नाबालिगा से दुष्कर्म करने पर 10 साल कैद:20 हजार रुपए लगाया जुर्माना; पीड़िता को 6 लाख रुपए मुआवजा राशि

रामपुर3 महीने पहले
प्रतीकात्मक फोटो।

हिमाचल प्रदेश के रामपुर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमल चंदेल की आदलत ने नाबालिगा को भगाने और दुष्कर्म करने के जुर्म में युवक को 10 साल कैद व 20 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।

2016 में नाबालिगा के पिता ने ननखड़ी पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी बेटी की दोस्ती गांव खनेवड़ी निवासी रोहित के साथ थी। रोहित उसकी बेटी काे बहला फुसलाकर घर से ले गया। जिसके बाद रोहित के माता पिता ने दोनों को घर में नहीं आने दिया और लड़की को नाबालिगा कहते हुए वापस जाने काे कहा। जिसके बाद रोहित उसकी बेटी को रोहड़ू निवासी अपने दोस्त के यहां ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

जिसके बाद पुलिस ने दोनों को डूमरेडा से काबू कर लिया। जिस पर ननखड़ी थाना पुलिस ने रोहित के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश कमल चंदेल की आदलत ने रोहित को नाबालिगा को भगाने और दुष्कर्म करने के जुर्म में 10 साल कैद व 20 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को 6 लाख रुपए मुआवजा राशि के तौर पर दी जाएगी।