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लोग बेवजह फैला रहे अफवाह:मुश्किल वक्त है लेकिन अफवाह फैलाने से बंद नहीं होगा इंडियन कॉफी हाउस

शिमला25 दिन पहले
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शिमला का इंडियन कॉफी हाउस जहां हर किसी का बैठना सपने से कम नहीं होता। - Dainik Bhaskar
शिमला का इंडियन कॉफी हाउस जहां हर किसी का बैठना सपने से कम नहीं होता।
  • प्रबंधन का ऐसा कोई इरादा नहीं
  • कोरोनाकाल में उठाना पड़ा है नुकसान, लेकिन सोच पॉजिटिव

ये दाैर मुश्किल जरूर है, लेकिन बुरा वक्त चला जाता है। यही लाइनें इंडियन काॅफी हाउस पर भी लागू हाेती हैं। इन दिनाें अफवाहाें का बाजार गर्म है कि शिमला का इंडियन काॅफी हाउस बंद हाे जाएगा। जबकि काॅफी हाउस प्रबंधन ने इसे मात्र अफवाहें करार दिया है।

प्रबंधन का कहना है कि ये वक्त मुश्किल जरूर है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम काॅफी हाउस काे बंद कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनाें से शहर में बात चल रही है कि इंडियन काफी हाउस आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इसलिए अब इसे बंद किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि इंडियन कॉफी वर्कर कोऑपरेटिव सोसाइटी पिछले 10 महीनों से देश के 7 कॉफी हाउस में काम कर रहे ढाई सौ कर्मियों को वेतन नहीं दे पाई है। मौजूदा समय में सोसाइटी का घाटा बढ़ रहा है। जबकि, प्रबंधन का कहना है कि नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन कुछ लाेग अफवाहें फैला रहे हैं कि काॅफी हाउस काे बंद किया जाएगा। जबकि ऐसा कुछ नहीं हैं। कोरोना की दूसरी लहर में एक बार फिर कारोबार पूरी तरह से बंद हाे रहा है। जिसके चलते काॅफी हाउस की कमाई कम हुई है। ऐसे में अब मैनेजमेंट के सामने चुनाैती बन गई है कि कैसे इस कॉफी हाउस काे पटरी पर लाया जाए। ताकि, यहां काम करने वाले कर्मचारियाें काे किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

दो आईसीएच हुआ करते थे

शिमला में दो आईसीएच हुआ करते थे। लोअर बाजार में कांग्रेस पार्टी का पुराना दफ्तर हुआ करता था उस जगह एक और इंडियल कॉफी हाउस था। आजकल इस जगह सहकारी बैंक है। 1988 में इस आईसीएच को बंद कर दिया गया था।

पीएम मोदी ने भी बाहर खड़े होकर पी है यहां कॉफी

दिसंबर 2017 में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए शिमला पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने माल रोड पर कॉफी हाउस की कॉफी का आनंद लिया था। इसके बाद ट्वीट कर लिखा था कि दो दशक बाद भी शिमला के कॉफी हाउस की कॉफी का स्वाद पहले की तरह लाजवाब है। इसके बाद एकाएक शिमला का कॉफी हाउस सुर्खियों में आ गया था।

1957 से चल रहा

शिमला के इंडियन काॅफी हाॅउस की एक दिन की कमाई लगभग 1 लाख 20 हजार के करीब हाेती है। इन दिनाें चार से पांच हजार रुपए की कमाई हाे रही है। इससे थाेड़ा नुकसान हाे रहा है, लेकिन काॅफी हाउस काे बंद नहीं किया जा रहा है। साल 1957 में स्थापित यह कॉफी हाउस शिमला के ऐतिहासिक मालरोड पर स्थित है। यहां कॉफी के अलावा उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्व से लेकर पश्चिम भारत तक के सभी व्यंजन इस कॉफी हाउस में बनाए जाते हैं, जिसका स्वाद चखने के के लिए देश विदेश के पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग भी खूब आनंद लेते हैं। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर वर्तमान में पीएम मोदी भी कॉफी के शौकीन रहे हैं, लेकिन कोरोना वायरस की मार इस कॉफी हाउस काे फिर से चर्चा में लाई है।

काेराेना में मुश्किल जरूर है, लेकिन काॅफी हाउस बंद नहीं हाे रहा है। कुछ लाेग अफवाहें फैला रहे हैं कि काॅफी हाउस बंद हाे रहा है। ऐसा कुछ नहीं हैं। सभी कर्मचारी अपना काम बेहतर तरीके से कर रहे हैं। धीरे धीरे अब लाेग भी काॅफी हाउस में आने लगे हैं।
आत्मा राम, मैनेजर, इंडियन काॅफी हाउस शिमला

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