परेशानी / राजीव आवास योजना के तहत शहरी गरीबों के लिए पांच साल में भी निगम नहीं बना पाया सस्ते मकान

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दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

शिमला. राजीव आवास योजना के तहत शहरी गरीबों को अभी तक सस्ते मकान नहीं मिल पाए हैं। नगर निगम की लेटलतीफी से कई गरीब परिवार अभी तक सस्ते मकान का ही इंतजार कर रहे है। माकपा के कार्यकाल में सस्ते मकानों के लिए केंद्र से बजट मिला था लेकिन अभी तक नगर निगम केवल 76 मकान ही बना पाया है जिसमे भी निर्माण कार्य पूरा किया जाना बाकी है।   केंद्र सरकार के जेएनएनयूआरएम यानि जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीकरणीय मिशन के तहत साल 2012 में कुल 33 करोड़ 99 लाख रुपए मकानों के निर्माण पर खर्च हुए हैं।

योजना के तहत कृष्णानगर को पायलट प्रोजेक्ट के तहत लिया गया है, जिसमें स्लम एरिया में रहने वाले लोगों के लिए मकान बनाए जा रहे हैं। कृष्णानगर वार्ड को नगर निगम आधुनिक ढंग से बसाएगा। बरसात के समय कृष्णानगर वार्ड में कुछ घरों को काफी नुकसान पहुंचा था इन मकानों के बनने से नुकसान से प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिलनी है लेकिन कब तक ये मकान बनेंगे इसके बारे में कुछ नही कहा जा सकता। इसमें से कुछ मकान अब मल्याणा शिफ्ट किये जाने है जिसका स्थानीय पार्षद बिट्टू पाना जमकर विरोध कर रहे है।

224 आवासीय इकाइयों में मिलेगी सुविधा 
इसमें कुल 300 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा है जिसमें नगर निगम कुल 224 मकानों में पात्र लाभार्थियों को बसाएगा। वहीं 76 घरों को नगर निगम किराए पर देगा। प्रोजेक्ट की मंजूरी के समय ही नगर निगम ने पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर दी थी, जिसके नाम भी केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। गौर रहे कि कृष्णानगर वार्ड में सबसे अधिक स्लम एरिया है। यहां पर लोग झुग्गी बस्तियों और ढारों में रहते हैं। इन लोगों के पास रहने के लिए अपने पक्के मकान नहीं है। इसी कारण नगर निगम की ओर से कृष्णानगर वार्ड को चुना गया है ताकि इस वार्ड को आधुनिक ढंग में ढाला जाए।
2012 में केंद्र ने शहरी गरीबों को मकान देने के लिए प्रोजेक्ट को मंजूर किया था। लेकिन निगम की सुस्ती से अब तक मकान नही बन पाए है। इससे गरीब लोगों को उनका हक नही मिल पाया है।-संजय चौहान, पूर्व मेयर और माकपा नेता नगर निगम

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