर ऐसी कोई घटना होती है तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करेंगे।

प्रदेश में 80 रेंज बेहद संवेदनशील: राज्य में 80 रेंज ऐसी है जोकि बेहद संवेदनशील है। यहां पर आग लगने की घटनाएं सबसे ज्यादा आती है, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा, सोलन में ज्यादा ऐसी रेंज है जहां पर आग लगने की घटनाएं ज्यादा आती है। ऐसे में वन विभाग की ओर से हर एक रेंज को टैक्सी दी जाती है ताकि समय रहते यहां पर कर्मी, अधिकारी पहुंच कर स्थिति को संभाले, इसके अलावा इन रेंज में जंगलों को आग से बचाने के लिए पानी का टैंकर भी दिया जाता है, ताकि मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया जा सके।

इस बार बारिश कम होने से 15 दिन पहले फायर सीजन शुरू हो जाएगा। वनों को आग से बचाने के लिए पूरी तैयारियां की जा चुकी है, सामान उपकरण खरीदने के लिए फील्ड में पैसा दिया जा चुका है। फायर वाचर तैनात किए गए हैं। वन कर्मियों को आपातकाल में ही छुट्टियां दी जाएगी।
-सविता शर्मा, पीसीसीएफ वन

खबरें और भी हैं...