सेब सीजन शुरू / इस बार आढ़ती और लदानी ऑनलाइन ही बेचेंगे सेब, बागवानाें काे पेमेंट करने की पूरी जिम्मेदारी आढ़ती की हाेगी

This time the jobber and ladani will sell the apples online, they will take full responsibility to pay for the plantations.
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This time the jobber and ladani will sell the apples online, they will take full responsibility to pay for the plantations.

  • काेरोना का प्रभाव: अधिकतर मंडियाें के आढ़तियाें ने किया संपर्क, वीडियाे काॅल करके बेचेंगे अपना सेब

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 06:16 AM IST

शिमला. (जाेगेंद्र शर्मा)  सेबाेत्पादक क्षेत्राें में सेब सीजन शुरू हाे गया है। इस बार सेब काे बेचने का आढ़तियाें ने अनूठा विकल्प निकाला है। बाहरी राज्याें से इस बार लदानी सेब खरीदने के लिए नहीं आ रहे हैं, ऐसे में आढ़तियाें ने वीडियाे काॅल और ऑनलाइन ही सेब काे बेचने का तरीका निकाला है। देश के किसी भी राज्य में बैठे लदानियाें के साथ आढ़ती मंडियाें से सीधे ऑनलाइन जुडेंगे।

वहीं से बाेलिया लगेगी, इसके बाद आढ़ती सेब का ट्रक लाेड कराकर उक्त लदानी काे भेज देंगे। जबकि बागवानाें काे पेमेंट करने की पूरी जिम्मेदारी आढ़ती की हाेगी। स्थानीय आढ़तियाें काे एक सप्ताह के अंदर बागवान काे पेमेंट करनी हाेगी। पराला सब्जी मंडी के आढ़ती अतुल राजटा का कहना है कि इस बार भी उन्हाेंने लदानियाें से संपर्क किया है। कुछ लदानी काेराेना वायरस के चलते मंडियाें में नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में हम उनसे संपर्क बना रहे हैं। उन्हें वीडियाे काॅल के माध्यम से सेब बेचेंगे। बागवानाें काे किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। 
इस तरह बिकेगा आपका सेब 

  • सेब मंडियाें में बागवान जब सेब की पेटियां लाएंगे ताे कमीशन एजेंट यानि की आढ़ती उसकी बाेलियां लगाएंगे। 
  • उदाहरण के लिए दिल्ली के आजादपुर मंडी में अगर काेई लदानी बैठा है ताे वहीं से आढ़ती के माध्यम से सेब की बाेली लगाएगा। 
  • बागवान काे लगता है की उसे अपने सेब की पेटियां उक्त लदानी काे देनी है ताे वह हामी भरेगा, अन्यथा आढ़ती सेब आगे नहीं बेच पाएगा। 
  • सेब काे दूसरे राज्याें की मंडियाें में भेजने का काम आढ़ती ही करेगा, बागवानाें काे पेमेंट भी आढ़ती ही करेंगे। 

टाइडमैन पहुंचा, 72 रुपए किलाे बिका 

सेब की पहली खेप बागवानों के लिए खुशी लेकर आई है। 72 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब में 25 किलो बॉक्स मंडी में बिका है। अर्ली वैरायटी के रेड जून और टाइड मैन वैरायटी का सेब बाजार में उतरा है, लेकिन आने वाले 10 दिन में सेब सीजन रफ्तार पकड़ेगा। सेब की पहली खेप तैयार होने वाली किस्म का सेब रेड जून व अर्ली चीप भट्टाकुफर स्थित फल मंडी में कोटखाई और करसाेग क्षेत्रों से आया है। 25 किलो सेब की पेटी 1000 से 1800 रुपये में बिक रही है। 

बागवानाें काे सबसे बड़ी परेशानी मजदूराें की 

बागवानाें काे सबसे बड़ी परेशानी मजदूराें की हाे रही है। अपर शिमला में हाेने वाला करीब 3200 कराेड़ का सेब काराेबार संकट में आ गया है। लाेअर बेल्ट में सेब सीजन लगभग शुरू हाे गया है। जबकि मजदूर नहीं मिल रहे हैं। नेपाल से भी अभी तक काफी कम मजदूर प्रदेश में पहुंचें हैं। ऊपरी क्षेत्र रोहड़ू, काेटखाई, काेटगढ़, नारकंडा, रामपुर, ठियाेग,मतियाणा, चाैपाल में सेब सीजन के लिए अभी तक काफी कम नेपाली मजदूर आए हैं।

हिमाचल में 1 लाख 13 हजार 154 हैक्टेयर क्षेत्र में 3 लाख 68 हजार 603 मीट्रिक टन सेब का उत्पादन हाेता है। सेब का अधिक उत्पादन जिला शिमला, किन्नाैर, मंडी, कुल्लू में अधिक हाेता है और ये पूरी तरह से लेबर पर ही डिपेंड है। अकेले जिला शिमला में सेब के कुल उत्पादन का 60 से 65 प्रतिशत सेब उत्पादन हाेता है।

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