निबंध लेखन में बिंती प्रथम:रामपुर कॉलेज में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यशाला, रंगोली में मोनिका शर्मा ने बाजी मारी

रामपुर2 महीने पहले
शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यशाला में मौजूद स्टूडेंट्स व शिक्षक।

हिमाचल के शिमला स्थित PG कॉलेज रामपुर में सोच साहित्यिक समिति अंग्रेजी विभाग एवं महिला शिकायत एवं निवारण प्रकोष्ठ के सहयोग से संबंधित 2 दिवसीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का निर्देशन अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.राजेश नेगी, डॉ. प्रियंका ठाकुर, प्रो. प्रियंका, डॉ. गौरव सूद और महिला शिकायत एवं निवारण प्रकोष्ठ की समन्वयक डॉ. गीता शर्मा द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. PCR नेगी बतौर मुख्यअतिथि और डॉ. राजन नेगी विशिष्ट अतिथि मौजूद रहीं। 2 दिवसीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यशाला में विद्यार्थियों ने प्रतिभा के जौहर दिखाए।

विभिन्न प्रतियोगिताओं में ये रहे विजेता
इसमें कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में बिंती ने पहला और प्रियल ठाकुर ने दूसरा स्थान झटका। लघु कहानी लेखन में प्रथम स्थान चमन, द्वितीय स्थान आर्यन ने हासिल किया। नारा लेखन में प्रथम स्थान कुसुम, द्वितीय स्थान सुनिधी चौहान, पोस्टर मेकिंग में प्रथम स्थान अलिशा, द्वितीय स्थान प्रिया नेगी, रंगोली में प्रथम स्थान मोनिका शर्मा, द्वितीय स्थान याचिका ठाकुर ने हासिल किया।

वहीं, भाषण में प्रथम स्थान हिमालयन, द्वितीय स्थान आर्ची ठाकुर और कविता वाचन में प्रथम स्थान साक्षी, द्वितीय स्थान स्मृति ने हासिल किया।

स्टूडेंट्स द्वारा बनाई गई रंगोली।
स्टूडेंट्स द्वारा बनाई गई रंगोली।

सृष्टि के विकास में महिलाओं की विशेष भूमिका पर प्रकाश डाला
प्राचार्य PCR नेगी ने अपने संबोधन में महिलाओं को पुरुषों से अधिक शक्तिशाली बताया। उन्होंने सृष्टि के विकास में महिलाओं की विशेष भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. राजन नेगी ने लैंगिक समानता पर अपने विचार रखे। बच्चों को घरों से ही लैंगिक समानता सिखाई जा सकती है। यही बच्चे कल का भविष्य हैं और एक स्वस्थ मानसिकता वाले लोग ही एक अच्छे समाज का निर्माण कर सकते हैं।

कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों के बारे में बताया
डॉ. गीता शर्मा ने महिलाओं के कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों के बारे में सभी को अवगत कराया। कानून में महिलाओं के उत्पीड़न संबंधी प्रावधान किए गए हैं, जहां महिला अपने खिलाफ हो रहे अपराधों के लिए शिकायत कर सकती हैं। महाविद्यालय की छात्राओं को भी उनके साथ होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पीड़न जो उनके अध्ययन क्षेत्र, परिवार, समाज में हो रहे अपराधों के प्रति सतर्क रहने एवं उससे संबंधित कानूनों की जानकारी भी दी।