हिमाचल में उलझता जा रहा वेतनमान का मामला:मुख्यमंत्री ने ACS के साथ किया रिव्यू, वेतन विसंगति को दूर करने को लेकर की चर्चा

शिमला5 महीने पहले
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हिमाचल सरकार का लोगो। - Dainik Bhaskar
हिमाचल सरकार का लोगो।

हिमाचल में कर्मचारियों एवं पेंशनर को नए वेतनमान देने का मामला उलझता जा रहा है। कर्मचारी निरंतर सरकार के खिलाफ मुखर हो रहे हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) वित प्रबोध सक्सेना के साथ बैठक की। इसमें नए वेतनमान पर कर्मचारियों की आपत्तियों को लेकर चर्चा की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रविवार को फिर से कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक करने का निर्णय लिया है। इस बैठक के लिए पांच संघों के कर्मचारी नेताओं को बुलाया गया है।

ACS वित्त को ज्ञापन सौंपते हुए संयुक्त कर्मचारी महासंघ। (फाइल फोटो)
ACS वित्त को ज्ञापन सौंपते हुए संयुक्त कर्मचारी महासंघ। (फाइल फोटो)

सरकार ने कर रखी है छठे वेतनमान की घोषणा

राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों एवं पैंशनर को छठे वेतनमान के लाभ देने की घोषणा कर रखी है। इससे प्रत्येक कर्मचारी के वेतन में 5000 से लेकर 25000 रुपए मासिक की बढ़ौतरी होनी है, लेकिन अधिकतर कर्मचारी वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बनाई जा रहे रुल्स से आशंकित है कि उनके वेतन में पंजाब की तर्ज पर बढ़ौतरी नहीं की जा रही है। इससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान होगा। यही वजह है कि 15 अलग-अलग विभागों के कर्मचारी पंजाब की तर्ज पर वेतनमान के लिए एक मंच पर आए हैं और सरकार को वेतन विसंगति दूर करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दे चुके हैं।

कर्मचारियों ने नहीं होगी रिकवरी

कर्मचारियों के रोष के बाद सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कर्मचारी से रिकवरी नहीं की जाएगी, क्योंकि अंतरिम राहत की दो किश्त पूर्व वीरभद्र सरकार और एक किश्त जयराम सरकार जारी कर चुकी है। इस वजह से कर्मचारियों को रिकवरी होने का भय सता रहा है।