बालासुंदरी मंदिर में चैत्र नवरात्रों को लेकर SOP जारी:बिना कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के मंदिर में नहीं मिलेगा प्रवेश; प्रसाद चढ़ाने पर रहेगी पाबंदी, लंगर भी नहीं लगा पाएंगे

नाहन2 महीने पहले
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शारदीय नवरात्रों को लेकर सजा माता बालासुंदरी मंदिर। - Dainik Bhaskar
शारदीय नवरात्रों को लेकर सजा माता बालासुंदरी मंदिर।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला स्थित बालासुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में चैत्र नवरात्रों को लेकर एसओपी जारी हो गई है। प्रशासन ने एसओपी में साफ कहा है कि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को नाकों पर RTPCR की निगेटिव रिपोर्ट और वैक्सीन के सर्टिफिकेट दिखाने होंगे, तभी प्रदेश में प्रवेश मिल पाएगा। जिला प्रशासन सिरमौर ने महामाया बालासुंदरी मन्दिर त्रिलोकपुर में 7 से 20 अक्टूबर तक नवरात्रों के लिए पुजारियों, दुकानदारों, होटल, ढाबे व स्वास्थ्य कर्मियों समेत श्रद्धालुओं के लिए एसओपी जारी कर दी। इस बार मंदिर परिसर में बिना मास्क के पाए जाने पर श्रद्धालुओं का चालान काटा जाएगा। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को जिला सिरमौर में प्रवेश के लिए 72 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट और 24 घंटे के भीतर की रैपिड निगेटिव रिपोर्ट या कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज का प्रमाण पत्र दिखाना होगा।

एक समय में केवल एक ही पुजारी जा सकेगा पूजा करने
एक समय में केवल एक ही पुजारी जा सकेगा पूजा करने

प्रसाद और मौली वितरण पर प्रतिबंध

आदेशानुसार पुजारी द्वारा प्रसाद, मौली का वितरण नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सामूहिक या व्यक्तिगत पूजा-अर्चना, कन्या पूजन व मुंडन पर भी प्रतिबंध रहेगा। जबकि कोविड प्रोटोकॉल के तहत हवन करने की अनुमति होगी। गर्भ गृह में एक समय में एक ही पुजारी पूजा करेगा। सभी पुजारी मंदिरों में कोविड-19 के लिए जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना करेंगे। मंदिर परिसर के समीप स्थित होटल व ढाबा मालिकों को कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करना होगा। इसके अतिरिक्त दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर कुछ भी प्रदर्शित नहीं कर सकेंगे। सफाई कर्मचारी दिन में तीन बार मंदिर परिसर में सफाई करेंगे व एकत्रित कचरे को समय पर निष्पादन स्थल पर पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे।

थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मिलेगा मंदिर में प्रवेश

उपायुक्त सिरमौर राम कुमार गौतम ने बताया कि महामाया बालासुंदरी मन्दिर में श्रद्धालुओं को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश करने की अनुमति होगी। यदि थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान किसी श्रद्धालु में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे मन्दिर में प्रवेश की अनुमति नही दी जाएगी। श्रद्धालुओं को कोविड-19 के एसएमएस प्रोटोकॉल का पालन करना होगा, जिसके अतंर्गत उचित दूरी, मास्क पहनना, हाथों को सैनिटाइज करना शामिल है। मंदिर प्रवेश के दौरान श्रद्धालुओं को न्यूनतम 6 फुट की दूरी बनाए रखनी होगी। इसके अतिरिक्त, मंदिर में दर्शन के दौरान मूर्तियों को छूने तथा चुन्नी चढ़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। मंदिर में भजन-कीर्तन की अनुमति नहीं होगी। जबकि धर्मशालाओं में 50 प्रतिशत क्षमता पर रात्रि ठहराव की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त मंदिर परिसर के बाहर लगने वाले लंगर की अनुमति भी नहीं होगी।

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