ठियोग में पानी के लिए रोड जाम:NH-5 पर नंगलदेवी में प्रदर्शन, घर-घर नल में जल देने के दावों की खुली पोल

शिमला5 महीने पहले

हिमाचल के शिमला जिला के ठियोग में स्थानीय लोग पानी के लिए सड़कों पर उतर आएं हैं। क्षेत्रवासियों ने चंडीगढ़-शिमला-किन्नौर NH-5 पर नंगलदेवी में बुधवार दोपहर 12 बजे करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुई।

माकपा नेता राकेश सिंघा के नेतृत्व में गुस्साए ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, क्योंकि क्षेत्र में 8 से 10 दिन बाद भी पर्याप्त पेयजल की सप्लाई नहीं हो रही है। इससे देवरीघाट पंचायत के ग्रामीणों में पानी के लिए हाहाकार वाली स्थिति उत्पन्न हो गई है। खासकर पालतू मवेशियों को पानी पिलाना मुश्किल हो गया है।​​​​​

ठियोग के नंगलदेवी में पानी के लिए प्रदर्शन करते हुए लोग।
ठियोग के नंगलदेवी में पानी के लिए प्रदर्शन करते हुए लोग।

देवरीघाट पंचायत के ग्रामीण कई किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के बार-बार आग्रह करने पर भी जल शक्ति महकमा पर्याप्त पेयजल मुहैया कराने में नाकाम रहा है। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।

पेयजल किल्लत पर NH पर उतरे लोग।
पेयजल किल्लत पर NH पर उतरे लोग।

जल शक्ति शक्ति विभाग के अधिकारियों का आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने सड़क को यातायात के लिए बहाल किया। विभाग ने प्रत्येक 5 दिन बाद 1000 लीटर पानी हर परिवार को देने का भरोसा दिया है। देवरीघाट पंचायत में पांच पानी के टैंकर और तीन पिकअप वाहन रोजाना पानी की सप्लाई करेंगे।

मजबूरी में सड़कों पर उतरे लोग

देवरीघाट पंचायत के पूर्व प्रधान बालकृष्ण बाली ने बताया कि पानी की कमी की वजह से ग्रामीणों ने मजबूरी में सड़कों पर उतरने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि जब से ओड खड्ड की पेयजल परियोजना को विभाग ने बंद किया है, उसके बाद से हर साल देवरीघाट पंचायत के लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है।

पहले की और मौजूदा सरकार में नहीं कोई अंतर: राजेंद्र

नंगलदेवी निवासी एवं वरिष्ठ नागरिक राजेंद्र ने बताया कि कागजों में "घर घर नल में जल' के दावे किए जा रहे हैं, जो कौरे साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले 50 साल राज करने वाली सरकार और मौजूदा सरकार में कोई अंतर नहीं है। स्थानीय विधायक राकेश सिंघा ने जल शक्ति विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वादे के मुताबिक लोगों को पानी नहीं दिया गया तो क्षेत्र में विभाग के खिलाफ आंदोलन को उग्र किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के पास पालतू मवेशी है उन्हें अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़पड़ रहा है।

पानी के लिए सड़कों पर उतरे लोग।
पानी के लिए सड़कों पर उतरे लोग।

नंगलदेवी में ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद NH पर सड़क के दोनों और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। इससे वाहनों में सफर करने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

अन्य भागों में भी सूखने लगी पेयजल योजनाएं

कमोवेश यही हालात प्रदेश के कई अन्य क्षेत्रों में भी बनने लगे हैं। शिमला जिला के कलजू, भोगड़ा, धर्मपुर, नारकंडा, मत्याना, ठियोग, शिलारु, हमीरपुर के बड़सर, चंबा, मंडी, सोलन, सिरमौर के दर्जनों गांव में लोग पानी की बूंद-बूंद को तरसना शुरू हो गए हैं।