प्रवासी परिंदो से गुलजार हुई आसन बैराज झील:61 प्रजातियों के करीब 6000 परिदें ​​​​​​​पहुंचे, यहां मार्च तक रहेंगे पक्षी फिर वापस लौटेंगे

पांवटा साहिबएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
आसन बैराज झील पर नजर आए विदेशी मेहमान परिंदें। - Dainik Bhaskar
आसन बैराज झील पर नजर आए विदेशी मेहमान परिंदें।

हिमाचल के जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में हिमाचल व उतराखंड की सीमा पर स्थित आसन बैराज झील में इन दिनों कलरव करते पक्षियों से गुलज़ार हो गई है। यहां पर मीलों दूर से आएं विदेशी मेहमान परिंदों ने दस्तक दे दी है। यहां पर हर साल सर्दी का मौसम शुरू होते ही प्रवासी पक्षी यूरोप मध्य एशिया व साइबेरिया आदि देशों से यहां पर पहुंच रहे है।

61 प्रजातियों के करीब 6000 परिदें आसन बैराज झील पहुंचे
क्योंकि सर्दियों के मौसम में विदेशों में झीलें व समुद्र सतह जम जाती हैं। जिस कारण हजारों मील दूर से प्रवासी परिंदे हर साल नवंबर में आसन झील में पहुंचते है। यह प्रवासी परिंदे पिछले हर साल यहां आते है। पिछले साल यहां पर 61 प्रजातियों के करीब 6000 परिदें हजारों मील दूर से यहां पहुंचे थे।

प्रवासी पक्षी यूरोप मध्य एशिया व साइबेरिया
प्रवासी पक्षी यूरोप मध्य एशिया व साइबेरिया

पांवटा समीप आसन बैराज में पहुंचे परिदों से झील गुलजार ​​​​​​
हिमाचल- उतराखंड सीमा पर पांवटा से करीब 3 किमी की दूरी पर भारत का यह पहला वेट लैंड कंजर्वेशन रिजर्व है। यह 440.44 हेक्टेयर पर फैला हुआ है। यहां पर हर साल सर्दियों में विदेशी परिदें 2000 किमी से भी अधिक की दूरी तय कर पहुंचते हैं। इन दिनों हजारों मील दूर से सफर तय करने के बाद पांवटा समीप आसन बैराज में पहुंचे परिदों से झील गुलजार हो गई है।

उतराखंड, हिमाचल की सीमा पर स्थित है आसन बैराज वेट लैंड झील
आसन बैराज के अलावा उतराखंड व हिमाचल की सीमा के बीच बहती यमुना नदी में भी यह पक्षी डेरा डालते है। आसन बैराज वेट लैंड झील जो कि उतराखंड व हिमाचल की सीमा पर स्थित है। यहां पर व यमुना नदी में भी प्रवासी परिंदे पहुंचते है। विदेशी परिंदों की यहां पर कई प्रजातियां पहुंचती है।

विदेशी परिदों के लिए अनुकूल आसन बैराज झील
जिसमें शेलडक पिनटेल्स रूडी यूरेशियन शावलरए रेड ग्रेस्टर पोचार्ड डक टफ्ड स्पाट बिल मोरगेन टील आदि प्रवासी पक्षी पहुंचते है। गौरतलब है कि मार्च तक यह प्रवासी पक्षी यही पर रहेगें। इसके बाद गर्मियों का मौसम शुरू होते ही हिमाचल व उत्तराखंड की सीमा पर स्थित आसन बैराज झील व यमुना नदी के तट प्रवासी परिंद अपने वतन लौट जाएंगे। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थल विदेशी परिदों के लिए अनुकूल है। यहां पर विदेशी परिंदों की पसंद का हर भोजन इस झील में मौजूद रहता है।

खबरें और भी हैं...