लॉकडाउन / सोलन शहर के रेलवे रोड पर पर 14 साल से चल रही पार्किंग बनाने की प्रक्रिया

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दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

सोलन. शहर के लोगों को राहत देने के लिए रेलवे रोड पर पार्किंग का निर्माण हो रहा है,लेकिन इसका एक फेज बनने के बाद ही काम बंद हो गया है। बन कर तैयार हुआ एक फेज भी उपयोग में नहीं लाया जा रहा है क्योंकि इसकी प्रक्रिया लॉकडाउन की वजह से रुक गई। यहां दूसरे फेज के लिए जगह खाली पड़ी हुई है। निर्माण कार्य शुरू हो तो लोगों को मालरोड पर पार्किंग की सुविधा मिलेगी।

वैसे भी इस पार्किंग के लिए लोग 14 साल से इंतजार कर रहे हैं। 2006 में इस पार्किंग का शिलान्यास किया गया था, पहले कानूनी अड़चनों की वजह से काम नहीं हो पाया, अब दूसरे फेज का काम शुरू नहीं हो रहा है। यहां पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में पार्किंग का निर्माण होना है। इस पर पांच करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। इसका काम बीएसएनएल के माध्यम से करवाया जा रहा है। शहर की सबसे बड़ी समस्या है पार्किंग की। मालरोड पर किसी को सामान की खरीदारी करनी हो तो गाड़ी खड़ी करने के लिए जगह नहीं। इसी कारण यहां के दुकानदार भी गाड़ी नहीं ला पाते।

पार्किंग की समस्या शहर में नई नहीं है, इससे निजात के लिए मालरोड पर भी दो मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण की योजना बनाई गई। इसमें एक पुराने बस स्टैंड के पास बननी थी जो आज कागजों में दब कर रह गई है। यह योजना सेना से जमीन के इश्यू के कारण लटकी हुई है। जबकि दूसरी रेलवे रोड पर बन रही है। शहर में इस समय करीब 25 हजार गाड़ियां हैं और पार्किंग पांच हजार गाड़ियों के लिए भी नहीं है।
100 गाड़ियां हो सकेंगी पार्क : इस पार्किंग के तैयार होने पर यहां करीब100 छोटी गाड़ियों को खड़ा करने की सुविधा मिलेगी। खासकर, मालरोड पर खरीदारी के लिए आने वाले लोगों और व्यवसायियों को इसका लाभ मिलेगा। अभी ओल्ड डीसी ऑफिस के पास एक छोटी पार्किंग है जहां सिर्फ 40 गाड़ियां पार्क हो सकती हैं। इस कारण मालरोड के अधिकतर दुकानदार गाड़ियां नहीं ला पाते।
बीएसएनएल को जारी की है 50 लाख की किस्त : नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार ने कहा कि पार्किंग का निर्माण बीएसएनएल के माध्यम से करवाया जा रहा है।50 लाख रुपए की किस्त काम के लिए जारी की है। जल्द दूसरे फेज का काम भी शुरू होने वाला है।

14 साल पहले वीरभद्र सिंह ने किया था शिलान्यास
रेलवे रोड पर पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया14 साल से चल रही है। 6 अप्रैल, 2006को तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसका शिलान्यास किया था। उसके बाद यह मामला कोर्ट में चला गया। मामला सुलझने के बाद2017 में पार्किंग के लिए पांच करोड़ रुपए मंजूर किए गए और फिर जमीन का पूजन हुआ। भाजपा सरकार आने के बाद इस पर काम शुरू हुआ। इसका एक फेज तैयार भी हो गया। इका टैंडर भी लगाया गया था,लेकिन बीच में कोरोना की वजह लॉकडाउन हो गया तो प्रक्रिया फिर से करनी होगी।

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