छठे सेमेस्टर के छात्राें काे प्रमाेट करने की तैयारी / आज सरकार जारी कर सकती है आदेश, हरियाणा की तर्ज पर हाे सकते हैं प्रमाेट

Today, the government can issue orders, can go on the lines of Haryana
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Today, the government can issue orders, can go on the lines of Haryana

  • काेराेनावायरस के बढ़ते मामलों के चलते प्रदेश में 16 जुलाई से परीक्षाएं करवाना संभव नहीं

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 08:28 AM IST

शिमला. (जाेगेंद्र शर्मा) हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से संबंधित काॅलेजाें में परीक्षाओं काे करवाने काे लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। काेराेना के बढ़ते मामलाें काे देखते हुए फिलहाल प्रशासन की ओर से छठे सेमेस्टर के 32 हजार छात्राें काे प्रमाेट करने की तैयारी की है। हालांकि, इसके लिए अभी सरकार मंजूरी मिलना बाकी है। आज सरकार परीक्षाओं काे करवाने पर निर्णय देगी।

फिलहाल अंडर ग्रेजुएट की परीक्षाएं एचपीयू की ओर से 16 जून से निर्धारित की गई है। प्रशासन की ओर से संभावित डेटशीट जारी की गई है। अगर सरकार यूजी के छठे सेमेस्टर और वार्षिक सिस्टम में छात्राें काे प्रमाेट करने काे हरी झंडी देती है ताे इस बार परीक्षाएं नहीं हाेगी। सीमा काॅलेज के प्रिंसिपल प्राे. बृजेश चाैहान का कहना है कि हमें तैयारियाें के लिए प्रशासन की ओर से कहा गया है।

अब बताया गया है कि छठे सेमेस्टर के छात्राें काे प्रमाेट करके उन्हें डिग्री दे दी जाएगी। हमने सभी तरह की तैयारियां शुरू कर दी है, लेकिन साेशल डिस्टेंसिंग के तहत परीक्षाएं करवाना आसान नहीं हैं। क्याेंकि, यूजी में एक साथ डेढ़ लाख स्टूडेंट परीक्षा देेंगे। 
हरियाणा पैटर्न काे अपना सकता है विवि: हायर एजुकेशन एंड टेक्निकल एजुकेशन हरियाणा की ओर से फाइनल सेमेस्टर के छात्राें काे प्रमाेट किया गया है। 50 फीसदी पिछली कक्षाओं के नंबर और 50 फीसदी हाउस टेस्ट और असाइनमेंट के बेस पर छात्राें काे डिग्रियां दी गई है। इसी तर्ज पर अब एचपीयू भी छात्राें काे प्रमाेट करने का प्लान बना रहा है। 

आठ परीक्षाएं करवाना आसान नहीं 

यूजी के छात्राें काे परीक्षा देने के लिए इस बार भी आठ परीक्षाएं काे देनी पड़ेगी। प्रत्येक परीक्षा 70 अंकाें की हाेती है। एक परीक्षा देने के लिए तीन घंटें का समय लगता है। ऐसे में इस बार भी छात्राें पर दबाव है कि अगर 16 जुलाई से परीक्षाएं हाेती है कि इसके लिए गैप सिस्टम खत्म किया जा सकता है। क्याेंकि कम समय हाेने के चलते विवि प्रशासन की ओर से गैप सिस्टम रखने से परिणाम काे निकालने में देरी हाेगी। इसलिए छात्राें काे अभी से इन परीक्षाएं की तैयारी करनी पड़ेगी।

ये तय, एचपीयू नहीं जाएंगे पेपर 

एचपीयू की ओर से ये तय कर दिया गया है कि प्रदेश भर के काॅलेजाें में अगर 16 जुलाई से एग्जाम हाेते हैं ताे इस बार चेक होने के लिए पेपर एचपीयू नहीं जाएंगे। पेपराें की चेकिंग एक सेंटर से दूसरे सेंटर में की जाएगी। ताकि,समय की बचत हाे और छात्राें के परीक्षा परिणाम जल्द निकाले जा सके। इससे पहले भी वर्ष 2014 में एचपीयू प्रशासन की ओर से इसी तरह से सेंटराें में ही पेपर की चेकिंग करवाई गई थी। एचपीयू प्रशासन ने प्लान बनाया है कि पेपर की चेकिंग परीक्षा सेंटराें में ही हाेगी। सीक्रेसी काे बनाए रखने के लिए एक सेंटर से दूसरे सेंटर पेपर भेजे जाएंगे।

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