सिरमौर में टारगेट से कम गेहूं की खरीद:50 हजार क्विंटल का था लक्ष्य, अनाज मंडियों में सिर्फ 18 हजार क्विंटल फसल पहुंची

पौंटा साहिबएक महीने पहले
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अनाड मंडी में गेहूं के बोरे। - Dainik Bhaskar
अनाड मंडी में गेहूं के बोरे।

हिमाचल के जिला सिरमौर में इस साल गेहूं उत्पादन में 60 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। जिला के 3 गेहूं खरीद केंद्रों धौलाकुआं और हरिपुर टोहाना में ये गिरावट दर्ज की गई है। कालाअंब खरीद केंद्र में तो कोई भी किसान अपना गेहूं बेचने नहीं आया।

क्षेत्र के किसानों ने अपना गेहूं खुले बाजार में बेचा। क्योंकि एफसीआई की ओर से गेहूं खरीद की जा रही है, उसका रेट 2015 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया था। जबकि खुले बाजार में किसानों को 2200 रुपए तक मिल रहे थे। इस कारण गेहूं खरीद केंद्र पर किसान नहीं पहुंचे। गेहूं खरीद की 20 मई आखिरी तारीख है। अब एक दिन में कोई ज्यादा खरीद होने वाली नहीं है।

652 किसान गेहूं लेकर अनाज मंडियों में पहुंचे

कृषि विभाग ने 50 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन दो अनाज मंडियों में इस साल केवल 18 हजार क्विंटल खरीद हुई है। जिले के केवल 652 किसानों ने अनाज मंडियों में गेहूं बेची है।

बारिश न होने से कम हुई पैदावार

गौरतलब है कि पूरे उत्तर भारत में ही गेहूं की पैदावार में गिरावट आई है। इसका कारण ये भी है कि इस साल समय पर बारिश नहीं हुई। जिससे गेहूं की पैदावार में 60 फीसदी तक की कमी आई है।

कालाअंब में एक भी किसान नहीं पहुंचा

औद्योगिक नगरी कालाअंब में बनाए गए खरीद केंद्र में एक भी किसान ने अपनी फसल नहीं बेची। खरीद केंद्रों पर कम किसानों की गेहूं पहुंचने का यह भी कारण रहा है कि एफसीआई ने गेहूं खरीद का मूल्य 2015 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया। इस वजह से कई किसानों ने खुले बाजार में भी अपनी फसल बेची। कृषि उपनिदेशक राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि इस साल गेहूं की पैदावार काफी कम हुई है। पिछले साल 36 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी। इस बार अभी तक 18 हजार क्विंटल की खरीद हुई।