शादी में खाने के लिए दलितों की अलग लाइन:शिलाई में राजपूत और दलित समुदाय के लिए बना अलग-अलग खाना, पुलिस के पास पहुंची शिकायत

पौंटा साहिबएक महीने पहले
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शिकायत देते भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष विपिन कुमार। - Dainik Bhaskar
शिकायत देते भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष विपिन कुमार।

हिमाचल के जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र के एक गांव में हुए समारोह में दलित समाज के लोगों के लिए अलग खाना बनाने और उन्हें अलग लाइन में परोसने का मामला सामने आया है। इसको लेकर भीम आर्मी ने पुलिस थाने शिलाई में शिकायत दर्ज करा दी है। इस समारोह में दलित और राजपूत दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग खाना बनाया गया था। और अलग-अलग लाइनों में खाना खिलाया गया।

भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष विपिन कुमार ने शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा कि शादी समारोह के दौरान दलित लोगों को अलग खाना परोसने का एक वीडियो वायरल हुआ है। हम इस तरह की प्रथा का कड़ा विरोध करते हैं और इन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी करते हैं।

वायरल वीडियो में अलग से खाना परोसने की बात

उन्होंने कहा कि जिस तरह दलित लोगों को अलग खाना खिलाने के निर्देश वायरल वीडियो में दिए जा रहे हैं वह शर्मनाक है। एक तरफ जहां इस 21वीं सदी में छुआछूत को कलंक के रूप में माना जाता है। ऐसे में शिलाई की एक पंचायत में शादी समारोह के दौरान छुआछूत का वीडियो वायरल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवा दी है।

जाति भेदभाव चरम पर

शिलाई बीडीसी मेंबर अनिल कुमार ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में छुआछूत और जाति भेदभाव चरम पर है ऐसे क्षेत्र को ट्राइबल एरिया घोषित करना बेहद चिंता का विषय होगा।

समाजसेवी सुरेन्द्र सिंह धर्मा ने बताया कि आज हम 21वीं सदी में जहां वैज्ञानिक दृष्टिकोण की तरफ अग्रसर हो रहे हैं। वहीं सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के पोहटा मानल में जाति के आधार पर दलित वर्ग को अलग खाने के लिए बैठाया जाता है। यह बहुत ही शर्मनाक बात है।

उन्होंने बताया कि जातीय भेदभाव चरम सीमा पर देखने को मिल रहा है जो कि देश की एकता अखंडता और भाईचारे को बिगाड़ने का काम करती है। समाज में इस तरह से किसी वर्ग का शोषण न हो इसलिए एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज होना चाहिए।