विदेशी आ रहे प्रदेश:दादा की रासायनिक खेती से हुई मौत तो हिमाचल आकर ऑर्गेनिक खेती सीखने लगीं फ्रांस की कैराेल

शिमला2 महीने पहलेलेखक: पूनम भारद्वाज
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हिमाचल की ऑर्गेनिक खेती की विदेशाें में भी खूब चर्चा है। यही वजह है कि विदेशी अब प्रदेश की ऑर्गेनिक खेती के गुर सीखने हिमाचल आ रहे हैंं। फ्रांस से 28 साल की कैराेल डूरंड अपने सहयाेगी महाराष्ट्र के शहजाद प्रभु के साथ ऑर्गेनिक खेती की बारीकियों काे जानने के लिए इन दिनाें हिमाचल आई हुई हैं।

डूरंड ने बताया कि वह 5 साल पहले योग सीखने भारत आई थीं। इस बीच उनका रूझान गैर रासायनिक कृषि की खाेज की ओर बढ़ा। उन्हें हिमाचल में की जाने वाली ऑर्गेनिक खेती के बारे में पता चला व वह इसकी बारीकियों काे जानने के लिए यहां आई हैं।

इस दाैरान उन्हाेंने यहां पर कांगड़ा, मंडी शिमला और साेलन जिला में जा कर उन किसानाें से मुलाकात की जाे अपनी जमीन पर रसायनमुक्त खेती करके ऑर्गेनिक खेती से पैदावार काे बढ़ावा दे रहे हैं। शहजाद प्रभु ने बताया कि किसानाें से मिल कर ऑर्गेनिक खेती के बारे में जानकारी जुटाना एक बहुत अच्छा अनुभव रहा है। डूरंड ने रासायनिक खेती के दुष्प्रभाव के बारे में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उनके यहां पर रासायनिक खेती ने किसानाें के स्वास्थ्य काे काफी नुकसान पहुंचाया है।

उन्हाेंने कहा कि उनके दादा जी भी एक किसान थे। फ्रांस में वह स्ट्राबेरी की खेती करते थे जिसमें वह लगातार रासायनिक स्प्रे किया करते थे। इस उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ा और वह मस्तिष्क के कैंसर से मर गए क्याेंकि स्ट्राॅबेरी काे लगातार रासायनिक स्प्रे की जरुरत हाेती थी। उन्हाेंने कहा कि वह अपने सहयाेगी प्रभु के साथ आजीविका के विकल्प के रूप में गैर रासायनिक कृषि की संभावनाओं की खाेज में हिमाचल आई है। उन्हाेंने ऑर्गेनिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यकारी निदेशक डॉक्टर राजेश्वर सिंह चंदेल, राज्य परियोजना निदेशक राकेश कंवर से आपने विचार साँझा कर यहां पर किसानाें द्वारा की जा रही ऑर्गेनिक खेती को अदभुत बताया।

प्रदेश में 1.33 लाख से ज्यादा किसान कर रहे प्राकृतिक खेती
प्रदेश में 7609 हेक्टेयर भूमि पर 1 लाख 33 हजार से ज्यादा किसान ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं। राज्य सरकार पिछले तीन साल से प्रदेश में ऑर्गेनिक खेती काे प्रमाेट कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने कई याेजनाएं भी शुरू की है। इस साल सरकार ने 50 हजार नए किसानाें काे ऑर्गेनिक खेती से जाेड़ने का लक्ष्य रखा है।

क्या है ऑर्गेनिक खेती
ऑर्गेनिक खेती में हाइब्रिड बीज का उपयोग नहीं किया जाता है। किसान को बाजार से खाद, उर्वरक, कीटनाशक, बीज खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है, इससे उत्पादन की लागत शून्य रहती है। ऑर्गेनिक खेती देसी गाय के गोबर व गौमूत्र पर आधारित है।

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