18वीं बार वोट डालने को तैयार श्याम शरण नेगी:विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के पहले मतदाता 104 वर्षीय बुजुर्ग 1951 से कर रहे मतदान

किन्नौर3 महीने पहले
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विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के पहले मतदाता श्याम शरण नेगी 18वीं बार वोट डालने के लिए तैयार हैं। मंडी संसदीय उपचुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त केंद्रीय व्यय पर्यवेक्षक भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी विमल कुमार मीणा उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने उनके आवास पर भेंट की व उनकी कुशलक्षेम जानी।

भेंट के दौरान व्यय पर्यवेक्षक विमल कुमार मीणा ने प्रथम मतदाता श्याम शरण नेगी को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए गौरव का विषय है कि 104 वर्ष की आयु में भी देश के प्रथम मतदाता श्याम शरण नेगी वोट डालने को तैयार हैं। युवाओं को देश के प्रथम मतदाता श्याम शरण नेगी से प्रेरणा लेनी चाहिए तथा अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।

भेंट किए वस्त्र
व्यय पर्यवेक्षक विमल कुमार मीणा ने देश के प्रथम मतदाता श्याम शरण नेगी को वस्त्र भेंट करके सम्मानित किया। उनके साथ सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा स्वाति डोगरा व व्यय पर्यवेक्षक के संपर्क अधिकारी रितेश पटियाल मौजूद थे।

श्याम शरण नेगी से मुलाकात करते हुए अधिकारी विमल कुमार मीणा।
श्याम शरण नेगी से मुलाकात करते हुए अधिकारी विमल कुमार मीणा।

1951 से लेकर आज तक किया अपने मत का प्रयोग

श्याम शरण नेगी ने व्यय पर्यवेक्षक से देश के प्रथम संसदीय चुनाव से लेकर अब तक हुए चुनाव के अनुभवों को भी सांझा किया। श्याम शरण नेगी ने बताया कि वर्ष 1951 में आयोजित प्रथम संसदीय चुनाव से लेकर आज तक उन्होंने सभी लोकसभा, विधानसभा व पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में मताधिकार का प्रयोग किया।

वे 30 अक्तूबर, 2021 को होने वाले उपचुनाव में भी मतदान करने के लिए तैयार हैं। लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने विनय कुमार मीणा के उनके आवास पर आकर उनके कुशलक्षेम जानने व बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने के लिए आभार जताया।

आजाद भारत के पहले मतदाता श्याम शरण नेगी।
आजाद भारत के पहले मतदाता श्याम शरण नेगी।

पहला मतदाता बनने की कहानी बड़ी रोचक

श्याम शरण नेगी का जन्म 1917 को किन्नौर जिला के कल्पा गांव में हुआ। 104 साल के श्याम शरण अपने पुश्तैनी गांव में रहते हैं। 1940 से 1946 तक वन विभाग में गार्ड की नौकरी की। उसके बाद शिक्षा विभाग में चले गए और कल्पा लोअर मिडिल स्कूल में अध्यापक बने। देश में 1952 में पहला लोकसभा चुनाव हुआ। लेकिन किन्नौर में भारी हिमपात के चलते 6 महीने पहले अक्टूबर 1951 में ही चुनाव हो गए।

पहले चुनाव के समय श्याम शरण किन्नौर के मूरंग स्कूल में अध्यापक थे। चुनाव करवाने में उनकी ड्यूटी लगी थी, लेकिन वोट डालने का इतना शौक था और ड्यूटी शोंगठोंग के मुरंग में थी और वोट कल्पा में डालना था तो उन्होंने सुबह-सुबह वोट देकर ड्यूटी पर जाने की इजाजत मांगी। सुबह-सुबह ही वह अपने मतदान स्थल पर पहुंच गए। 6:15 बजे मतदान पार्टी पहुंची।

नेगी ने जल्दी मतदान करवाने का निवेदन किया। मतदान पार्टी ने रजिस्टर खोल कर उन्हें पर्ची दी। मतदान करते ही इतिहास बन गया और श्याम शरण नेगी आजाद भारत के पहले मतदाता बन गए।